मिडिल ईस्ट में एक बार फिर अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है। अमेरिका द्वारा लारक द्वीप पर मौजूद ईरानी लॉन्चरों को निशाना बनाए जाने के बाद ईरान ने अमेरिकी ठिकानों के खिलाफ अपनी जवाबी कार्रवाई का दावा किया है। आफको बता दें कि तेहरान ने संयुक्त अरब अमीरात और जॉर्डन में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले का दावा किया है।
ईरान ने सोमवार को दावा किया कि उसने संयुक्त अरब अमीरात स्थित अल मिन्हाद एयर बेस पर दर्जनों ड्रोन से हमला बोला है। ईरानी दावों के मुताबिक इस हमले में उन इलाकों को खास निशाना बनाया गया जहां अमेरिकी सैनिक और उनके हेलीकॉप्टर तैनात थे। रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान कहा है कि यह हमला लारक द्वीप पर अमेरिका द्वारा की गई एयरस्ट्राइक के सीधे जवाब में किया गया है।
लारक द्वीप पर अमेरिका का हमला और दोनों देशों के दावे के बारे में जानिए
आपको बता दें कि इससे पहले अमरीकी सेंट्रल कमांड ने जानकारी दी थी कि लारक द्वीप पर जिन दो ईरानी लॉन्चरों को निशाना बनाया गया वे स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में नौसैनिक बारूदी सुरंगें दागने की तैयारी कर रहे थे और उनसे एक बड़ा संकट बना हुआ था। दूसरी तरफ ईरान ने कहा है कि अमेरिकी स्ट्राइक में उसके कई लड़ाके और नागरिक मारे गए हैं, कई घायल भी हुए हैं।
जॉर्डन में दागीं मिसाइलें, राष्ट्रपति पेजेशकियान ने दी चेतावनी
अमीरात के अल मिन्हाद बेस के अलावा ईरान ने जॉर्डन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को भी निशाना बनाने का दावा किया है। वैसे जॉर्डन की सेना ने बताया कि उसने अपने हवाई क्षेत्र में घुसने वाली आठ ईरानी मिसाइलों को रास्ते में ही इंटरसेप्ट कर दिया। इस बढ़ते तनाव के बीच ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने अपने देश का रुख स्पष्ट करते हुए कहा कि ईरान युद्ध नहीं चाहता है लेकिन वह किसी भी आक्रामकता के सामने कभी भी चुप नहीं बैठेगा।