ईरान की बैलिस्टिक मिसाइलों को इजरायल तक पहुंचने में लगता है कितना समय? समझें इस मौत के हथियार के बारे में सबकुछ
Iran Israel War: ईरान के पास बैलिस्टिक मिसाइलों का जखीरा है। आइए जानते हैं आखिर ये बैलिस्टिक मिसाइल क्या होती हैं, कितनी तरह की होती है, कैसे काम करती हैं और ईरान जब इन्हें इजरायल के ऊपर दागता है, तो मिसाइल कितनी देर में वहां तक पहुंचती है और इससे कितना बड़ा नुकसान हो सकता है
ईरान की बैलिस्टिक मिसाइलों को इजरायल तक पहुंचने में लगता है कितना समय? (FILE PHOTO)
जब इजरायल ने ईरान के परमाणु और सैन्य ठिकानों पर अपना ऑपरेशन 'राइजिंग लायन' शुरू किया, तो ईरान ने सैकड़ों बैलिस्टिक मिसाइलें दागकर जवाबी हमला किया। इजरायल डिफेंस फोर्सेज (IDF) ने शनिवार को कहा कि अब तक ईरान ने दो बार में इजरायल पर 150 बैलिस्टिक मिसाइलें दागी हैं, द टाइम्स ऑफ इजरायल ने यह जानकारी दी। ईरान ने शनिवार को पूर्व जनरल कासिम सुलेमानी के नाम पर एक नई डेवलप की गई बैलिस्टिक मिसाइल का भी इस्तेमाल किया। सुलेमानी को 2020 में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश पर मार दिया गया था।
आइए जानते हैं कि आखिर ये बैलिस्टिक मिसाइल क्या होती हैं, कितनी तरह की होती है, कैसे काम करती हैं और ईरान जब इन्हें इजरायल के ऊपर दागता है, तो मिसाइल कितनी देर में वहां तक पहुंचती है और इससे कितना बड़ा नुकसान हो सकता है।
बैलिस्टिक मिसाइल क्या होती है?
बैलिस्टिक मिसाइल एक ऐसी मिसाइल होती है, जो अपने टारगेट तक पहुंचने के लिए एक तय पथ (trajectory) पर चलती है। यह मिसाइल धरती के वायुमंडल से बाहर तक जाती है और फिर गुरुत्वाकर्षण बल (Gravitational Force) की वजह से वापस नीचे गिरती है—बिलकुल वैसे ही जैसे कोई पत्थर ऊपर फेंकने के बाद नीचे गिरता है।
इसी तरह, बैलिस्टिक मिसाइल को जब लॉन्च किया जाता है, तो वो भी पहले ऊपर जाती है, फिर वायुमंडल से बाहर जाकर बिना इंजन के एक घुमावदार रास्ता तय करती है, और आखिर में गुरुत्वाकर्षण के कारण नीचे गिरती है – यानी लक्ष्य पर आकर गिरती है।
बैलिस्टिक मिसाइल कितनी तरह की होती हैं और इनकी कितनी रेंज होती है?
शॉर्ट रेंज बैलिस्टिक मिसाइल (SRBM) – 1,000 Km तक
मीडियम रेंज (MRBM) – 1,000–3,000 Km
इंटरमीडिएट रेंज (IRBM) – 3,000–5,500 Km
इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) – 5,500 Km से ज्यादा
बैलिस्टिक मिसाइल कैसे काम करती है?
ये मिसाइल तीन फेज में काम करती है:
लॉन्च फेज: जब मिसाइल को रॉकेट की मदद से बहुत तेज रफ्तार से ऊपर छोड़ा जाता है। इस दौरान, मिसाइल को शक्तिशाली रॉकेट इंजन का इस्तेमाल करके लॉन्च किया जाता है। यह तेजी से ऊपर की ओर बढ़ता है, आमतौर पर अंतरिक्ष के किनारे तक पहुंचता है। यह फेज कुछ मिनटों तक चलता है। इंजन चालू होने के दौरान मिसाइल को डायरेक्शन दी जाती है।
मिडकोर्स फेज: इंजन बंद होने के बाद, मिसाइल अंतरिक्ष में तेजी से आगे बढ़ती है। यह एक घुमावदार पाथ को फॉलो करती है - जैसे कोई गेंद फेंकी गई हो। अगर MIRVs से लैस किया जाए, तो यहां कई वारहेड छोड़े जाते हैं। यह सबसे लंबा फेज है (ICBM के लिए 20 मिनट तक चल सकता है)। यह हिस्सा अंतरिक्ष में होता है, जहां मिसाइल बिना इंजन के ग्रेविटेशनल और इनर्शियल फोर्स से यात्रा करती है।
टर्मिनल फेज: आखिरी फेज में वारहेड फिर से वायुमंडल में एंटर करता है। गुरुत्वाकर्षण उसे बहुत ही तेज रफ्तार से नीचे खींचता है। मिसाइल अब एक फ्री होकर नीचे गिरने लगती है। इस फेज में एक मिनट से भी कम समय लगता है। मिसाइल धरती की ओर लौटती है और सीधा लक्ष्य पर गिरती है।
बैलिस्टिक मिसाइल से कैसे हथियार दागे जा सकते हैं?
बैलिस्टिक मिसाइल आम विस्फोटक या परमाणु हथियार दोनों ले जा सकती है। कुछ मिसाइल मल्टीपल इंडिपेंडेंटली टार्गेटेबल रीएंट्री व्हीकल्स (MIRVs) से लैस हैं, जिससे एक की मिसाइल कई लक्ष्यों को भेद सकती है।
MIRV एक खास तकनीक है, जिसके जरिए एक ही बैलिस्टिक मिसाइल कई अलग-अलग जगहों पर एक साथ हमला कर सकती है। इसमें एक मिसाइल के अंदर कई छोटे-छोटे न्यूक्लियर वारहेड्स (बम) होते हैं, जो अलग-अलग टारगेट पर एक साथ गिराए जा सकते हैं।
उदाहरण के तौर पर इसे ऐसे समझें- कल्पना कीजिए कि आपके पास एक बड़ा रॉकेट है, जो उड़ते हुए ऊपर जाकर 6–10 छोटे बमों में बंट जाता है, और फिर ये बम अलग-अलग शहरों या ठिकानों पर गिरते हैं। यही MIRV है।
बैलिस्टिक मिसाइल को कैसे और कहां से लॉन्च किया जाता है?
बैलिस्टिक मिसाइल को लॉन्च करने के लिए खास प्लेटफॉर्म या सिस्टम का इस्तेमाल किया जाता है। ये प्लेटफॉर्म इस बात पर निर्भर करते हैं कि मिसाइल को कहां से और कैसे दागना है।
बैलिस्टिक मिसाइल को लॉन्च करने के 4 तरीके:
मोबाइल लॉन्चर (Mobile Launcher): ये बड़े ट्रक या ट्रेलर होते हैं, जिन पर मिसाइल लदी होती है। इन्हें कहीं भी ले जाकर मिसाइल दागी जा सकती है। दुश्मन की नजर से बचने के लिए ये सबसे उपयुक्त होते हैं।
साइलो लॉन्चर (Underground Silo): यह जमीन के नीचे बना एक मजबूत कंक्रीट का टैंक जैसा ढांचा होता है। मिसाइल इसमें छिपाकर रखी जाती है, और जब जरूरत हो, तब ऊपर की तरफ छोड़ी जाती है। इसकी सुरक्षा ज्यादा होती है, लेकिन जगह तय रहती है, इसलिए इसे कहीं भी मूव नहीं किया जा सकता।
पनडुब्बी से लॉन्च (Submarine-Launched – SLBM): मिसाइल को पानी के नीचे मौजूद पनडुब्बी से दागा जाता है। इसे छुपाना और कहीं से भी हमला करना आसान होता है।ये सबसे ज्यादा खतरनाक और रणनीतिक हथियार मानी जाती हैं।
रेल लॉन्चर (Rail-Based Launcher): ये तरीका कभी-कभी इस्तेमाल होता है। रेलवे ट्रैक पर चलने वाली ट्रेन के डिब्बे में मिसाइल छिपी होती है। युद्ध के समय रेल को चलाते हुए भी मिसाइल लॉन्च की जा सकती है।
बैलिस्टिक मिसाइल कितनी तेज चलती है?
बैलिस्टिक मिसाइलों की रफ्तार बेहद तेज होती है, इतनी तेज कि आम इंसान की सोच से भी बाहर। ये मिसाइलें आवाज की गति से कई गुना तेज चलती हैं। हवा में आवाज की स्पीड को “Mach 1” कहा जाता है, जो लगभग 1235 किलोमीटर प्रति घंटा होती है। लेकिन बैलिस्टिक मिसाइलें आवाज की गति से 10 गुना से भी ज्यादा तेज चलती हैं। मतलब, इनकी रफ्तार Mach 10 से लेकर Mach 25 तक हो सकती है।
जैसे-जैसे मिसाइल की रेंज बढ़ती है, वैसे-वैसे उसकी स्पीड भी बढ़ती जाती है। छोटी दूरी की मिसाइल (Short Range) लगभग 5000 से 7000 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ती है, जबकि लंबी दूरी की मिसाइल (ICBM – Intercontinental Ballistic Missile) 24,000 किलोमीटर प्रति घंटे या उससे भी ज्यादा तेज उड़ सकती है। यानी एक ICBM मिसाइल एक सेकंड में 6 से 7 किलोमीटर तक सफर तय कर सकती है।
इसकी इतनी ज्यादा स्पीड ही इसे बेहद खतरनाक और लगभग रोक पाना असंभव बनाती है। जब ये मिसाइलें अपने लक्ष्य की ओर गिरती हैं, तो इनकी स्पीड और भी ज्यादा होती है, जिससे ये बहुत कम समय में तबाही मचा सकती हैं। यही कारण है कि बैलिस्टिक मिसाइलों को किसी भी देश की सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा खतरा माना जाता है।
ईरान से इजरायल तक कितनी देर में पहुंच सकती है मिसाइल?
ईरान और इजरायल के बीच की सीधी दूरी लगभग 2,000 किलोमीटर से ज्यादा है। अगर ईरान से कोई बैलिस्टिक मिसाइल इजरायल की ओर दागी जाती है, तो यह दूरी उसकी स्पीड पर निर्भर करती है।
बैलिस्टिक मिसाइलें बहुत तेज होती हैं। ये ध्वनि की गति से 5 से 20 गुना तक तेज चल सकती हैं। इसका मतलब है कि- एक बैलिस्टिक मिसाइल को ईरान से इजरायल तक पहुंचने में सिर्फ 5 से 10 मिनट का समय लग सकता है। अगर मिसाइल की रफ्तार बहुत ज्यादा (जैसे Mach 10 या उससे ऊपर) हो, तो यह 5 मिनट से भी कम समय में इजरायल तक पहुंच सकती है।