Donald Trump देश को करेंगे संबोधित, क्या अमेरिकी राष्ट्रपति ईरान से युद्ध खत्म करने का ऐलान करेंगे?

व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट (Karoline Leavitt) ने ट्रंप के संबोधन के बारे में एक पोस्ट किया है। उन्होंने यह पोस्ट सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर किया। उन्होंने यूजर्स को ट्रंप के संबोधन को देखने की अपील की है। यह संबोधन टीवी पर ब्रॉडकॉस्ट होगा

अपडेटेड Apr 01, 2026 पर 11:56 AM
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अमेरिकी राष्ट्रपति अमेरिकी समय के मुताबिक, रात 9 बजे देश को संबोधित करेंगे। लेकिन, भारत के समय के मुताबिक यह 2 अप्रैल को सुबह 6:30 बजे होगा।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप 2 अप्रैल को देश को संबोधित करेंगे। भारतीय समय के अनुसार उनका संबोधन सुबह 6:30 बजे होगा। ट्रंप के इस संबोधन का दुनिया बेसब्री से इंतजार कर रही है। पिछले 24 घंटों के घटनाक्रम को देख ऐसा लगता है कि अमेरिकी राष्ट्रपति कोई बड़ा ऐलान करने वाले हैं। संभवत: यह मध्यपूर्व में चल रही लड़ाई से जुड़ा होगा। अमेरिकी सरकार के अधिकारियों ने भी इस बारे में संकेत दिए हैं।

भारतीय समय के मुताबिक सुबह 6:30 बजे होगा संबोधन

व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट (Karoline Leavitt) ने ट्रंप के संबोधन के बारे में एक पोस्ट किया है। उन्होंने यह पोस्ट सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर किया। उन्होंने यूजर्स को ट्रंप के संबोधन को देखने की अपील की है। यह संबोधन टीवी पर ब्रॉडकॉस्ट होगा। लेविन ने अपने पोस्ट में लिखा है कि ट्रंप ईरान पर एक अहम जानकारी देने के लिए देश को संबोधित करेंगे। अमेरिकी राष्ट्रपति अमेरिकी समय के मुताबिक, रात 9 बजे देश को संबोधित करेंगे। लेकिन, भारत के समय के मुताबिक यह 2 अप्रैल को सुबह 6:30 बजे होगा।


अमेरिका-ईरान की लड़ाई खत्म होने के मिल रहे संकेत

बीती रात अमेरिका-इजरायल और ईरान की लड़ाई से जुड़ी कई अहम खबरें आईं। ट्रंप ने संकेत दिया कि कुछ हफ्तों में अमेरिका ईरान से हट जाएगा। ईरान की सरकार की तरफ से भी लड़ाई खत्म होने के संकेत मिले हैं। इसका असर दुनियाभर के शेयर बाजारों पर देखने को मिला। 31 मार्च को अमेरिकी बाजार जबर्दस्त तेजी के साथ बंद हुए। इधर, 1 अप्रैल को भारत सहित एशियाई बाजारों को पंख लग गए। यह माना जा रहा है कि पश्चिम एशिया की लड़ाई जल्द खत्म हो सकती है।

मध्यपूर्व की लड़ाई एक महीने से ज्यादा समय से जारी है

अमेरिका-इजरायल और ईरान की लड़ाई 28 फरवरी को शुरू हुई थी। इस लड़ाई को शुरू हुए एक महीने से ज्यादा समय हो चुका है। इस लड़ाई का सबसे ज्यादा असर क्रूड ऑयल की कीमतों पर पड़ा है। 27 फरवरी को क्रूड ऑयल की कीमत 72 डॉलर प्रति बैरल थी। युद्ध शुरू होने पर कीमत में तेज उछाल दिखा। एक समय यह 118 डॉलर प्रति बैरल तक चली गई थी। उसके बाद इसमें थोड़ी नरमी आई। लेकिन, लंबे समय से यह 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर बनी हुई है। 1 अप्रैल को ब्रेंट क्रूड 103 डॉलर प्रति बैरल था।

क्रूड ऑयल की कीमतों में उछाल ने बढ़ाई दिक्कत

क्रूड की कीमतों में उछाल के साथ ही इसकी सप्लाई भी घटी है। इसका भारत पर काफी असर पड़ा है। भारत अपनी करीब 90 फीसदी ऑयल की जरूरत इंपोर्ट से पूरी करता है। देश में एलपीजी की भी कमी देखने को मिली थी। हालांकि, स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो रही है। सरकार ने अब तक नॉमल पेट्रोल और डीजल के दाम नहीं बढ़ाए हैं। लेकिन, एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर क्रूड की कीमतें लंबे समय तक ऊंची बनी रहती हैं तो नॉर्मल पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भी इजाफा हो सकता है।

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डोनाल्ड ट्रंप ईरान से लड़ाई खत्म करने का ऐलान कर सकते हैं

इस बीच, दुनियाभर की नजरें ट्रंप के 2 अप्रैल के संबोधन पर लगी हैं। अगर वह युद्ध खत्म करने का ऐलान करते हैं तो इसका असर दुनियाभर में एसेट्स की कीमतों पर पड़ेगा। शेयर बाजार सहित दूसरे एसेट्स और कमोडिटी की कीमतों में उछाल दिख सकता है। खासकर शेयर बाजार के लिए यह बड़ी खबर होगी। 28 फरवरी के बाद से सेंसेक्स और निफ्टी में 10 फीसदी से ज्यादा गिरावट आ चुकी है। इससे निवेशकों को काफी नुकसान उठाना पड़ा है।

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