बातचीत फेल हुई तो हमला करेंगे...सबसे खतरनाक हथियार तैयार: ट्रंप की ईरान को सीधी धमकी

वहीं पाकिस्तान में बातचीत शुरू होने से पहले ईरान ने अमेरिका के साथ प्रस्तावित बातचीत को लेकर सख्त शर्त रख दी है। संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकर गालिबाफ ने कहा है कि जब तक लेबनान में सीजफायर लागू नहीं होता तब तक बातचीत शुरू नहीं होगी

अपडेटेड Apr 10, 2026 पर 11:10 PM
  • Follow Us On Google
  • Add as a Preferred Source on Google
ईरान और अमेरिका के बीच होने वाली बातचीत से पहले डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा बयान दिया है।

पाकिस्तान में ईरान और अमेरिका के बीच होने वाली बातचीत से पहले डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा बयान दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अगर इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली बातचीत फेल हो जाती है, तो अमेरिका हमला करने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने बताया कि अमेरिकी युद्धपोतों में तेजी से नए और सबसे आधुनिक हथियार भरे जा रहे हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर ईरान पर हवाई हमले किए जा सकें।

बीतचीत से पहले ट्रंप की बड़ी धमकी

बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति ने न्यूयॉर्क पोस्ट को फोन पर दिए इंटरव्यू में कहा कि अगले 24 घंटों में साफ हो जाएगा कि बातचीत सफल होगी या नहीं। वहीं ट्रंप ने शुक्रवार को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल पर भी ईरान को सख्त चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि तेहरान के पास अब कोई खास विकल्प नहीं बचा है और वह सिर्फ अहम अंतरराष्ट्रीय समुद्री रास्तों पर नियंत्रण के जरिए दुनिया पर थोड़े समय के लिए दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है।


पोस्ट में लिखी ये सारी बातें

ट्रंप ने अपने पोस्ट में लिखा कि ईरान के लोग शायद यह नहीं समझ रहे हैं कि अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों का इस्तेमाल कर दुनिया से थोड़े समय के लिए दबाव बनाना ही उनका एकमात्र तरीका बचा है। उन्होंने यह भी कहा कि फिलहाल ईरान की स्थिति ऐसी है कि उसे बातचीत के रास्ते पर ही चलना पड़ेगा। उन्होंने आगे तीखे अंदाज़ में कहा कि आज ईरान केवल इसीलिए बना हुआ है ताकि वह बातचीत कर सके। ट्रंप ने ये भी लिखा कि ईरान के लोग शायद यह नहीं समझ रहे हैं कि अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों का इस्तेमाल कर दुनिया पर थोड़े समय के लिए दबाव बनाने के अलावा उनके पास कोई और रास्ता नहीं बचा है। ट्रंप ने आगे कहा कि आज उनकी स्थिति ऐसी है कि वे केवल बातचीत करने के लिए ही बचे हैं।

ईरान ने भी रखी शर्त 

वहीं पाकिस्तान में बातचीत शुरू होने से पहले ईरान ने अमेरिका के साथ प्रस्तावित बातचीत को लेकर सख्त शर्त रख दी है। संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकर गालिबाफ ने कहा है कि जब तक लेबनान में सीजफायर लागू नहीं होता तब तक बातचीत शुरू नहीं होगी। उन्होंने ईरान के फ्रीज किए गए फंड जारी करने की मांग की।गालिबाफ ने साफ किया कि ये दोनों मुद्दे वार्ता से पहले हल होना जरूरी हैं।

इसी बीच अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस बातचीत की अगुवाई करने के लिए इस्लामाबाद के लिए रवाना हो रहे थे। ट्रंप ने कहा कि कूटनीति के लिए अब बहुत कम समय बचा है। उन्होंने इंटरव्यू में कहा, “हमें अगले 24 घंटों में स्थिति साफ हो जाएगी। जल्द ही हमें पूरी जानकारी मिल जाएगी।”

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।