US-Iran War: ईरान ने दी परमाणु संधि तोड़ने और पूरी दुनिया का तेल रोकने की खौफनाक धमकी!

ईरान के सुप्रीम लीडर के मिलिट्री एडवाइजर मोहसिन रजाई ने रविवार को एक बेहद आक्रामक बयान दिया है। उन्होंने कहा कि तेहरान हर हाल में नेवल नाकाबंदी को तोड़ेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर दुश्मन ने स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज पर हमला करने की कोशिश की तो ईरान न्यूक्लियर नॉन-प्रोलिफरेशन ट्रीटी (NPT) से तुरंत वापस हट सकता है। यह पहली बार नहीं है जब ईरान में एनपीटी से बाहर निकलने की मांग उठी है

अपडेटेड May 24, 2026 पर 10:46 PM
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मिडिल ईस्ट में चल रहे महायुद्ध के तनाव के बीच ईरान ने एक नई धमकी दी है।

मिडिल ईस्ट में चल रहे महायुद्ध के तनाव के बीच ईरान ने एक नई धमकी दी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के साथ एक शांति समझौते का दावा किए जाने के ठीक बाद ईरान के तेहरान से यह बड़ा बयान सामने आया है। ईरान के सुप्रीम लीडर के मिलिट्री अडवाइजर ने रविवार को साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि अगर दुश्मन ने स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज पर हमला किया तो ईरान वैश्विक परमाणु संधि यानी एनपीटी (NPT) से पूरी तरह बाहर हो जाएगा। इसका सीधा मतलब यह है कि ईरान पूरी दुनिया का तेल रोक देगा और परमाणु हथियारों की रेस में खुलेआम कूद जाएगा।

ईरान के सुप्रीम लीडर के मिलिट्री एडवाइजर मोहसिन रजाई ने रविवार को एक बेहद आक्रामक बयान दिया है। उन्होंने कहा कि तेहरान हर हाल में नेवल नाकाबंदी को तोड़ेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर दुश्मन ने स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज पर हमला करने की कोशिश की तो ईरान न्यूक्लियर नॉन-प्रोलिफरेशन ट्रीटी (NPT) से तुरंत वापस हट सकता है। यह पहली बार नहीं है जब ईरान में एनपीटी से बाहर निकलने की मांग उठी है। इससे पहले मार्च के महीने में भी ईरानी राजनेताओं ने इस इंटरनेशनल ट्रीटी से बाहर निकलने के लिए दबाव बनाया था।

नेशनल सिक्योरिटी कमिशन ऑफ पार्लियामेंट के प्रवक्ता इब्राहिम रजाई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर लिखा था कि इस अंतरराष्ट्रीय संधि का हिस्सा बने रहने का ईरान के लिए कोई मतलब नहीं है, क्योंकि इसने हमें कोई फायदा नहीं पहुंचाया है। ईरानी अधिकारियों ने बार-बार इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी (IAEA) पर ईरानी न्यूक्लियर साइट्स (परमाणु ठिकानों) पर होने वाले हमलों में शामिल होने का आरोप भी लगाया है।


डोनाल्ड ट्रंप ने किया था ये बड़ा दावा

ईरान की यह खौफनाक धमकी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान के बाद आई है जिसमें उन्होंने कहा था कि ईरान के साथ एक शांति समझौता काफी हद तक नेगोशिएट हो चुका है। ट्रंप के मुताबिक इस समझौते में बिना किसी टोल टैक्स के स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को अंतरराष्ट्रीय जहाजों के लिए पूरी तरह से फिर से खोलना शामिल है। ट्रंप ने कन्फर्म किया कि उन्होंने इस डील को लेकर इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ-साथ सऊदी अरब, यूएई, कतर, पाकिस्तान, तुर्की, मिस्र, जॉर्डन और बहरीन के लीडर्स के साथ अलग-अलग और बहुत ही प्रोडक्टिव कॉल्स पर बात की है। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा कि डील के फाइनल आस्पेक्ट्स और डिटेल्स पर अभी चर्चा चल रही है, जिसे जल्द ही अनाउंस किया जाएगा।

बेंजामिन नेतन्याहू ने ट्रंप को किया फोन, रखीं ये सख्त शर्तें

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी रविवार को एक्स (X) पर एक पोस्ट के जरिए बताया कि उन्होंने राष्ट्रपति ट्रंप को फोन किया था। दोनों के बीच स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को फिर से खोलने के लिए हुए एमओयू (MoU) और ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम पर होने वाली फाइनल नेगोशिएशंस को लेकर चर्चा हुई। नेतन्याहू ने कहा कि, 'मैंने इजरायल की सुरक्षा के प्रति राष्ट्रपति ट्रंप की अटूट प्रतिबद्धता के लिए गहरी सराहना व्यक्त की। ऑपरेशन रोरिंग लायन और एपिक फ्यूरी के दौरान अमेरिकी और इजरायली सेनाओं ने ईरानी खतरे के खिलाफ कंधे से कंधा मिलाकर लड़ाई लड़ी है।'

नेतन्याहू ने आगे कहा कि वे दोनों इस बात पर पूरी तरह सहमत हैं कि ईरान के साथ किसी भी फाइनल एग्रीमेंट में परमाणु खतरे को पूरी तरह खत्म किया जाना चाहिए। इसका मतलब है कि ईरान के न्यूक्लियर एनरिचमेंट साइट्स को पूरी तरह नष्ट किया जाए और उसके समृद्ध परमाणु मटीरियल को उसके क्षेत्र से बाहर निकाला जाए। ट्रंप ने हर मोर्चे पर जिसमें लेबनान भी शामिल है, इजरायल के आत्मरक्षा के अधिकार को दोहराया है।

28 फरवरी से चल रहा है भीषण सैन्य टकराव

यह पूरा विवाद दोनों देशों के बीच चल रही आक्रामक नेवल नाकाबंदी और एक भीषण मिलिट्री कॉन्फ्लिक्ट के बाद पैदा हुआ है। ये सब 28 फरवरी को शुरू हुआ था। ट्रंप ने पहले ही तेल की फ्री ट्रैफिकिंग की मांग करते हुए एक फाइनल अल्टीमेटम जारी किया था और जोर दिया था कि इस वाटरवे को खोलना एक नॉन-नेगोशिएबल शर्त है।

ईरान ने ट्रंप के दावों को बताया अधूरा सच

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भले ही बातचीत में कुछ प्रोग्रेस होने की पुष्टि की हो, लेकिन ईरानी स्टेट मीडिया और विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने ट्रंप के इस दावे को थोड़ा खारिज किया है। ईरान ने ट्रंप के इस बयान को अधूरा और हकीकत से परे बताया है। ईरान का कहना है कि हालांकि हॉर्मुज को लेकर चर्चा चल रही है, लेकिन किसी भी फाइनल मैकेनिज्म को ईरान और ओमान जैसे क्षेत्रीय सीमावर्ती देशों के बीच ही कड़ाई से कोऑर्डिनेट किया जाना चाहिए। ईरान को उम्मीद है कि बारीक डिटेल्स को सुलझाने में अभी 30 से 60 दिनों की और नेगोशिएशंस (बातचीत) लगेगी।

ईरान की मुख्य मांगें और प्रायोरिटी

ईरान ने स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज के सुपरविजन, अपने पोर्ट्स से अमेरिकी नाकाबंदी को खत्म करने और ईरानी तेल की बिक्री पर लगे प्रतिबंधों को हटाने की मांग की है। प्रवक्ता बघाई ने कहा कि ईरान की शिपिंग पर अमेरिकी ब्लॉकहेड का मुद्दा बेहद महत्वपूर्ण है, लेकिन उनकी मुख्य प्रायोरिटी नए अमेरिकी हमलों के खतरे को खत्म करना है। इसके अलावा लेबनान में चल रहे मौजूदा कॉन्फ्लिक्ट को रोकना भी उनकी प्राथमिकता है, जहां ईरान समर्थित हिजबुल्लाह लड़ाके दक्षिणी हिस्से में घुसी इजरायली सेना के साथ आमने-सामने की जंग लड़ रहे हैं।

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