Sheikh Rasheed on Hafiz Saeed: आतंकवाद को पनाह देने वाले पाकिस्तान का असली चेहरा एक बार फिर दुनिया के सामने बेनकाब हो गया है। पाकिस्तान के पूर्व गृह मंत्री और आवामी मुस्लिम लीग के प्रमुख शेख रशीद अहमद का एक बेहद भड़काऊ और विवादित वीडियो सामने आया है। इस वीडियो में वे प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयाबा (LeT) के सरगना और 26/11 मुंबई आतंकी हमले के मुख्य साजिशकर्ता हाफिज सईद की जमकर तारीफ करते और खुद को उसका 'गुलाम' बताते नजर आ रहे हैं।
इतना ही नहीं, भारत के खिलाफ जहर उगलते हुए पूर्व पाकिस्तानी मंत्री ने खुले मंच से गीदड़भभकी भी दे डाली। भारत और पाकिस्तान के बीच पहले से ही जारी कूटनीतिक तनाव के बीच इस बयान ने आग में घी डालने का काम किया है।
आतंकियों के साथ मंच साझा कर बोला- 'मैं हाफिज का गुलाम हूं'
सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे वीडियो में शेख रशीद लश्कर-ए-तैयाबा के कमांडरों के साथ मंच साझा करते दिख रहे हैं। उनके साथ मंच पर पाकिस्तान मरकजी मुस्लिम लीग (PMML) का अध्यक्ष और LeT कमांडर खालिद मसूद संधू और लश्कर की केंद्रीय सलाहकार समिति का सदस्य कारी मोहम्मद याकूब शेख मौजूद थे।
सभों को संबोधित करते हुए पूर्व गृह मंत्री ने बिना किसी झिझक के कहा, 'मैं हाफिज साहब का गुलाम हूं। हम पाकिस्तान के साथ हैं और हाफिज सईद के साथ खड़े हैं।'
शेख रशीद ने एक पुराना किस्सा सुनाते हुए दावा किया कि जब वे अमेरिका में थे, तब उनके फोन पर हाफिज सईद का नंबर फ्लैश किया था, जिसके बाद उन्हें अमेरिका से निर्वासित कर दिया गया था।
भारत के खिलाफ उगला जहर: 'ना मंदिर में घंटी बजेगी, ना परिंदा चहकेगा'
अपनी बौखलाहट में शेख रशीद ने भारत को लेकर बेहद भड़काऊ और जहरीली बयानबाजी की। उन्होंने कहा कि अगर भारत ने पाकिस्तान की तरफ आंख उठाकर भी देखा तो अल्लाह भारत को तबाह कर देगा। रशीद ने धमकी भरे लहजे में कहा, 'फिर भारत में ना तो किसी मंदिर में घंटी बजेगी और ना ही कोई परिंदा चहकेगा।'
बता दें कि हाफिज सईद संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी है और लश्कर-ए-तैयाबा का संस्थापक है, जिसने भारत में 2008 के मुंबई हमलों (26/11) समेत कई बर्बर आतंकी हमलों को अंजाम दिया है। इमरान खान की सरकार (2020-2022) में देश के गृह मंत्री रहे व्यक्ति का एक खूंखार आतंकी के प्रति ऐसा समर्पण पाकिस्तान के दोहरे चरित्र को उजागर करता है।
दुनिया के सामने फिर बेनकाब हुआ पाकिस्तान
पाकिस्तान हमेशा अंतरराष्ट्रीय मंचों पर दावा करता है कि वह अपनी धरती का इस्तेमाल आतंकवाद के लिए नहीं होने देता। लेकिन देश का पूर्व गृह मंत्री जब खुलेआम यूएन-लिस्टेड आतंकी हाफिज सईद की गुलामी करने का दावा करता है, तो यह साबित हो जाता है कि पाकिस्तान में सत्ता और आतंकवाद का गठजोड़ कितना गहरा है। भारत पहले भी साफ कर चुका है कि ऐसे बयानों और गीदड़भभकियों का उस पर कोई असर नहीं पड़ता और सीमा पार से होने वाली किसी भी नापाक हरकत का मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा।
भारत-पाकिस्तान संबंधों में क्यों बढ़ा हुआ है तनाव?
शेख रशीद का यह बयान ऐसे समय में आया है जब भारत और पाकिस्तान के रिश्ते पहले से ही बेहद नाज़ुक दौर से गुजर रहे हैं। अप्रैल 2025 में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए कायरतापूर्ण आतंकी हमले में 26 निर्दोष लोगों की जान चली गई थी, जिसकी तार सीमा पार बैठे आकाओं से जुड़े थे।
पहलगाम हमले के जवाब में भारतीय सेना ने मई 2025 'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में बने कई आतंकी ठिकानों को सटीक सर्जिकल स्ट्राइक के जरिए तबाह कर दिया था। इस सैन्य कार्रवाई और उसके बाद हुए संघर्षविराम के बाद से ही भारत ने साफ कर दिया है कि 'आतंकवाद और बातचीत एक साथ नहीं चल सकते।'