नेपाल बाढ़ का कहर! हाइड्रो प्रोजेक्ट की सुरंगों में फंसे 900 से ज्यादा लोग, अपर त्रिशूली-3A में सेना का बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन
Nepal Flood Update: नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ से हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट के 900 से अधिक कर्मचारी और मजदूर लापता हैं। मुर्दाघरों में जगह कम पड़ने के बाद नेपाल प्रशासन ने बिना पहचान वाले शवों के डीएनए (DNA) सैंपल, टैटू, स्कूल टाई और ज्वेलरी के आधार पर टैग करके उन्हें अस्थाई रूप से दफनाना शुरू कर दिया है
Nepal Flood Update: नेपाल बाढ़ के बाद हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट के 900 से अधिक कर्मचारी और मजदूर लापता हैं
Nepal Flood Update: नेपाल में भीषण बाढ़ और हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स में हुई तबाही के बाद लापता मजदूरों की तलाश लगातार तेज कर दी गई है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, पड़ोसी देश नेपाल में बाढ़ से जुड़े हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स से 900 से ज्यादा लोगों के लापता होने की जानकारी सामने आई है। इस बीच, नेपाल में मृतकों की संख्या बढ़कर 903 हो गई है, जबकि 4,200 से अधिक लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। नेपाल सेना और अन्य राहत-बचाव दल विशेष रूप से उन इलाकों में अभियान चला रहे हैं, जहां हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स बाढ़ और मलबे की चपेट में आए हैं।
एक सुरंग का सिरा मिला, अंदर जिंदगी की तलाश
बचाव अभियान के दौरान त्रिशूली-3A हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की एक सुरंग के मुहाने का पता लगाया गया है। सेना की टीम ने सुरंग के अंदर फंसे लोगों तक पहुंचने के लिए ऑक्सीजन सिलेंडर के साथ अभियान शुरू किया। नेपाली सेना के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल राजाराम बस्नेत के अनुसार, सुरंग विशेषज्ञों की टीम ने सुरंग के क्राउन हेड वाले हिस्से का पता लगाया। वहां करीब 2×3 फीट का एक छेद मिला, जिससे पानी की सतह और करीब सात मीटर तक फैले हिस्से का पता चला।
सेना के एक विशेषज्ञ ने इस रास्ते से अंदर जाकर फंसे लोगों की तलाश करने की कोशिश की। लेकिन अभी तक किसी के जीवित होने के संकेत नहीं मिले हैं। अब बचाव दल सुरंग के उस हिस्से को और चौड़ा करने की कोशिश कर रहा है, ताकि विशेषज्ञ ऑक्सीजन सिलेंडर के साथ अंदर जाकर पूरी तरह तलाशी अभियान चला सकें।
903 लोगों की मौत! 4,250 लापता
रिपोर्ट के मुताबिक, सोमवार यानी 31 अगस्त तक नेपाल में अचानक आई बाढ़ से मरने वालों की संख्या सोमवार को बढ़कर 903 हो गई। जबकि आपदा के बाद अब भी करीब 4,250 लोग लापता हैं। अधिकारियों ने बताया कि बचाव दल लगातार शव बरामद कर रहे हैं। बचावकर्मी लापता लोगों की तलाश में जुटे हैं। बचावकर्मी आपदा के छठे दिन लापता लोगों की तलाश और फंसे हुए लोगों को सुरक्षित निकालने के प्रयास कर रहे हैं। प्रभावित सभी आठ जिलों से शव बरामद किए गए हैं।
किस जिले से कितने शव बरामद?
माना जा रहा है कि यह आपदा नेपाल-तिब्बत सीमा के पास बर्फ और चट्टानों के खिसकने या हिमस्खलन के कारण आई, जिसने 26 अगस्त को उत्तरी और मध्य नेपाल के कस्बों और गांवों में भारी तबाही मचाई। नेशनल डिज़ास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी (NDRRMA) ने सोमवार को एक बयान में बताया कि अचानक आई बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 903 हो गई है।
NDRRMA के अनुसार, अब तक चितवन से 272, नवलपरासी पूर्व से 207, नवलपरासी पश्चिम से 151 और गोरखा जिले से 62 शव बरामद किए गए हैं। इसी तरह नुवाकोट से 95, धादिंग से 55, तनहूं से 37 और रसुवा से 24 शव बरामद किए गए हैं। प्राधिकरण ने बताया कि अब भी 4,247 लोग लापता हैं। इनमें 85 सुरक्षाकर्मी और 320 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं।
सिर्फ 29 शवों की पहचान हो सकी
आपदा की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बड़ी संख्या में शव मिलने के बावजूद उनकी पहचान करना मुश्किल हो रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, 900 से ज्यादा शवों में से केवल 29 की पहचान हो सकी है। नेपाल में अज्ञात शवों को फिलहाल सुरक्षित तरीके से दफनाया जा रहा है। DNA सबूत मिलाए जा रहे हैं, ताकि बाद में परिजनों की मदद से उनकी पहचान की जा सके। स्कूल की टाई, टैटू, आभूषण और अन्य निजी सामान भी शवों की पहचान में महत्वपूर्ण सुराग बन रहे हैं।
हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स में 900 से ज्यादा लोग लापता
नेपाल के हाइड्रोपावर सेक्टर को इस आपदा से भारी नुकसान हुआ है। इंडिपेंडेंट पावर प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन नेपाल के मुताबिक, देशभर के नौ हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स में 537 कर्मचारी और श्रमिक लापता हैं। नेपाल के आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स से जुड़े 933 लोगों के लापता होने की जानकारी सामने आई है। इनमें नेपाल के अलावा विदेशी नागरिक भी शामिल हैं।
खराब मौसम के बावजूद सेना का अभियान जारी
मौसम में थोड़े सुधार के बाद ऊपरी त्रिशूली-3A इलाके में बचाव अभियान को कुछ गति मिली है। नेपाली सेना ने मलबा हटाने के लिए बुलडोजर और भारी मशीनरी को प्रभावित क्षेत्र तक पहुंचाया है। कुछ स्थानों पर मशीनों को हेलीकॉप्टर की मदद से भी ले जाया गया। बारिश और खराब मौसम के बीच भी बचाव दल रात तक अभियान में जुटे रहे। सुरंग के प्रवेश बिंदु के आसपास लगातार मलबा हटाया जा रहा है।
भारत के 149 नागरिक सुरक्षित निकाले गए
नेपाल में फंसे भारतीय नागरिकों को निकालने का अभियान भी जारी है। नेपाल स्थित भारतीय दूतावास के मुताबिक, 149 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकाल लिया गया है। हालांकि, भारतीय विदेश मंत्रालय के अनुसार, 275 भारतीय नागरिकों के लापता होने की सूचना मिली थी। इनमें से 128 लोगों के बारे में अभी तक संपर्क नहीं हो पाया है। भारत ने रविवार शाम तक अपने नागरिकों की मौत की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की थी।
परिवारों को अब भी अपनों के लौटने का इंतजार
इस भयावह आपदा के बाद नेपाल के कई हिस्सों में परिवार अपने लापता परिजनों की तलाश में अस्पतालों, राहत शिविरों और शवगृहों के चक्कर लगा रहे हैं। काठमांडू के त्रिभुवन यूनिवर्सिटी टीचिंग हॉस्पिटल में भी लापता लोगों की तस्वीरें लगाई गई हैं, जहां परिजन उम्मीद के साथ अपनों की जानकारी तलाश रहे हैं। बाढ़ और मलबे ने कई इलाकों में संपर्क व्यवस्था को भी प्रभावित किया है।
ऐसे में राहत और बचाव एजेंसियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती लापता लोगों तक पहुंचना और अज्ञात शवों की पहचान करना है। फिलहाल सेना और अन्य बचाव एजेंसियों का पूरा ध्यान हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स, सुरंगों और बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्रों में फंसे लोगों को तलाशने पर है।