Trump-Xi Summit: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक हाई-स्टेक समिट के लिए चीन की राजधानी बीजिंग में हैं। राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ होने वाली यह मुलाकात न केवल अमेरिका-चीन संबंधों की नई दिशा तय करेगी, बल्कि ईरान युद्ध और वैश्विक मंदी के खतरे के बीच पूरी दुनिया की नजरें इस पर टिकी हैं। सबसे खास बात ये है कि ट्रंप के साथ इस यात्रा पर अमेरिका के सबसे बड़े बिजनेसमैन और शीर्ष मंत्रियों का एक भारी-भरकम डेलीगेशन भी पहुंचा है, जिसमें मस्क, टिम कुक और जेनसन हुआंग जैसे दिग्गज शामिल है।
ट्रंप के साथ VVIP डेलीगेशन में कौन-कौन है?
न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप के साथ एयर फोर्स वन में अमेरिका के सबसे प्रभावशाली लोग शामिल हैं:
मार्को रुबियो (विदेश मंत्री): इनका दौरा सबसे खास है क्योंकि चीन ने 2020 में इन पर प्रतिबंध लगाया था।
पीट हेगसेथ (रक्षा मंत्री): 2018 के बाद चीन का दौरा करने वाले पहले अमेरिकी रक्षा मंत्री।
स्कॉट बेसेंट (ट्रेजरी मंत्री): बीजिंग के साथ सभी ट्रेड समझौतों की कमान इनके हाथ में है।
चीन के साथ बड़ी ट्रेड डील पक्की करने के लिए अमेरिका की सबसे बड़ी कंपनियों के प्रमुख ट्रंप के साथ हैं:
परिवार के सदस्य और अन्य खास लोग
एरिक ट्रंप: डोनाल्ड ट्रंप के बेटे
लारा ट्रंप: ट्रंप की बहू (एरिक ट्रंप की पत्नी)
ब्रेट रैटनर: मशहूर हॉलीवुड फिल्म डायरेक्टर और प्रोड्यूसर (इन्हें एयरफोर्स वन में ट्रंप के साथ स्पॉट किया गया है)
रॉयटर्स के मुताबिक, इस समिट में कई संवेदनशील मुद्दों पर चर्चा होनी है:
ईरान संकट: रुबियो ने संकेत दिया है कि फारस की खाड़ी में फंसे चीनी जहाजों को निकालने और ईरान युद्ध को रोकने में चीन की मदद मांगी जाएगी।
ट्रेड और निवेश: अमेरिका चाहता है कि चीन उससे ज्यादा बोइंग विमान, कृषि उत्पाद और एनर्जी खरीदे ताकि व्यापार घाटा कम हो सके।
टेक्नोलॉजी और AI: सेमीकंडक्टर चिप्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर लगने वाले प्रतिबंधों को लेकर दोनों देश किसी समझौते पर पहुंचने की कोशिश करेंगे।
ताइवान: चीन ताइवान को दी जाने वाली 14 अरब डॉलर की अमेरिकी सैन्य मदद का कड़ा विरोध कर सकता है।
ट्रंप के लिए क्यों जरूरी है यह दौरा?
घरेलू स्तर पर ईरान युद्ध और आर्थिक दबाव के कारण ट्रंप की अप्रूवल रेटिंग में गिरावट देखी गई है। ऐसे में चीन के साथ एक सफल आर्थिक समझौता उनकी राजनीतिक स्थिति को मजबूत कर सकता है। ट्रंप एक तरफ आर्थिक लाभ चाहते हैं, तो दूसरी तरफ बीजिंग के साथ रिश्तों में स्थिरता बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं।