India-US Trade Deal: अमेरिकी राष्ट्रपति के आधिकारिक आवास एवं कार्यालय 'व्हाइट हाउस' ने भारत के साथ हुए नए ट्रेड एग्रीमेंट का स्वागत किया है। 'व्हाइट हाउस' ने कहा कि नई दिल्ली ने रूसी तेल की खरीद बंद करने की प्रतिबद्धता जताई है। 'व्हाइट हाउस' की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रमुख अमेरिकी क्षेत्रों में 500 अरब अमेरिकी डॉलर के निवेश पर भी सहमति व्यक्त की है।
भारत के साथ डील पर लेविट ने कहा, "प्रधानमंत्री मोदी ने अमेरिका से $500 बिलियन के एनर्जी, ट्रांसपोर्टेशन, एग्रीकल्चरल प्रोडक्ट्स खरीदने का वादा किया है... यह एक शानदार डील है। यह अमेरिकी वर्कर्स, बिजनेसमैन और कंज्यूमर्स सभी के लिए एक बड़ी जीत है।" कैरोलिन लीविट ने यह भी कहा कि भारत ने न सिर्फ रूसी तेल न खरीदने, बल्कि अमेरिका से तेल खरीदने और शायद वेनेजुएला से भी तेल खरीदने का वादा किया है। इसका अब अमेरिका और अमेरिकी लोगों को सीधा फ़ायदा होगा।
कैरोलिन ने पत्रकारों के साथ बातचीत में कहा, "राष्ट्रपति (डोनाल्ड ट्रंप) ने भारत के साथ एक और बड़ा ट्रेड डील किया है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी से सीधे बात की। दोनों देशों के बीच बहुत अच्छे संबंध हैं। भारत न केवल रूस से तेल खरीदना बंद करने के लिए प्रतिबद्ध है। बल्कि अमेरिका से तेल खरीदने के लिए भी प्रतिबद्ध है। संभवतः वेनेजुएला से भी जिससे हमें पता है कि अब अमेरिका और अमेरिकी जनता को सीधा लाभ होगा।"
उन्होंने कहा कि इसके अतिरिक्त प्रधानमंत्री मोदी ने अमेरिका में 500 अरब डॉलर के निवेश की प्रतिबद्धता जताई है। इसमें ट्रांसपोर्टेशन, एनर्जी और एग्रीकल्चर प्रोडक्ट्स भी शामिल हैं। इसलिए राष्ट्रपति ट्रंप की बदौलत यह एक और शानदार ट्रेड एग्रीमेंट है। इससे पहले, भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर 'फॉक्स न्यूज' के साथ बातचीत में कैरोलिन ने कहा कि दोनों नेताओं के बीच सोमवार को एक शानदार बातचीत हुई। इसके बाद द्विपक्षीय व्यापार समझौते की घोषणा की गई।
इस बीच, अमेरिकी ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव जैमीसन ग्रीर ने मंगलवार को 'CNBC स्क्वॉक बॉक्स' के साथ एक इंटरव्यू में ट्रेड एग्रीमेंट के तहत भारत के अमेरिकी इंडस्ट्रियल और एग्रीकल्चर प्रोडक्ट्स, जैसे कि फल एवं सब्जियां पर टैरिफ घटाकर शून्य प्रतिशत करने को बड़ी जीत करार दिया। उन्होंने कहा, "समय आ गया है। अब समझौता पक्का हो गया है। हम कागजी कार्रवाई पूरी कर लेंगे। लेकिन हमें सारी बारीकियां पता हैं। हमें सारी जानकारी है। यह एक बहुत ही बेहतरीन अवसर है।"
समझौते की जानकारी देते हुए ग्रीर ने कहा कि भारत के साथ इंडस्ट्रियल वस्तुओं पर वर्तमान में औसत टैरिफ करीब 13.5 प्रतिशत है। उन्होंने कहा, "यह सभी वस्तुओं पर लगभग शून्य हो जाएगा। लगभग कहने का मेरा मतलब 98-99 फीसदी से है। एग्रीकल्चर सेक्ट में कृषि उत्पादों की एक बहुत बड़ी रेंज है। इसलिए यह टैरिफ शून्य हो जाएगा।"
ग्रीर ने आगे कहा, "अमेरिका समेत दुनिया के हर देश की तरह भारत में भी कुछ खास क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था है, जिन पर हमारा नियंत्रण बना रहेगा। हम पहुंच सुनिश्चित करने के लिए काम करते रहेंगे। हालांकि कई चीजों जैसे मेवे, शराब, ‘स्पिरिट’, फल, सब्जियां आदि पर लगभग शून्य शुल्क होगा। यह एक बड़ी जीत है।"