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पाकिस्‍तान में कुदरत का कहर, खैबर पख्‍तूनख्‍वा और पीओके में मची तबाही, 340 से ज्यादा मौतें

Flash Floods in Pakistan : तेज मानसूनी बारिश से आई अचानक बाढ़ ने उत्तरी पाकिस्तान में भारी तबाही मचा दी है। पिछले 48 घंटों में कम से कम 344 लोगों की मौत हो चुकी है। अधिकारियों ने बताया कि सबसे ज़्यादा नुकसान खैबर पख्तूनख्वा के पहाड़ी इलाकों में हुआ है। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) के मुताबिक, अकेले खैबर पख्तूनख्वा में ही 324 लोगों की जान गई है

MoneyControl Newsअपडेटेड Aug 16, 2025 पर 11:10 PM
पाकिस्‍तान में कुदरत का कहर, खैबर पख्‍तूनख्‍वा और पीओके में मची तबाही, 340 से ज्यादा मौतें
Pakistan Rain-Floods: पाकिस्तान इस समय कुदरत का कहर झेल रहा है

Flash Floods in Pakistan : पाकिस्तान इस समय कुदरत का कहर झेल रहा है।पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा (केपी) प्रांत और पीओके में बाढ़ भीषण तबाही मचा रही है। केपी के आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (पीडीएमए) ने शनिवार को बताया कि शुक्रवार को बादल फटने के बाद अचानक आई बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 344 हो गई है। कई लोग अभी भी लापता हैं। यह इस साल के मॉनसून सीजन की सबसे घातक घटना बन गई है।

300 से ज्यादा लोगों की कई जान

तेज मानसूनी बारिश से आई अचानक बाढ़ ने उत्तरी पाकिस्तान में भारी तबाही मचा दी है। पिछले 48 घंटों में कम से कम 344 लोगों की मौत हो चुकी है। अधिकारियों ने बताया कि सबसे ज़्यादा नुकसान खैबर पख्तूनख्वा के पहाड़ी इलाकों में हुआ है। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) के मुताबिक, अकेले खैबर पख्तूनख्वा में ही 324 लोगों की जान गई है। ज़्यादातर मौतें अचानक आई बाढ़ और घर गिरने से हुईं, जबकि करीब 137 लोग घायल हैं। लगातार बारिश, सड़कें टूटने और भूस्खलन की वजह से राहत टीमों को प्रभावित इलाकों तक पहुँचने में दिक्कत हो रही है।

पाकिस्तान में कुदरत का कहर

बचाव अभियान लगातार जारी है। बुनेर, स्वात, शांगला, बट्टाग्राम, बाजौर और मनसेहरा समेत नौ जिलों में लगभग 2,000 से ज़्यादा कर्मचारी राहत कार्य में लगे हैं। प्रांतीय सरकार ने इन इलाकों को आपदा प्रभावित क्षेत्र घोषित कर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि खराब मौसम बचाव कार्य में बड़ी बाधा बन रहा है। सड़कों के टूट जाने से राहत दलों को दूर-दराज के इलाकों तक पैदल जाकर लोगों को ढूंढना और मदद करनी पड़ रही है। कई लोग अपने घर छोड़ने से मना कर रहे हैं क्योंकि उनके प्रियजन अब भी मलबे के नीचे दबे हुए हैं।

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