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अमेरिका के ठीक पड़ोस में चीन की 'ग्रिड स्ट्राइक', क्यूबा में इस मास्टरप्लांन से ट्रंप को झटका दे रहा बीजिंग!

China Solar Energy Diplomacy: ईंधन संकट और ब्लैकआउट से जूझते क्यूबा को 5,000 सोलर सिस्टम देकर चीन ने कैरेबियाई क्षेत्र में बड़ा दांव खेला है। अमेरिका के टैरिफ से बेअसर चीन अब अपने 80% सोलर ग्लोबल दबदबे और 2.2 ट्रिलियन डॉलर के ग्रीन एनर्जी बिजनेस के दम पर विकासशील देशों को साध रहा है। जानिए कैसे सोलर तकनीक चीन का 'जियोपॉलिटिकल हथियार' बन रही है

Curated By: Abhishek Guptaअपडेटेड Aug 18, 2026 पर 12:45 PM
अमेरिका के ठीक पड़ोस में चीन की 'ग्रिड स्ट्राइक', क्यूबा में इस मास्टरप्लांन से ट्रंप को झटका दे रहा बीजिंग!
सोलर तकनीक चीन का 'जियोपॉलिटिकल हथियार' बन रही है

China Green Energy Global Expansion: कैरेबियाई देश क्यूबा इन दिनों गंभीर बिजली संकट और ब्लैकआउट से जूझ रहा है। इस बीच चीन ने क्यूबा को 5,000 सोलर फोटोवोल्टिक (PV) सिस्टम भेजे हैं, जिन्हें अस्पतालों, प्रमुख संस्थानों और ऑफ-ग्रिड इलाकों में लगाया जा रहा है। सतह पर यह एक मानवीय मदद दिखती है, लेकिन इसके पीछे चीन का एक बहुत बड़ा जियोपॉलिटिकल और इकोनॉमिक मास्टरप्लांन छिपा हुआ है।

चीन सिर्फ दुनिया का सबसे बड़ा सोलर और विंड इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर ही नहीं रहा, बल्कि अब वह अपनी 'क्लीन एनर्जी टेक्नोलॉजी' का इस्तेमाल ग्लोबल साउथ के देशों में अपना राजनीतिक और तकनीकी दबदबा बढ़ाने के लिए कर रहा है।

क्यूबा का उदाहरण क्यों है सबसे खास?

अमेरिकी प्रतिबंधों और ईंधन संकट के बीच पिस रहे क्यूबा के लिए चीनी सोलर पैनल किसी जीवनदान से कम नहीं हैं। पिछले 5 वर्षों में क्यूबा द्वारा चीनी सोलर पैनलों के आयात में 1,800% से अधिक की भारी वृद्धि हुई है।

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