India-New Zealand Trade Deal: भारत और न्यूजीलैंड के बीच व्यापारिक रिश्तों में एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। सोमवार, 27 अप्रैल को दोनों देश एक द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) पर हस्ताक्षर करेंगे। केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने रविवार को आगरा में इस ऐतिहासिक समझौते की पुष्टि की। इस समझौते के बाद भारत से न्यूजीलैंड जाने वाले 70 फीसदी सामानों पर कोई आयात शुल्क नहीं लगेगा।
पीएम मोदी और लक्सन की बातचीत से बनी सहमति
पीयूष गोयल ने बताया कि यह समझौता कई वर्षों की लंबी चर्चाओं और उच्च स्तरीय वार्ताओं के बाद फाइनल हुआ है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन के बीच हुई चर्चाओं ने इस डील को अंतिम रूप देने में अहम भूमिका निभाई। सोमवार को होने वाले हस्ताक्षर समारोह के साथ ही व्यापारिक बाधाएं कम हो जाएंगी।
70% भारतीय सामानों को टैक्स से मिलेगी राहत
इस समझौते का सबसे बड़ा लाभ भारतीय निर्यातकों को होगा। न्यूजीलैंड पहुंचने वाले लगभग 70% भारतीय सामानों पर अब कोई टैक्स नहीं देना होगा। टैक्स हटने से भारतीय सामान न्यूजीलैंड के बाजार में सस्ते और अधिक प्रतिस्पर्धी हो जाएंगे।
पीयूष गोयल ने विशेष रूप से उत्तर प्रदेश और एमएसएमई (MSME) क्षेत्र के लिए इस डील को वरदान बताया। आगरा के चमड़ा उद्योग के लिए न्यूजीलैंड एक बड़ा बाजार बनकर उभरेगा। इसके साथ ही 'एक जिला एक उत्पाद' (ODOP), हथकरघा, हस्तशिल्प और नक्काशी करने वाले कारीगरों के लिए निर्यात के नए अवसर खुलेंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह समझौता द्विपक्षीय व्यापार को कई गुना बढ़ाने वाला 'कैटेलिस्ट' साबित होगा। आने वाले कुछ ही महीनों में दोनों देशों के बीच माल की आवाजाही और आर्थिक जुड़ाव में बड़ी तेजी देखी जाएगी।
न्यूजीलैंड का 'स्ट्रेटेजिक' वादा और डायरेक्ट फ्लाइट्स
न्यूजीलैंड के व्यापार और निवेश मंत्री टॉड मैक्ले (Todd McClay) ने भारत के साथ संबंधों को अब तक का सबसे मजबूत बताया। उन्होंने कहा, न्यूजीलैंड सरकार ने भारत के साथ रिश्तों को 'रणनीतिक प्राथमिकता' के रूप में रखा है। आने वाले कुछ वर्षों में भारत और न्यूजीलैंड के बीच डायरेक्ट फ्लाइट्स शुरू होने की संभावना है, जिससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।