अमेरिका और इजरायल ने मिलकर 28 फरवरी को जो हमला किया था, वह ईरान के लिए सबसे खतरनाक साबित हुआ। इस हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई समेत ईरान कई टॉप लीडर्स की मौत हो गई। अमेरिका ने अब तक ईरान के 48 बड़े नेताओं की मौत का दावा किया है। वहीं बीते तीन दिनों से जारी इस जंग में अमेरिका को भी नुकसान उठाना पड़ा है। ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के दौरान कुवैत में 3 अमेरिकी F-15E स्ट्राइक ईगल लड़ाकू विमान क्रैश हो गए हैं। वहीं अब तक हुए जंग में चार अमेरिकी सैनिकों की मौत हो गई है।
दोनों तरफ से जारी हैं हमले
वहीं अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान में सरकार बदलने को लेकर शुरू हुए संघर्ष में मारे गए अमेरिकी नागरिकों की मौत का बदला लिया जाएगा। उन्होंने साफ कहा कि अमेरिका अपने लोगों की मौत का जवाब जरूर देगा। सोमवार को अमेरिका ने ईरान के अंदर सैकड़ों ठिकानों पर हवाई हमले किए। वहीं इजरायल ने भी अपनी सैन्य कार्रवाई बढ़ाते हुए लेबनान तक बमबारी तेज कर दी। इसके जवाब में ईरानी सेना ने पूरे मिडिल ईस्ट क्षेत्र में मिसाइल और ड्रोन हमले किए, जिनसे इज़राइल और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में लोगों की मौत की खबरें सामने आई हैं। बताया जा रहा है कि यह संघर्ष 28 फरवरी को ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद और ज्यादा तेज हो गया है।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि की है कि ईरान के खिलाफ शुरू हुए सैन्य अभियान के बाद अब तक चार अमेरिकी सैनिकों की मौत हो चुकी है। शुरुआत में पेंटागन ने बताया था कि ईरान पर किए गए शुरुआती सैन्य हमलों के दौरान तीन अमेरिकी सैनिक मारे गए थे और पांच अन्य गंभीर रूप से घायल हुए थे। बाद में सोमवार सुबह जानकारी दी गई कि गंभीर रूप से घायल एक और सैनिक ने दम तोड़ दिया, जिसके बाद मरने वाले अमेरिकी सैनिकों की संख्या बढ़कर चार हो गई। यह नुकसान ईरान की ओर से किए गए शुरुआती जवाबी हमलों के दौरान हुआ। येइसके अलावा ईरान ने जवाबी कार्रवाई में मध्य पूर्व में स्थित 27 अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले करने का दावा किया है।
ट्रंप ने कहा कि यह अभियान चार हफ्तों तक चल सकता है. इसका लक्ष्य ईरान की बैलिस्टिक मिसाइलें, उसका मिसाइल उद्योग और उसकी नौसेना को खत्म करना है। पहले 24 घंटों में इजराइली हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई और कई सीनियर अफसर मारे गए। अमेरिकी और इजराइली हमले जारी हैं, जबकि ईरान की ओर से खाड़ी देशों पर मिसाइल और ड्रोन हमले हो रहे हैं।