ईरान के परमाणु मिशन को छू तक नहीं पाए अमेरिका-इजरायल! रिपोर्ट में खुलासा- 'हमलों के बावजूद सप्लाई चेन पूरी तरह सुरक्षित'

Iran Nuclear Program: रिपोर्ट के अनुसार, महीनों के संघर्ष और हमलों के बावजूद ईरान द्वारा परमाणु हथियार बनाने के अनुमानित समय में कोई बदलाव नहीं आया है।अमेरिकी खुफिया आकलन का मानना है कि नतांज, फोर्डो और इस्फहान पर हमलों के बाद भी ईरान 9 महीने से एक साल के भीतर परमाणु हथियार बना सकता है

अपडेटेड May 06, 2026 पर 11:26 AM
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रिपोर्ट में कहा गया है कि अत्यधिक संवर्धित यूरेनियम के भंडार को संभवतः हमलों के दौरान छुआ तक नहीं गया है

Iran’s Nuclear Supply Chain: अमेरिकी और इजरायली हमलों के दावों के विपरीत ईरान को लेकर एक नया खुलासा हुआ है। नई रिपोर्ट में यह बात सामने आई है कि ईरान की परमाणु सप्लाई चेन के कई महत्वपूर्ण हिस्से अभी भी पूरी तरह एक्टिव और सुरक्षित हैं। जहां अमेरिका और इजराइल तेहरान की परमाणु क्षमताओं को भारी नुकसान पहुंचाने का दावा कर रहे हैं, वहीं CNN की एक हालिया वीडियो जांच विश्लेषकों के हवाले से कुछ और ही कहानी बयां कर रही है।

सतह पर नुकसान, लेकिन 'खजाना' अभी भी सुरक्षित?

CNN की जांच के अनुसार, ईरान के परमाणु बुनियादी ढांचे से जुड़ी दर्जनों साइटों की समीक्षा से पता चला है कि प्रोडक्शन श्रृंखला के कुछ हिस्सों को 'काफी नुकसान' तो हुआ है, लेकिन सबसे महत्वपूर्ण घटक अभी भी अछूते हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि अत्यधिक संवर्धित यूरेनियम के भंडार को संभवतः हमलों के दौरान छुआ तक नहीं गया है। मध्य तेहरान में स्थित एक विश्वविद्यालय, जिसे परमाणु सप्लाई चेन का शुरुआती चरण माना जाता था, मार्च के मध्य में हुए हमलों में निशाना बनाया गया था।


सैटेलाइट तस्वीरों से खुलासा- अभी भी एक्टिव है हैं यूरेनियम खदानें

जांच में पाया गया कि ईरान की परमाणु सप्लाई चेन पूरी तरह से ध्वस्त नहीं हुई है। सगंद यूरेनियम खदान के इमेजरी विश्लेषण से पता चलता है कि यहां कोई दृश्य क्षति नहीं हुई है। सैटेलाइट तस्वीरों में साइट पर खोदने वाली मशीनें काम करती दिखाई दी हैं, जो संकेत देती हैं कि खनन गतिविधियां अभी भी जारी हो सकती हैं।

हालांकि अर्दकन में यूरेनियम प्रसंस्करण सुविधाओं को 27 मार्च के हमलों में 'काफी नुकसान' पहुंचा था, लेकिन हालिया तस्वीरों के अनुसार वहां पुनर्निर्माण का काम अभी शुरू नहीं हुआ है।

इस्फहान की सुरंगें बनी हुई है अमेरिका और इजराइल की सबसे बड़ी चिंता

इस्फहान परमाणु परिसर अब सबसे बड़ी चिंता का केंद्र बन गया है। विशेषज्ञों को संदेह है कि भारी मात्रा में संवर्धित यूरेनियम अभी भी यहां भूमिगत रूप से जमा है।फ्रांसीसी प्रकाशन Le Monde द्वारा उजागर तस्वीरों में इजराइली हमलों से ठीक पहले ट्रकों को नीले कंटेनरों के साथ सुरंग प्रणालियों में जाते देखा गया था। विशेषज्ञों का मानना है कि इन कंटेनरों में यूरेनियम ले जाया जा रहा था।

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ताजा हमलों में सतह की कई इमारतों को नष्ट कर दिया गया, लेकिन भूमिगत सुरंगों के प्रवेश द्वारों को निशाना नहीं बनाया गया। ईरान ने बाद में इन प्रवेश द्वारों को मिट्टी से ढंक दिया और सड़क मार्ग अवरुद्ध कर दिए, जो इसके भीतर कुछ 'कीमती' होने का संकेत देते हैं।

परमाणु विशेषज्ञ डेविड अलब्राइट ने चेतावनी दी है कि इस्फहान में जमा भंडार एक 'बड़ा जोखिम' है और यह ईरान के पूरे साल के उत्पादन के बराबर है।

ईरान के परमाणु बम बनाने के समय में कोई बदलाव नहीं

रॉयटर्स की एक अन्य रिपोर्ट के अनुसार, महीनों के संघर्ष और हमलों के बावजूद ईरान द्वारा परमाणु हथियार बनाने के अनुमानित समय में कोई बदलाव नहीं आया है।अमेरिकी खुफिया आकलन का मानना है कि नतांज, फोर्डो और इस्फहान पर हमलों के बाद भी ईरान 9 महीने से एक साल के भीतर परमाणु हथियार बना सकता है।

IAEA लगभग 440 किलोग्राम यूरेनियम (60% संवर्धित) के स्थान को वेरीफाई करने में असमर्थ रही है। माना जा रहा है कि इसका आधा हिस्सा इस्फहान की भूमिगत सुरंगों में छिपा है।

इस पूरे मामले पर व्हाइट हाउस की प्रवक्ता ओलिविया वेल्स ने कहा कि 'ऑपरेशन मिडनाइट हैमर' और 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' ने ईरान के रक्षा आधार को तहस-नहस कर दिया है। उन्होंने दोहराया कि ट्रंप स्पष्ट हैं 'ईरान कभी परमाणु हथियार नहीं बना पाएगा'।

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