ईरान के एक वरिष्ठ अधिकारी ने रविवार को कहा कि ईरान ने अपने पास मौजूद ज्यादा शुद्ध यूरेनियम (Highly Enriched) को किसी दूसरे देश को सौंपने पर अभी कोई सहमति नहीं दी है। उन्होंने उन खबरों को गलत बताया, जिनमें कहा जा रहा था कि अमेरिका के साथ बातचीत में ईरान ऐसा मान गया है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, अधिकारी ने कहा कि फिलहाल अमेरिका और ईरान के बीच जो शुरुआती समझौते पर चर्चा चल रही है, उसमें परमाणु कार्यक्रम शामिल ही नहीं है।
उन्होंने साफ कहा, “परमाणु मुद्दे पर अंतिम समझौते के दौरान अलग से बातचीत होगी। अभी किसी भी तरह का फैसला नहीं हुआ है कि ईरान अपना हाईली एनरिच्ड यूरेनियम देश से बाहर भेजेगा।”
यह बयान ऐसे समय आया है, जब The New York Times ने दावा किया था कि ईरान सिद्धांत रूप में अपने यूरेनियम भंडार को छोड़ने पर तैयार हो गया है। रिपोर्ट में कहा गया था कि बाद की बातचीत में तय होगा कि यूरेनियम को कैसे हटाया जाएगा या निष्क्रिय किया जाएगा।
वहीं, Axios की रिपोर्ट में कहा गया कि प्रस्तावित समझौते में ईरान परमाणु हथियार न बनाने और यूरेनियम संवर्धन (Enrichment) रोकने पर बातचीत करने को तैयार है।
पिछले कुछ दिनों में अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत तेज हुई है। दोनों देश परमाणु कार्यक्रम और क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर किसी बड़े समझौते की कोशिश कर रहे हैं।
ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि दोनों पक्ष अभी एक शुरुआती समझौते (Memorandum of Understanding) पर चर्चा कर रहे हैं। अगर सब ठीक रहा, तो अगले 30 से 60 दिनों में बड़ा समझौता हो सकता है।
इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि समझौते के ज्यादातर हिस्सों पर सहमति बन चुकी है और सिर्फ कुछ बातें बाकी हैं।
बातचीत में स्ट्रेट ऑफ हॉरमुज़ भी बड़ा मुद्दा बना हुआ है। यह दुनिया का बेहद अहम समुद्री रास्ता है, जहां से दुनिया का लगभग 20% तेल और गैस गुजरता है।
ट्रंप ने कहा था कि समझौते के बाद यह रास्ता फिर पूरी तरह खुल सकता है, जिससे दुनिया में तेल सप्लाई और कीमतों पर दबाव कम होगा।
लेकिन बाद में ईरानी मीडिया ने इन दावों को खारिज कर दिया। ईरान ने साफ कहा कि हॉरमुज़ पर पूरा नियंत्रण उसी का रहेगा और जहाजों की आवाजाही से जुड़े फैसले भी वही करेगा।