ईरान की वो न्यूक्लियर साइट, जिसे इजरायल भी तबाह नहीं कर सकता! सिर्फ इस एक देश के पास ही है इतनी ताकत और ऐसा धांसू हथियार

Iran Israel War: हवाई हमलों को झेलने के लिए बने इस ठिकाने के बारे में अब विशेषज्ञों का कहना है कि केवल अमेरिका के पास ही इसे नष्ट करने की ताकत है। भले ही इजरायल ने पहले भी अपने सीक्रेश ऑपरेसन और मिलिट्री एक्शन से पश्चिमी खुफिया एजेंसियों को चौंका दिया हो, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि इस बात का कोई सबूत नहीं है कि उसके पास फोर्डो की सुरक्षा को भेदने के लिए पर्याप्त शक्तिशाली हथियार हैं

अपडेटेड Jun 17, 2025 पर 8:35 PM
Iran Israel War: ईरान की वो न्यूक्लियर साइट, जिसे इजरायल भी तबाह नहीं कर सकता!

पिछले कुछ दिनों में, इजरायल ने ईरान के कई परमाणु ठिकानों को निशाना बनाया है, लेकिन इसमें एक बड़ा ही अहम और रणनीतिक न्यूक्लियर साइट बच गई है- फोर्डो फ्यूल एनरिचमेंट प्लांट, जो एक पहाड़ के नीचे गहराई में बना एक भारी सुरक्षा वाला अड्डा है। हवाई हमलों को झेलने के लिए बने इस ठिकाने के बारे में अब विशेषज्ञों का कहना है कि केवल अमेरिका के पास ही इसे नष्ट करने की ताकत है। भले ही इजरायल ने पहले भी अपने सीक्रेश ऑपरेसन और मिलिट्री एक्शन से पश्चिमी खुफिया एजेंसियों को चौंका दिया हो, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि इस बात का कोई सबूत नहीं है कि उसके पास फोर्डो की सुरक्षा को भेदने के लिए पर्याप्त शक्तिशाली हथियार हैं।

ईरान का फोर्डो क्या है?

फोर्डो फ्यूल एनरिचमेंट प्लांट ईरान की सबसे सीक्रेट और बेहद सुरक्षित न्यूक्लियर साइट में से एक है। क़ोम से 30 Km और तेहरान से 160 Km दूर, फोर्डो गांव के पास एक पहाड़ के नीचे छिपी इस जगह को हवाई हमलों और विदेशी हस्तक्षेप का विरोध करने के लिए डिजाइन किया गया था। यह जगह असल में ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के कंट्रोल वाला मिसाइल बेस का हिस्सा था।


फोर्डो प्लांट का निर्माण

ईरान ने 2000 के दशक की शुरुआत में सीक्रेट "अमाद प्लान" के तहत फोर्डो का निर्माण शुरू किया, जिसका मकसद परमाणु हथियार विकसित करना था। सालों तक इसके बारे में पूरी दुनिया से छुपाया गया।

2009 में, पश्चिमी खुफिया एजेंसियों ने इस प्लांट का पर्दाफाश किया, जिसके बाद ईरान ने आधिकारिक तौर पर अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के सामने इसका खुलासा किया। उस समय, इस खुलासे ने ईरान की परमाणु महत्वाकांक्षाओं के बारे में गंभीर वैश्विक चिंताएं पैदा कर दी थीं।

फोर्डो को हिट करना इतना मुश्किल क्यों है?

फोर्डो को इतना दुर्जेय बनाने वाली बात इसकी गहराई है। यह 80 से 300 फीट जमीन के नीचे है। अपनी इसी खासियत की वजह से ये किसी भी बम और यहां तक कि एडवांस इजरायली हथियारों के टारगेट से भी दूर हो जाता है।

इस प्लांट को मूल रूप से करीब 3,000 IR-1 सेंट्रीफ्यूज रखने के लिए बनाया गया था, जिन्हें दो अलग-अलग सेक्शन में व्यवस्थित किया गया था। बेस की सुरक्षा रूस के S-300 सिस्टम सहित जमीन से हवा में मार करने वाली मिसाइलें करती हैं और ताबड़तोड़ बमबारी से बचने के लिए इसे लगातार मजबूत किया गया है।

द न्यूयॉर्क पोस्ट के अनुसार, अमेरिकन एंटरप्राइज इंस्टीट्यूट के क्रिटिकल थ्रेट्स प्रोजेक्ट के रिसर्च मैनेजर निकोलस कार्ल ने कहा, "तेहरान ने यह सुनिश्चित किया है कि ये प्लांट हवाई हमलों से बच सकता है, जिससे फोर्डो दूसरे किसी भी ठिकाने की तुलना में ज्यादा हार्ड टारगेट बन गया है, जो सालों से हमले का शिकार होते रहे हैं।"

ईरान के परमाणु कार्यक्रम में फोर्डो की भूमिका

2015 के परमाणु समझौते (JCPOA) के तहत, फोर्डो को शांतिपूर्ण वैज्ञानिक इस्तेमाल के लिए फिर से उपयोग में लाया जाना था, जैसे आइसोटोप प्रोडक्शन और एनरिचमेंट एक्टिविटी को रोक दिया गया था।

2018 में अमेरिका के समझौते से हटने के बाद, ईरान ने फोर्डो में एनरिचमेंट फिर से शुरू कर दिया। 2025 तक, एडवांस IR-6 मॉडल सहित लगभग 2,000 सेंट्रीफ्यूज साइट पर चालू हैं, जो 60 प्रतिशत प्योरिटी तक यूरेनियम को समृद्ध कर रहे हैं, जो परमाणु हथियार के लिए जरूरी 90 प्रतिशत सीमा के खतरनाक रूप से करीब है।

फोर्डो को अब ईरान के अंतिम और सबसे अहम एनरिचमेंट हब के रूप में देखा जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह हर तीन महीने में 60 प्रतिशत एनरिच्ड यूरेनियम का अनुमानित 166 किलोग्राम प्रोडक्शन करता है, जो कि अगर और ज्यादा एनरिच किया जाए, तो संभावित रूप से चार परमाणु बम बनाने के लिए काफी है। ईरान की दूसरी न्यूक्लियर साइट पर बार-बार हमलों के बावजूद, फोर्डो अछूता रहा है।

इजरायल ने क्या कहा

इजरायल के अधिकारी ईरान की परमाणु महत्वाकांक्षाओं को रोकने के लिए फोर्डो के विनाश को अहम मानते हैं। Axios के अनुसार, अमेरिका में इजरायल के राजदूत येचिएल लीटर ने हाल ही में कहा, "पूरा ऑपरेशन... वास्तव में फोर्डो के खात्मे के साथ पूरा होना चाहिए।"

माना जाता है कि केवल अमेरिका के पास ही इसे नष्ट करने में सक्षम हथियार हैं। GBU-57A/B मैसिव ऑर्डनेंस पेनेट्रेटर (MOP), एक 15-टन "बंकर बस्टर", शायद एकमात्र ऐसा बम है, जो फोर्डो के कोर तक पहुंचने की शक्ति रखता है। अभी तक ऐसा लगता नहीं है कि इजरायल के पास ऐसी क्षमताएं हैं।

वाशिंगटन पोस्ट के अनुसार, आर्म्स कंट्रोल एसोसिएशन में अप्रसार नीति के डायरेक्टर केल्सी डेवनपोर्ट ने कहा, "इजरायल ईरान के प्रमुख परमाणु प्रतिष्ठानों को नुकसान पहुंचा सकता है, लेकिन इजरायल अमेरिकी सैन्य सहायता के बिना फोर्डो जैसे मजबूत स्थलों को नष्ट नहीं कर सकता है।"

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