Indian Vlogger Detained In China: 'हम बहुत छोटे लोग हैं, हमारी कोई औकात नहीं...' सोशल मीडिया पर यह कहते हुए मशहूर भारतीय ट्रैवल व्लॉगर अनंत मित्तल (On Road Indian) की आंखें भर आईं। चीन की यात्रा पर गए अनंत को शायद अंदाजा भी नहीं था कि उनका एक पुराना वीडियो उन्हें चीनी अधिकारियों की आंखों की किरकिरी बना देगा। अरुणाचल प्रदेश के समर्थन में आवाज उठाना अनंत को इतना भारी पड़ा कि उन्हें चीन में करीब 15 घंटों तक बिना खाने-पीने के हिरासत में रहना पड़ा। भारत लौटने के बाद उन्होंने अपनी इस रोंगटे खड़े कर देने वाली आपबीती शेयर की है।
अनंत मित्तल 16 नवंबर को जैसे ही चीन पहुंचे, इमिग्रेशन काउंटर पर उनके पासपोर्ट पर 'अलर्ट' जारी हुआ। उन्हें तुरंत अधिकारियों ने रोका और एक अलग एरिया में ले गए, जहां पहले से ही कुछ अन्य विदेशी नागरिक मौजूद थे। दो घंटे तक किसी ने उनसे कोई बात नहीं की। फिर उन्हें एक कमरे में ले जाया गया जहां उनका फोन और कैमरा छीन लिया गया। अधिकारियों ने शायद उनके आईपैड पर ध्यान नहीं दिया, जिसकी मदद से वे बाद में अपनी आपबीती रिकॉर्ड कर पाए।
'न पानी मिला, न खाना', 15 घंटे का मानसिक टॉर्चर
हिरासत के दौरान अनंत ने बार-बार पानी और खाने की गुहार लगाई। उन्होंने बताया, '15 घंटों में मुझे सिर्फ एक बार पानी दिया गया। खाने के लिए कोई सुनवाई नहीं हुई।' 12 घंटे बीतते-बीतते अनंत को यह अहसास होने लगा कि वह किसी बड़ी मुसीबत में फंस गए हैं। उन्हें डर सताने लगा कि शायद वह कभी भारत वापस नहीं लौट पाएंगे। उन्हें समझ आ गया था कि चीन की नाराजगी की वजह वह वीडियो था, जिसमें उन्होंने चीन द्वारा हिरासत में लिए गए अरुणाचल की एक महिला के प्रति समर्थन जताया था।
अरुणाचल से जुड़ाव और चीन का 'अड़ियल' रुख
अनंत का कहना है कि उन्होंने 3 साल पूर्वोत्तर भारत में पढ़ाई की है, इसलिए वहां के लोगों से उनका इमोशनल लगाव है। उन्होंने ये बात भी स्पष्ट की कि उनका किसी राजनीतिक दल से कोई लेना-देना नहीं है। 15 घंटे बाद एक चीनी अधिकारी आया और बिना किसी स्पष्टीकरण के कहा, 'तुम्हारी प्रक्रिया पूरी हो गई है, तुरंत देश छोड़ दो।' अनंत ने भारत पहुंचकर बताया कि वे अभी भी डरे हुए हैं और लिखते समय उनकी आंखों में आंसू हैं।
अरुणाचल की महिला को भी 18 घंटे तक रखा था हिरासत में
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब भारत ने हाल ही में शंघाई एयरपोर्ट पर अरुणाचल की एक महिला को 18 घंटे तक हिरासत में रखने पर चीन के सामने कड़ा विरोध दर्ज कराया था। भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इसे अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन बताते हुए साफ कहा था कि, 'अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न और अटूट हिस्सा है। चीन के किसी भी इनकार से यह हकीकत नहीं बदलेगी।' भारत ने चीन द्वारा भारतीय नागरिकों की 'मनमानी हिरासत' की कड़ी आलोचना की है और इसे अंतरराष्ट्रीय ट्रांजिट नियमों के खिलाफ बताया है।