Firing on Indian ships in Hormuz: ईरान की ओर से होर्मुज स्ट्रेट फिर से बंद किए जाने के बीच भारतीय झंडे वाला एक तेल टैंकर इस महत्वपूर्ण जलमार्ग को सफलतापूर्वक पार कर गया। जबकि कम से कम चार अन्य जहाज वापस लौट गए। जहाजों के निगरानी आंकड़ों के अनुसार, 'देश गरिमा' नामक तेल टैंकर ने शनिवार (18 अप्रैल) को होर्मुज पार किया। शिपिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (SCI) का यह टैंकर मार्च की शुरुआत से इस रूट को पार करने वाला भारतीय तिरंगे वाला 10वां जहाज है। 'मरीनट्रैफिक' के अनुसार, शनिवार शाम तक यह टैंकर ओमान की खाड़ी में आगे बढ़ रहा था।
आंकड़ों से यह भी पता चला कि तेल टैंकर 'सनमार हेराल्ड', 'देश वैभव' और 'देश विभोर' के साथ-साथ मालवाहक पोत 'जग अर्नव' ने चेक पॉइंट के पास अपना रूट्स बदल लिया। इसके साथ ही फारस की खाड़ी में भारतीय झंडे वाले जहाजों की संख्या 14 हो गई है। सरकारी स्वामित्व वाली SCI 'देश वैभव' और 'देश विभोर' को संभालती है। जबकि 'सनमार हेराल्ड' का संचालन सनमार शिपिंग और 'जग अर्नव' का संचालन ग्रेट ईस्टर्न शिपिंग कंपनी करती है।
'यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस' के अनुसार, एक टैंकर ने सूचना दी कि ओमान के उत्तर-पूर्व में लगभग 20 समुद्री मील दूर ईरान के 'रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स' की दो नौकाओं से गोलीबारी की गई। माना जा रहा है कि इसी कारण भारतीय जहाजों ने रास्ता बदल लिया। 'टैंकरट्रैकर्सडॉटकॉम' के अनुसार, इराकी कच्चे तेल से लदे एक सुपरटैंकर सहित भारतीय ध्वज वाले दो जहाजों को गोलीबारी के बाद वापस लौटना पड़ा।
भारत ने ईरान के राजदूत को किया तलब
होर्मुज में कच्चा तेल ले जा रहे भारतीय जहाजों पर गोलीबारी के बाद भारत ने कड़ा रुख अपनाते हुए ईरानी राजदूत को तलब कर विरोध दर्ज कराया। विदेश मंत्रालय के अनुसार, विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने ईरान के राजदूत मोहम्मद फताअली को इस गोलीबारी की घटना पर भारत की गहरी चिंता से अवगत कराया।
मंत्रालय ने कहा कि मिसरी ने व्यापारिक जहाजों और नाविकों की सुरक्षा के प्रति भारत के महत्व पर जोर दिया। साथ ही यह भी याद दिलाया कि ईरान पहले भारत जाने वाले कई जहाजों के सुरक्षित आवागमन में सहयोग करता रहा है।
करीब छह सप्ताह पहले अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर हमले किए जाने के बाद तेहरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही को काफी हद तक रोक दिया था। इस कदम से अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल कीमतों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई।
होर्मुज को खोलने के बाद फिर किया बंद
तेहरान द्वारा शुक्रवार को होर्मुज को कमर्शियल टैरिफ के लिए खोलने की घोषणा किए जाने के बाद कई जहाजों ने इसे पार करने का प्रयास किया। लेकिन शनिवार को ईरान ने यह आरोप लगाते हुए जलमार्ग को फिर से बंद कर दिया कि अमेरिका ने दोनों पक्षों के बीच हुए एक समझौते का उल्लंघन किया है।
ईरानी राजदूत के साथ बैठक में विदेश सचिव ने उनसे इस घटना पर भारत के पक्ष से ईरानी अधिकारियों को अवगत कराने को कहा। विदेश मंत्रालय के बयान में कहा, "जहाजों पर गोलीबारी की इस गंभीर घटना पर चिंता जताते हुए विदेश सचिव ने राजदूत से आग्रह किया कि वह भारत के दृष्टिकोण से ईरान के अधिकारियों को अवगत कराएं और होर्मुज जलडमरूमध्य से भारत आने वाले जहाजों के सुरक्षित आवागमन को जल्द बहाल करने की प्रक्रिया शुरू कराएं।"
बयान में कहा गया कि राजदूत फताअली ने भारत की चिंताओं से ईरानी अधिकारियों को अवगत करने का आश्वासन दिया। इससे पहले, सरकारी सूत्रों ने बताया कि ईरानी राजदूत को विदेश मंत्रालय में तलब कर इस घटना पर कड़ा विरोध दर्ज कराया गया।