मस्क, टिम कुक और दिग्गज अरबपतियों की फौज लेकर बीजिंग जा रहे हैं ट्रंप! बड़ी डील्स पर होगी नजर

Trump China Visit: व्हाइट हाउस के अनुसार, ट्रंप के साथ दुनिया की सबसे बड़ी कंपनियों के CEOs और अरबपतियों का एक पावरफुल डेलिगेशन भी चीन जा रहा है। इस हाई-प्रोफाइल ट्रिप का मुख्य उद्देश्य चीन के साथ अरबों डॉलर के नए बिजनेस सौदे और खरीद समझौतों को अनलॉक करना है

अपडेटेड May 11, 2026 पर 9:56 PM
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इस हाई-प्रोफाइल ट्रिप का मुख्य उद्देश्य चीन के साथ अरबों डॉलर के नए बिजनेस सौदे को अनलॉक करना है

Trump China Trip: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इसी हफ्ते चीन के ऐतिहासिक दौरे पर जा रहे हैं। ट्रंप का यह दौरा केवल कूटनीतिक लिहाज से ही नहीं, बल्कि वैश्विक व्यापार के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। व्हाइट हाउस के अनुसार, ट्रंप के साथ दुनिया की सबसे बड़ी कंपनियों के CEOs और अरबपतियों का एक पावरफुल डेलिगेशन भी चीन जा रहा है। इस हाई-प्रोफाइल ट्रिप का मुख्य उद्देश्य चीन के साथ अरबों डॉलर के नए बिजनेस सौदे और खरीद समझौतों को अनलॉक करना है।

ट्रंप की 'बिलीनेयर टीम' में कौन-कौन शामिल?

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ होने वाली इस शिखर वार्ता में ट्रंप के साथ अमेरिका के सबसे बड़े कॉरपोरेट चेहरे नजर आएंगे।


एलॉन मस्क (Tesla/SpaceX): ट्रंप के करीबी सलाहकार और टेस्ला के मालिक मस्क इस डेलिगेशन का सबसे बड़ा चेहरा हैं।

टिम कुक (Apple): एपल के सीईओ टिम कुक, जिनकी कंपनी के लिए चीन एक बहुत बड़ा बाजार और मैन्युफैक्चरिंग हब है।

लैरी फिंक (BlackRock): दुनिया की सबसे बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनी के प्रमुख।

स्टीफन श्वार्ज़मैन (Blackstone): निवेश की दुनिया के दिग्गज।

डेविड सोलोमन (Goldman Sachs): वॉल स्ट्रीट के प्रमुख बैंक के सीईओ।

केली ऑर्टबर्ग (Boeing): बोइंग के सीईओ, जो चीन को 500 विमान बेचने की बड़ी डील पर नजर गड़ाए हुए हैं।

अन्य दिग्गज: सिटीग्रुप की जेन फ्रेजर, मेटा की दीना पॉवेल मैककॉर्मिक और क्वालकॉम के क्रिस्टियानो एमोन भी इस लिस्ट में शामिल हैं।

दिलचस्प बात ये है कि दुनिया की सबसे मूल्यवान कंपनी Nvidia के सीईओ जेन्सेन हुआंग इस डेलिगेशन का हिस्सा नहीं हैं, जिसे AI चिप्स के निर्यात को लेकर एक झटके के रूप में देखा जा रहा है।

व्यापार बढ़ाना और तनाव कम करना होगा दौरे का मुख्य एजेंडा

ट्रंप और शी जिनपिंग के बीच यह मुलाकात 13 से 15 मई 2026 के बीच होनी तय हुई है। इसके मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:

'बोर्ड ऑफ ट्रेड' का गठन: राष्ट्रपति ट्रंप एक नए 'बोर्ड ऑफ ट्रेड' की घोषणा कर सकते हैं, जो चीन द्वारा अमेरिकी सामानों की खरीद की निगरानी करेगा।

बड़ी डील्स की उम्मीद: बोइंग के 500 विमानों की खरीद और अमेरिकी कृषि उत्पादों (Soya/Corn) के बड़े एक्सपोर्ट समझौतों पर हस्ताक्षर हो सकते हैं।

क्रिटिकल मिनरल्स: अमेरिका चाहता है कि चीन रेयर अर्थ एलिमेंट्स और महत्वपूर्ण खनिजों की सप्लाई सुनिश्चित करे।

मध्य पूर्व और ईरान: ट्रंप चीन से आग्रह करेंगे कि वह ईरान पर अपने प्रभाव का इस्तेमाल करे ताकि होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में तेल की सप्लाई सुचारू रह सके।

चीन की क्या है मांग?

जहां ट्रंप अमेरिकी सामान बेचने पर जोर दे रहे हैं, वहीं चीन की अपनी शर्तें हैं। चीन चाहता है कि उसकी दिग्गज इलेक्ट्रिक कार कंपनी BYD को अमेरिकी बाजार में प्रवेश मिले। साथ ही बीजिंग चाहता है कि अमेरिका हाई-टेक सेक्टर और AI पर लगाए गए निवेश प्रतिबंधों में ढील दे।

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