पति ने छिपाई करोड़ों की संपत्ति, अब पत्नी को मिला 75 करोड़ का सेटलमेंट...23 साल बाद जीता कानूनी जंग

पत्नी वर्षा का कहना था कि तलाक की प्रक्रिया के दौरान उनके पति ने अपनी पूरी संपत्ति की जानकारी नहीं दी। आरोप है कि उन्होंने अपनी कुछ संपत्तियां छिपाई थीं, जबकि कानून के अनुसार तलाक के मामलों में दोनों पक्षों को अपनी सभी संपत्तियों और आर्थिक स्थिति का पूरा ब्योरा देना होता है। इसी वजह से यह मामला कई वर्षों तक अदालत में चलता रहा।

अपडेटेड Jun 05, 2026 पर 8:28 AM
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ब्रिटेन के कानूनी इतिहास के सबसे लंबे समय तक चले तलाक मामलों में से एक का आखिरकार निपटारा हो गया है।

ब्रिटेन के कानूनी इतिहास के सबसे लंबे समय तक चले तलाक मामलों में से एक का आखिरकार निपटारा हो गया है। भारतीय मूल की 61 वर्षीय वर्षा गोहिल को करीब 66 लाख पाउंड (लगभग 75 करोड़ रुपये) का सेटलमेंट मिला है। इसके साथ ही 20 साल से अधिक समय से चल रही कानूनी लड़ाई खत्म हो गई। लंदन में रहने वाली वर्षा गोहिल ने मई 2002 में अपने पति भद्रेश गोहिल से तलाक के लिए आवेदन किया था। शुरुआत में उन्होंने एक छोटे से सेटलमेंट पर सहमति दे दी थी, लेकिन बाद में उसे अदालत में चुनौती दी। बता दें कि भद्रेश गोहिल पेशे से वकील हैं।

पत्नी ने लगाए थे ये आरोप

पत्नी वर्षा का कहना था कि तलाक की प्रक्रिया के दौरान उनके पति ने अपनी पूरी संपत्ति की जानकारी नहीं दी। आरोप है कि उन्होंने अपनी कुछ संपत्तियां छिपाई थीं, जबकि कानून के अनुसार तलाक के मामलों में दोनों पक्षों को अपनी सभी संपत्तियों और आर्थिक स्थिति का पूरा ब्योरा देना होता है। इसी वजह से यह मामला कई वर्षों तक अदालत में चलता रहा। यह तलाक का मामला बाद में मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ी एक बड़ी जांच से भी जुड़ गया। इसी दौरान वर्षा गोहिल के पति भद्रेश गोहिल को एक नाइजीरियाई ग्राहक से जुड़े भ्रष्टाचार के मामले में दोषी पाया गया। साल 2010 में अदालत ने उन्हें 10 साल की जेल की सजा सुनाई थी।


संपत्ति की दी थी गलत जानकारी

इसके बाद ब्रिटेन की क्राउन प्रॉसिक्यूशन सर्विस (सीपीएस) ने भद्रेश गोहिल की लगभग 2.8 करोड़ पाउंड की संपत्ति जब्त करने की कोशिश की। एजेंसी का कहना था कि यह संपत्ति आपराधिक गतिविधियों से अर्जित की गई थी, इसलिए इसे कानूनी कार्रवाई के तहत सरकार के कब्जे में लिया जाना चाहिए। हालांकि, इस पूरे मामले में वर्षा गोहिल के वैवाहिक संपत्ति में हिस्से का मुद्दा लंबे समय तक उलझा रहा। उनका दावा था कि संपत्ति का एक हिस्सा वैध और कानूनी रूप से अर्जित था, जिस पर उनका अधिकार बनता है। इसी सवाल को लेकर कई वर्षों तक अदालत में कानूनी लड़ाई चलती रही।

कोर्ट ने सुनाया ये फैसला

ब्रिटेन के अखबार द टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, ब्रिटेन की कोर्ट ऑफ अपील ने पिछले महीने इस लंबे समय से चल रहे कानूनी विवाद पर अंतिम फैसला सुना दिया। अदालत के इस निर्णय के बाद मामले में आगे किसी और अपील की संभावना लगभग खत्म हो गई और पिछले साल हाई कोर्ट द्वारा दिए गए आदेश को लागू करने का रास्ता साफ हो गया। हाई कोर्ट ने अपने फैसले में वर्षा गोहिल को करीब 66.6 लाख पाउंड (लगभग 75 करोड़ रुपये) का सेटलमेंट देने का आदेश दिया था। 28 मई 2025 को दिए गए अपने फैसले में जज विलियम्स ने भद्रेश गोहिल के व्यवहार पर कड़ी टिप्पणी की। अदालत ने माना कि मामले के दौरान कई महत्वपूर्ण बातें सामने आईं, जिनकी वजह से यह कानूनी विवाद वर्षों तक चलता रहा। कोर्ट के फैसले के साथ ही दो दशक से ज्यादा समय से चली आ रही यह कानूनी लड़ाई आखिरकार समाप्त हो गई।

जज ने बताया कि वर्षा गोहिल पिछले 23 वर्षों से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना कर रही हैं और अब रिटायरमेंट के करीब हैं। इसके बावजूद उन्होंने इतनी लंबी कानूनी लड़ाई के दौरान खुद को आर्थिक रूप से संभालकर रखा और मजबूती से अपना पक्ष रखा। अदालत के अनुसार, शादी के दौरान अर्जित की गई वैध और बेची जा सकने वाली संपत्तियों का कुल वैल्यू करीब 66.6 लाख पाउंड था। वहीं, मामले से जुड़ी कुल बेची जा सकने वाली संपत्तियों की कीमत लगभग 2.8 करोड़ पाउंड आंकी गई। जज ने कहा कि वैध संपत्ति का हिस्सा कुल संपत्ति का केवल 23.82 प्रतिशत था, जिसे उन्होंने छोटा हिस्सा बताया। इस आधार पर अदालत ने वर्षा गोहिल को 66.6 लाख पाउंड का सेटलमेंट देने का फैसला बरकरार रखा।

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