चीन ने दिया झटका, गोल्ड पर खत्म की यह खास छूट, ऐसे होगा असर

गोल्ड के लिए दुनिया के सबसे बड़े बाजारों में शुमार चीन में अब गोल्ड खरीदना और महंगा हो सकता है। इसकी वजह ये है कि गोल्ड पर टैक्स को लेकर चीन जो इंसेंटिव देती थी, उसे खत्म कर दिया गया है। नया नियम आज 1 नवंबर से लागू हो गया है। जानिए चीन ने नियमों में क्या बदलाव किया है और इससे चीन को क्या फायदा मिलेगा और आम लोगों को कैसे झटका लग सकता है?

अपडेटेड Nov 01, 2025 पर 12:34 PM
चीन के वित्त मंत्रालय ने गोल्ड की खरीदारी पर वैट से जुड़ी राहत हटाने का फैसला ऐसे समय में किया है, जब चीन का रियल एस्टेट मार्केट सुस्त पड़ा है और आर्थिक ग्रोथ पर भी दबाव बना हुआ है। (File Photo- Pexels)

चीन ने गोल्ड पर लंबे समय से चली आ रही टैक्स छूट को समाप्त करने का फैसला किया है। चीन के यह फैसला दुनिया के सबसे बड़े बाजारों में शुमार एक बाजार के लिए बड़ा झटका साबित हो सकता है। चीन का नया नियम आज यानी 1 नवंबर से लागू हो गया है। चीन के वित्त मंत्रालय ने जो नियम जारी किए हैं, उसके मुताबिक अब गोल्ड की खुदरा खरीदारी करने वाले यानी रिटेलर्स को शंघाई गोल्ड एक्सचेंज (Shanghai Gold Exchange) से खरीदे गए सोने की बिक्री पर वैट (Value-Added Tax-VAT) में छूट या एडजस्टमेंट की मंजूरी नहीं मिलेगा, चाहे सोना सीधे बेचा जाए या प्रोसेसिंग के बाद।

क्या होगा चीन के बदले नियम का असर?

चीन के वित्त मंत्रालय ने गोल्ड की खरीदारी पर वैट से जुड़ी राहत हटाने का फैसला ऐसे समय में किया है, जब चीन का रियल एस्टेट मार्केट सुस्त पड़ा है और आर्थिक ग्रोथ पर भी दबाव बना हुआ है। इससे सरकार की कमाई को झटका लगा है। अब गोल्ड पर वैट से जुड़ा इंसेंटिव हटाए जाने से सरकार की कमाई बढ़ सकती है। हालांकि इस बदलाव के चलते चीन के ग्राहकों के लिए सोना खरीदना महंगा हो जाएगा।


अभी क्या है गोल्ड की स्थिति?

चीन दुनिया भर में गोल्ड के सबसे बड़े बाजारों में शुमार है। अब चीन की मिनिस्ट्री ऑफ फाइनेंस यानी वित्त मंत्रालय के गोल्ड पर वैट इंसेंटिव हटाने के फैसले से वहां गोल्ड महंगा होने वाला है। बता दें कि इस समय दुनिया भर में गोल्ड को लेकर तगड़ा क्रेज दिख रहा है। निवेशकों के बीच खरीदारी की इस होड़ में गोल्ड की कीमतें रिकॉर्ड हाई पर पहुंच गई जिससे यह ‘ओवरबॉट ज़ोन’ में चला गया और फिर मुनाफावसूली के चलते अचानक कीमतें टूट गईं। गोल्ड में जो करेक्शन यानी गिरावट आई, वह पिछले दस साल से भी अधिक समय में सबसे बड़ी गिरावट रही। भारत में फेस्टिव सीजन की खरीदारी समाप्त होने के साथ-साथ अमेरिका और चीन के बीच कारोबारी लड़ाई के नरम पड़ने के चलते गोल्ड की मांग में नरमी आई तो भाव नीचे आए।

हालांकि इसके बावजूद गोल्ड अब भी प्रति औंस $4,000 के आस-पास बना हुआ है। गोल्ड ने पहली बार यह लेवल पिछले महीने अक्टूबर में पार किया था। इसके तेजी की मुख्य वजह वैश्विक केंद्रीय बैंकों की तरफ से गोल्ड की खरीदारी, अमेरिका में ब्याज दरों में कटौती, और वैश्विक स्तर पर अनिश्चितताएं हैं और ये सभी वजहें अब भी बनी हुई हैं। कई मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि एक साल में गोल्ड की कीमतें प्रति औंस $5,000 के करीब पहुँच सकती हैं।

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