Israel-Iran Cyber War: इजरायल और ईरान के बीच तनाव अब युद्ध के मैदान से निकलकर आम लोगों के मोबाइल फोन तक पहुंच गया है। इजरायल के नेशनल साइबर सेंटर ने चेतावनी जारी की है कि पिछले कुछ घंटों में हजारों इजरायली नागरिकों को 'डराने-धमकाने वाले मैसेज' भेजे गए हैं। इजराइल का दावा है कि इन संदेशों के पीछे ईरान का हाथ है और इसका मकसद देश में दहशत फैलाना और सुरक्षा व्यवस्था के प्रति अविश्वास पैदा करना है।
आधी रात को इजरायल 'डिजिटल हमला'
इजरायली मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, रात के करीब 2 बजे हजारों लोगों के फोन एक साथ बज उठे। मैसेज में लिखा था, 'इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान आपको खुफिया क्षेत्र में एक कार्रवाई में भाग लेने के लिए आमंत्रित करता है। ऑपरेशन में शामिल होने के लिए विभिन्न ईरानी दूतावासों या ऑनलाइन ईरानी साइबर ऑपरेटरों से संपर्क करें। अपना भविष्य अभी बनाएं।'
कुछ नागरिकों को एक ही घंटे के भीतर अलग-अलग नंबरों से 6-6 मैसेज मिले। इजराइली सुरक्षा विश्लेषकों का कहना है कि यह सीधे तौर पर नागरिकों के मानसिक सुकून को भंग करने की कोशिश है।
क्या आपका फोन हैक हो गया है?
विशेषज्ञों ने साफ किया है कि यह कोई 'हैक' नहीं बल्कि 'जालसाजी' है। ये मैसेज किसी फोन को हैक करके नहीं, बल्कि मास डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम के जरिए भेजे गए हैं। इसे 'कॉग्निटिव वॉरफेयर' कहा जाता है। इसमें तकनीक का इस्तेमाल किसी व्यक्ति के दिमाग पर हमला करने के लिए किया जाता है ताकि वह डर के मारे कोई गलत कदम उठा ले। केवल टेक्स्ट मैसेज प्राप्त होने का मतलब यह नहीं है कि आपका प्राइवेट डेटा चोरी हो गया है।
ईरान की घबराहट या नई रणनीति?
इजरायली सुरक्षा विश्लेषकों का मानना है कि यह ईरान की ओर से 'ताकत का प्रदर्शन' नहीं बल्कि उसकी 'घबराहट' का संकेत है। अमेरिका में ट्रंप प्रशासन के आने के बाद इजरायल और अमेरिका के संभावित संयुक्त हमले को रोकने के लिए ईरान इन सस्ते और आसानी से उपलब्ध डिजिटल हथियारों का इस्तेमाल कर रहा है ताकि इजरायल के सार्वजनिक मनोबल को गिराया जा सके।
दुनिया भर में होते रहे है ऐसे हमलें
यह पहली बार नहीं है जब किसी देश ने दूसरे देश के नागरिकों को इस तरह निशाना बनाया हो। रूस ने यूक्रेन में नागरिकों को पैसे के बदले तोड़फोड़ करने के लिए उकसाने वाले मैसेज भेजे थे। चीन यूरोप में बॉट्स और इन्फ्लुएंसर्स के जरिए अपनी बात मनवाने के लिए इसी तरह के 'डिजिटल फुटप्रिंट' का इस्तेमाल करता है।
बचाव के लिए इजरायली सरकार की गाइडलाइन
इजराइल साइबर निदेशालय ने नागरिकों के लिए 'डिजिटल अनुशासन' के नियम जारी किए हैं:
जवाब न दें: इन मैसेज का कोई जवाब न दें।
लिंक पर क्लिक न करें: मैसेज के साथ आए किसी भी संदिग्ध लिंक को न खोलें।
फॉरवर्ड न करें: व्हाट्सएप ग्रुप या परिवार को ये मैसेज भेजकर पैनिक न बढ़ाएं।
आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा करें: केवल सरकारी सूचनाओं को ही सच मानें।