Donald Trump: ट्रंप ने ईरान के परमाणु ठिकानों को नुकसान नहीं होने की खबरों को फर्जी बताया, जानिए क्या कहा

Donald Trump की यह प्रतिक्रिया सीएनएन की एक खबर के बाद आई है, जिसमें गोपनीय डिफेंस इंटेलिजेंस एजेंसी (DIA) के आंकलन के नतीजों के आधार पर यह बताया गया है कि ईरान के तीन परमाणु ठिकानों पर अमेरिकी हमलों से ईरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़े मुख्य कंपोनेंट्स को नुकसान नहीं पहुंचा और जो नुकसान पहुंचा है उसकी भरपाई कुछ ही महीनों में हो जाएगी

अपडेटेड Jun 25, 2025 पर 11:55 AM
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इजरायल के राष्ट्रपति बेंजामिन नेतन्याहू ने 24 जून को कहा कि ईरान पर हमलों के बाद परमाणु हथियारों का खतरा खत्म हो गया है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खबरों के लिए मीडिया की आलोचना की है, जिनमें कहा गया है कि अमेरिका के हवाई हमलों में ईरान के परमाणु ठिकानों को ज्यादा नुकसान नहीं हुआ। ट्रंप ने इन खबरों को झूठा बताया है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने सोशल मीडिया ट्रूथ पर अपनी भड़ास निकाली है। उन्होंने कहा है कि फेक न्यूज सीएनएन और न्यूयॉर्क टाइम्स ने मिलकर इतिहास के सबसे कामयाब मिलिट्री स्ट्राइक में शामिल इस हमले को नाकाम बताया है। उन्होंने लिखा है कि सच यह है कि ईरान के परमाणु ठिकानें पूरी तरह बर्बाद हो गए हैं।

गोपनीय रिपोर्ट्स में कहा गया है कि परमाणु ठिकानों को नुकसान नहीं

Donald Trump की यह प्रतिक्रिया सीएनएन की एक खबर के बाद आई है, जिसमें गोपनीय डिफेंस इंटेलिजेंस एजेंसी (DIA) के आंकलन के नतीजों के आधार पर यह बताया गया है कि ईरान के तीन परमाणु ठिकानों पर अमेरिकी हमलों से ईरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़े मुख्य कंपोनेंट्स को नुकसान नहीं पहुंचा और जो नुकसान पहुंचा है उसकी भरपाई कुछ ही महीनों में हो जाएगी। गौरतलब है कि अमेरिका ने यह कहने के बावजूद अचानक ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमला कर दिया कि वह इस बारे में दो हफ्तों में फैसला लेगा।


यूएस सेंट्रल कमांड के विश्लेषण पर आधारित है DIA का एनालिसिस

DIA का एनालिसिस यूएस सेंट्रल कमांड के विश्लेषण पर आधारित है। इसमें यह दावा किया गया है कि ईरान के संवर्द्धित यूरेनियम के भंडार को हमलों से नुकसान नहीं पहुंचा। यह भी कि सेंटरफ्यूज को ज्यादा नुकसान नहीं हुआ। यह ट्रंप और रक्षा मंत्री पीट हेगसेठ के उस ऐलान से अलग है, जिसमें कहा गया है कि ईरान का परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह से ध्वस्त हो गया है। व्हाइट हाउस ने इस एनालिसिस की तो पुष्टि की है, लेकिन उसके नतीजों को पूरी तरह से गलत बताया है।

व्हाइट हाउस ने कहा कि इस गोपनीय डॉक्युमेंट को लीक किया गया

व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलाइन लेविट ने सीएनएन को एक बयान में कहा, "यह एसेसमेंट पूरी तरह से गलत है और इसे सबसे गोपनीय डॉक्युमेंट की कैटेगरी में रखा गया था। लेकिन, यह गुमनाम व्यक्ति की तरफ से सीएनएन को लीक किया गया। यह व्यक्ति इंटेलिजेंस कम्युनिटी का कोई छोटे स्तर का व्यक्ति था। कथित एसेसमेंट के लीक होने के इस मामले से पता चलता है कि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप को नीचा दिखाने की कोशिश की गई।"

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नेतन्याहू ने भी कहा कि ईरान से परमाणु खतरा कम हुआ

उन्होंने यह भी कहा, "हर कोई जानता है कि जब आप टारगेट पर 30,000 पाउंड्स के बम सटीक रूप से गिराते हैं तो क्या होता है।" ट्रंप ने बीते 1-2 दिनों में सोशल मीडिया पर कई पोस्ट किए हैं, जिसमें उन्होंने कहा है कि हमलों से ईरान के परमाणु ठिकाने पूरी तरह से ध्वस्त हो गए हैं। यह भी कहा गया है कि ईरान दोबारा कभी परमाणु ठिकानों को दोबारा नहीं बना पाएगा। उधर, इजरायल के राष्ट्रपति बेंजामिन नेतन्याहू ने 24 जून को कहा कि ईरान पर हमलों के बाद परमाणु हथियारों का खतरा खत्म हो गया है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर ईरान ने फिर से परमाणु कार्यक्रम शुरू किया तो उसे कुचल दिया जाएगा।

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