नेपाल वाले भारत के पेट्रोल-डीजल के साथ कर रहे खेल! 60 रुपये के प्राइस गैप का फायदा उठाने वाले अब ऐसे धरे जाएंगे

India Nepal Fuel Smuggling: नेपाल में ईंधन की कीमतें उत्तर प्रदेश के मुकाबले करीब 60 रुपये प्रति लीटर महंगी हैं। इस भारी मुनाफे का फायदा उठाने के लिए लोग उत्तर प्रदेश से तेल खरीदकर चोरी-छिपे नेपाल भेजने की कोशिशों में जुटे हैं। इस गोरखधंधे को रोकने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार, ऑयल मार्केटिंग कंपनियां और सशस्त्र सीमा बल अलर्ट हो गया है

अपडेटेड Jun 08, 2026 पर 12:43 PM
पेट्रोल पंपों पर अब गाड़ियों की री-फ्यूलिंग के पैटर्न को ट्रैक करने के लिए डिजिटल सिस्टम का सहारा लिया जा रहा है

India–Nepal Fuel Price: ग्लोबल संकट के इस दौर में भारत और नेपाल के बीच पेट्रोल-डीजल की कीमतों में जमीन-आसमान का अंतर है। इसकी वजह से सीमा पर तेल की तस्करी का एक बड़ा खेल शुरू हो गया है। नेपाल में ईंधन की कीमतें उत्तर प्रदेश के मुकाबले करीब 60 रुपये प्रति लीटर महंगी हैं। इस भारी मुनाफे का फायदा उठाने के लिए लोग उत्तर प्रदेश से तेल खरीदकर चोरी-छिपे नेपाल भेजने की कोशिशों में जुटे हैं।

इस गोरखधंधे को रोकने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार, जिला प्रशासन, ऑयल मार्केटिंग कंपनियों और सशस्त्र सीमा बल (SSB) ने मिलकर नेपाल सीमा पर एक अभेद्य तीन स्तरीय निगरानी प्रणाली तैयार की है। इस तगड़े चक्रव्यूह के बाद अब भारत के सस्ते तेल से खेल करने वाले तस्कर सीधे धरे जाएंगे।

बॉर्डर के इन 8 जिलों में सबसे ज्यादा अलर्ट


उत्तर प्रदेश की नेपाल के साथ करीब 579 किलोमीटर लंबी खुली सीमा लगती है, जहां से आना-जाना काफी आसान है। न्यूज18 की रिपोर्ट के मुताबिक, तेल के इस खेल को देखते हुए यूपी के 8 सीमावर्ती जिलों में चौतरफा निगरानी बढ़ा दी गई है:

  1. बहराइच
  2. महाराजगंज
  3. सिद्धार्थनगर
  4. श्रावस्ती
  5. बलरामपुर
  6. लखीमपुर खीरी
  7. गोंडा
  8. बस्ती

तस्करों को दबोचने के लिए क्या है यह 'थ्री-टियर' चक्रव्यूह?

प्रशासन ने संदिग्धों को पकड़ने और तेल की हेराफेरी रोकने के लिए तीन अलग-अलग स्तरों पर सुरक्षा जाल बिछाया है:

पेट्रोल पंपों पर डिजिटल नजर: पेट्रोल पंपों पर अब गाड़ियों की री-फ्यूलिंग के पैटर्न को ट्रैक करने के लिए डिजिटल सिस्टम और मैनुअल चेकिंग का सहारा लिया जा रहा है। अगर कोई गाड़ी बहुत कम समय के अंतराल में बार-बार तेल भराने आ रही है, तो उसकी तुरंत पहचान की जा रही है और केवल सामान्य जरूरत के हिसाब से ही तेल दिया जा रहा है।

जिला प्रशासन की छापेमारी: जिला प्रशासन की टीमें अचानक पेट्रोल पंपों पर औचक निरीक्षण कर रही हैं। थोक में खरीदे जा रहे तेल पर कड़ी नजर है और नेपाल बॉर्डर की तरफ बार-बार चक्कर काटने वाले वाहनों का पूरा डेटा खंगाला जा रहा है।

इंटरनेशनल बॉर्डर पर SSB की मुस्तैदी: सबसे संवेदनशील और आखिरी लेयर अंतरराष्ट्रीय सीमा पर तैनात सशस्त्र सीमा बल (SSB) की है। एसएसबी के जवानों ने तस्करी के लिहाज से संवेदनशील रास्तों और सीमा से सटे गांवों में गश्त और खुफिया नजर बेहद सख्त कर दी है।

तकनीक से पकड़ी जाएगी चोरी: इंडियन ऑयल

इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (IOC) के उत्तर प्रदेश हेड और एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर संजय भंडारी ने बताया कि ऑटोमेटेड सिस्टम से लैस पेट्रोल पंप अब बार-बार आने वाले वाहनों की डिटेल, उनके तेल भराने के पैटर्न और उनकी अजीब आदतों को शुरुआत में ही पकड़ लेते हैं, जिससे संदिग्धों की पहचान करना बहुत आसान हो गया है।

यूपी में तेल की कोई कमी नहीं, पर नियमों में हुआ बदलाव

उत्तर प्रदेश स्टेट पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष रंजीत सिंह के मुताबिक, यूपी में पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं है, बल्कि सीमावर्ती जिलों में अफवाहों और घबराहट की वजह से मांग अचानक दोगुनी हो गई है। तेल की जमाखोरी और तस्करी रोकने के लिए कुछ कड़े नियम भी लागू किए गए हैं:

  • अब 200 लीटर वाले बड़े ड्रमों में थोक डीजल की बिक्री पर पाबंदी लगा दी गई है।
  • कई इलाकों में एक बार में प्रति व्यक्ति केवल 20 लीटर तेल देने की सीमा तय कर दी गई है।

इन पाबंदियों की वजह से पेट्रोल पंपों पर भीड़ और लंबी कतारें जरूर दिख रही हैं, लेकिन अधिकारी आश्वस्त हैं कि जब तक कीमतों का यह अंतर रहेगा, तब तक यह सख्त निगरानी जारी रहेगी।

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