मिडिल ईस्ट में जंग की भड़कती आग के बीच एक अच्छी खबर सामने आई है। इजरायल-ईरान युद्ध के बीच ईरान ने एक बड़ा ऐलान किया है। सोमवार को ईरान ने चेतावनी के साथ इजरायल के खिलाफ सैन्य अभियान को खत्म कर दिया है। ईरान की सरकारी मीडिया से जुड़ी खबरों के मुताबिक, ईरान की संयुक्त सैन्य कमान ने इजरायल के खिलाफ अपने मौजूदा सैन्य अभियानों को खत्म करने का एलान किया है। साथ ही चेतावनी दी है कि अगर इजरायल ने लेबनान पर हमले जारी रखे, तो और भी कड़े हमले किए जाएंगे।
ईरान ने बुधवार को घोषणा की कि वह इजरायल के खिलाफ अपनी सैन्य कार्रवाई रोक रहा है। इस फैसले को क्षेत्र में कई महीनों से बढ़ रहे तनाव के बीच सीजफायर की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। हालांकि, ईरान ने इसके साथ इज़रायल को सख्त चेतावनी भी दी है। तेहरान का कहना है कि अगर इज़रायल दोबारा कोई सैन्य हमला करता है, तो उसे पहले से कहीं ज्यादा कड़ा जवाब दिया जाएगा। ईरानी अधिकारियों ने कहा, "हम फिलहाल इज़रायल के खिलाफ अपनी सैन्य कार्रवाई रोक रहे हैं। लेकिन अगर इज़राइल ने फिर से लेबनान पर हमला किया, तो हम पूरी ताकत के साथ जवाबी कार्रवाई करेंगे।"
एक अलग बयान में ईरान की सेना ने भी सैन्य कार्रवाई रोकने की पुष्टि की। हालांकि, सेना ने साफ कर दिया कि यह फैसला कुछ शर्तों के साथ लिया गया है। बयान में कहा गया कि फिलहाल सैन्य अभियान रोका जा रहा है, लेकिन अगर दुश्मन की ओर से किसी भी तरह की आक्रामक या उकसावे वाली कार्रवाई जारी रहती है, जिसमें दक्षिणी लेबनान पर हमला भी शामिल है, तो उसका पहले से कहीं ज्यादा सख्त और करारा जवाब दिया जाएगा। ईरानी सेना ने कहा कि वह हालात पर लगातार नजर रखे हुए है और जरूरत पड़ने पर तुरंत जवाबी कार्रवाई करने के लिए तैयार है।
सीजफायर की ओर बढ़ रहे हैं दोनों देश
ईरान का ये बयान ऐसे समय में सामने आया, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि ईरान और इजरायल दोनों तुरंत सीजफायर चाहते हैं। करीब दो महीने पहले हुए समझौते के बाद यह पहला मौका था, जब दोनों देशों ने एक-दूसरे पर सीधे हमले किए। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा, "इजरायल और ईरान दोनों तुरंत सीजफायर चाहते हैं।"
उन्होंने आगे कहा कि शांति स्थापित करने के लिए अंतिम दौर की बातचीत जारी है। ट्रंप के मुताबिक, यह प्रक्रिया सफल हो सकती है, बशर्ते कोई गलत फैसला या गैर-जरूरी बाधा इसमें रुकावट न बने।
बता दें कि, इससे पहले रविवार और सोमवार की रात ईरान ने इज़रायल पर कई मिसाइलें दागीं। इसके जवाब में इज़राइल ने ईरान के भीतर मौजूद कई सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर हमला किया। ईरान का यह हमला ऐसे समय हुआ, जब इज़रायल ने लेबनान की राजधानी बेरूत के दक्षिणी इलाकों में ईरान समर्थित संगठन हिज़्बुल्लाह के ठिकानों पर कार्रवाई की थी। ट्रंप इस संघर्ष को जल्द खत्म होते देखना चाहते हैं। माना जा रहा है कि अमेरिका में नवंबर में होने वाले मिडिल टर्म चुनावों से पहले यह मुद्दा राजनीतिक रूप से भी अहम बन गया है। इसी वजह से ट्रंप लगातार दोनों पक्षों से तनाव कम करने और शांति की दिशा में आगे बढ़ने की अपील कर रहे हैं।