Iran Protests: विदेश मंत्रालय (MEA) ने बुधवार (14 जनवरी) को ईरान की यात्रा को लेकर भारतीय नागरिकों के लिए एक एडवाइजरी जारी किया। इसमें कहा गया है कि ईरान में चल रहे घटनाक्रम को देखते हुए भारतीय नागरिकों को एक बार फिर सलाह दी जाती है कि वे अगली सूचना तक तेहरान की यात्रा न करें। ईरान की बिगड़ती आर्थिक स्थिति के खिलाफ विरोध प्रदर्शन लगभग दो हफ्ते पहले तेहरान में शुरू हुए थे। ये प्रदर्शन ईरान के कई राज्यों में फैल गए हैं। इसमें हजारों लोगों की मौत हुई है। ये विरोध प्रदर्शन अमेरिकी डॉलर के मुकाबले ईरानी करेंसी, रियाल की कीमत में आई भारी गिरावट के कारण शुरू हुए थे।
भारतीय दूतावास ने एडवाइजरी में अपने नागरिकों से जल्द से जल्द ईरान छोड़ने के लिए कहा है। ये एडवाइजरी छात्रों से लेकर बिजनेसमैन तक सभी के लिए जारी दी गई है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा है कि भारत महंगाई और करेंसी की कीमत गिरने को लेकर ईरान में हो रहे विरोध प्रदर्शनों पर करीब से नजर रख रहा है।
इससे पहले नई दिल्ली ने 5 जनवरी को भारतीय नागरिकों से ईरान की गैर-जरूरी यात्रा से बचने का आग्रह किया था। साथ ही ईरान में पहले से मौजूद लोगों को सावधानी बरतने और उन इलाकों से बचने की सलाह दी थी, जहां विरोध प्रदर्शन या धरने हो रहे हैं।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल से उनकी साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान ईरान की स्थिति के बारे में पूछा गया था। तब जायसवाल ने कहा, "हम ईरान में हो रहे घटनाक्रम पर करीब से नजर रख रहे हैं। जैसा कि आपने देखा होगा...हमने एक एडवाइजरी भी जारी की है। उस देश में हमारे लगभग 10,000 नागरिक और भारतीय मूल के लोग हैं।"
ईरान के चीफ जस्टिस ने सरकार विरोधी राष्ट्रव्यापी प्रदर्शनों के दौरान हिरासत में लिए गए लोगों के खिलाफ तत्काल सुनवाई और फांसी की सजा का संकेत दिया है। वहीं, मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने बुधवार को कहा कि मृतकों की संख्या बढ़कर 2,572 हो गई है।
ईरान के सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस गुलामहुसैन मोहसेनी-एजेई ने मंगलवार को एक वीडियो में मुकदमे चलाये जाने और फांसी की सजा के बारे में टिप्पणी की। हालांकि, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि फांसी दिए जाने की स्थिति में वह बहुत कड़ी कार्रवाई करेंगे।
इस बीच, अमेरिका स्थित 'ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज एजेंसी' ने बताया कि बुधवार सुबह तक मृतकों की संख्या बढ़कर 2,571 हो गई थी। यह आंकड़ा दशकों में ईरान में हुए किसी भी विरोध प्रदर्शन या अशांति में हुई मौतों की संख्या से कहीं अधिक है। ईरान की 1979 की इस्लामी क्रांति के दौरान फैली अराजकता की याद दिलाता है।
मृतकों की संख्या की जानकारी मिलने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के नेताओं को चेतावनी दी कि वह किसी भी प्रकार की बातचीत समाप्त कर रहे हैं और कार्रवाई करेंगे। ईरान के चीफ जस्टिस एजेई ने कहा, "अगर हमें कोई काम करना है, तो हमें उसे अभी करना चाहिए। अगर हम कुछ करना चाहते हैं, तो हमें उसे जल्दी करना होगा।"