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बेटे से मिले बिना ही दुनिया छोड़ गईं मां... बांग्लादेश में जेल में बंद हिंदू संत चिन्मय कृष्ण दास की मां का निधन

बांग्लादेश के प्रमुख हिंदू नेता चिन्मय कृष्ण दास की मां संध्या रानी धर का निधन हो गया। अधिकारियों ने परिवार की पैरोल की अर्जी ठुकरा दी थी, इसलिए वह जेल में बंद अपने बेटे को देखने की अपनी आखिरी इच्छा पूरी नहीं कर सकीं। बेटे के लंबे समय से जेल में रहने और जमानत न मिलने के कारण वह मानसिक रूप से टूट चुकी थीं, जिसके बाद चटगांव के एक आश्रम में उनका निधन हो गया।

Moneycontrol Hindi Newsअपडेटेड Sep 11, 2026 पर 1:40 PM
बेटे से मिले बिना ही दुनिया छोड़ गईं मां... बांग्लादेश में जेल में बंद हिंदू संत चिन्मय कृष्ण दास की मां का निधन
ढाका ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक, मां की बिगड़ती हालत को देखते हुए परिवार ने बुधवार को ही चिन्मय कृष्ण दास की पैरोल के लिए आवेदन किया था ताकि वे अपनी गंभीर रूप से बीमार मां से मिल सकें।

बांग्लादेश में देशद्रोह के आरोप में जेल में बंद हिंदू संत और सनातनी जागरण जोत के प्रवक्ता चिन्मय कृष्ण दास ब्रह्मचारी की मां का गुरुवार सुबह निधन हो गया। अपनी आखिरी सांसें गिन रहीं बीमार मां और जेल में बंद बेटे को उनके अंतिम समय में मिलाने की परिवार की तमाम कोशिशें अधूरी रह गईं क्योंकि अधिकारियों से पैरोल की मंजूरी मां के देहांत के बाद ही मिल सकी।

कैंसर से पीड़ित थीं 72 वर्षीय संध्या रानी धर

बांग्लादेशी अखबार प्रथम आलो के मुताबिक 72 साल की संध्या रानी धर लंबे समय से गंभीर रूप से बीमार थीं और चटगांव मां-ओ-शिशु अस्पताल में उनका कैंसर का इलाज चल रहा था। हालत बिगड़ने पर उन्हें बुधवार रात चटगांव के हथजारी स्थित पुंडरीक धाम ले जाया गया, जहां गुरुवार सुबह उन्होंने अंतिम सांस ली।

मां के निधन के बाद मिली 5 घंटे की पैरोल

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