कनाडा में रंगदारी और फायरिंग से जुड़े मामलों में घिरे एक भारतीय युवक ने खुद को बेगुनाह बताया है। उसका कहना है कि उसे इस बात की कोई जानकारी नहीं थी कि उसका दोस्त अर्शदीप सिंह कथित तौर पर लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़ा हुआ था।

कनाडा में रंगदारी और फायरिंग से जुड़े मामलों में घिरे एक भारतीय युवक ने खुद को बेगुनाह बताया है। उसका कहना है कि उसे इस बात की कोई जानकारी नहीं थी कि उसका दोस्त अर्शदीप सिंह कथित तौर पर लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़ा हुआ था।
22 साल का अर्शदीप सिंह को मार्च में कनाडा से भारत भेज दिया गया था। उस पर ओंटारियो, अल्बर्टा और ब्रिटिश कोलंबिया में फायरिंग, आगजनी, रंगदारी वसूली, वाहन चोरी और बीमा धोखाधड़ी जैसे कई आरोप लगे थे। वह अगस्त 2022 में स्टूडेंट वीजा पर कनाडा गया था।
अब उसके दोस्त जशनदीप सिंह का मामला भी सुर्खियों में है। इमिग्रेशन सुनवाई के दौरान जशनदीप ने कहा कि उसकी सबसे बड़ी गलती सिर्फ इतनी थी कि उसने अपने दोस्त से यह नहीं पूछा कि उसके पास बंदूक कहां से आई। उसने दावा किया कि उसे लगा था कि वह खिलौने वाली बंदूक है और उसने मजाक-मजाक में उसे हाथ में लेकर फोटो भी खिंचवाई थी।
जशनदीप ने कहा कि उसे अर्शदीप की किसी भी आपराधिक गतिविधि की जानकारी नहीं थी। उसने सुनवाई के दौरान बताया, "मुझसे गलती हुई कि मैंने उससे सवाल नहीं पूछा। उस समय मुझे नहीं पता था कि बंदूक पकड़ने भर से मेरा नाम रंगदारी के मामले से जुड़ जाएगा।"
क्या जशनदीप को भी कनाडा से निकाला जाएगा?
कनाडा का इमिग्रेशन विभाग जशनदीप को संगठित अपराध से जुड़े होने के आरोप में देश से बाहर भेजना चाहता है। हालांकि, जशनदीप का कहना है कि वह दिसंबर 2022 में पढ़ाई के लिए कनाडा गया था और पोस्ट-ग्रेजुएट वर्क परमिट के आवेदन के जवाब का इंतजार कर रहा था।
फिलहाल वह अपनी बहन और जीजा के साथ रह रहा है। उसने कहा कि इस पूरे मामले के बाद उसे शर्मिंदगी महसूस होती है और वह अपने परिवार की आंखों में देखकर बात नहीं कर पाता।
दोस्ती से शुरू हुई कहानी
जशनदीप ने बताया कि अर्शदीप उसका कॉलेज का दोस्त था और दोनों पहले एक अमेजन वेयरहाउस में काम कर चुके थे।
उसने कहा कि एडमॉन्टन में फायरिंग की घटना से एक दिन पहले अर्शदीप ने उसे फोन कर बताया था कि अगले दिन उसका जन्मदिन है और पूछा था कि क्या वह रात उसके घर रुक सकता है।
जशनदीप के मुताबिक, अर्शदीप अपने साथ एक बैग लेकर आया था, जिसमें से उसने एक बंदूक निकाली और सबको दिखाई। उसने कहा, "मुझे नहीं पता था कि वह लाइसेंसी बंदूक थी या अवैध। मैंने उसे हाथ में लिया और मजाक में अपने दोस्त के सिर पर रख दिया, क्योंकि हम फिल्म देख रहे थे।"
बाद में जशनदीप और कुछ अन्य लोग अर्शदीप की कार में घूमने गए। उसका दावा है कि उसी दौरान अर्शदीप ने एक जगह पर हवा में कई राउंड फायरिंग की। अगले ही दिन अर्शदीप को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था।
लॉरेंस बिश्नोई गैंग से कथित कनेक्शन
सुनवाई के दौरान एडमॉन्टन पुलिस के अधिकारी ने बताया कि पुलिस अर्शदीप की गतिविधियों पर नजर रख रही थी क्योंकि वह कथित तौर पर लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े रंगदारी मामलों की जांच के दायरे में था।
जांच के दौरान जशनदीप का नाम भी सामने आया। हालांकि उसने बार-बार कहा कि उसे किसी गैंग, रंगदारी नेटवर्क या फायरिंग के पीछे की वजह की कोई जानकारी नहीं थी।
उसने यह भी माना कि पहले की पूछताछ में उसने कुछ बातें छिपाई थीं, क्योंकि वह डरा हुआ था और उसे लग रहा था कि कहीं वह खुद किसी बड़ी मुसीबत में न फंस जाए।
अब यह फैसला कनाडाई अधिकारियों को करना है कि जशनदीप को देश में रहने की अनुमति मिलेगी या उसे भी भारत वापस भेज दिया जाएगा।
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