Get App

Iran Protests: आजादी की मांग पर नरसंहार! ईरान में 12,000 प्रदर्शनकारियों की हत्या? तेहरान ने आतंकवादियों को ठहराया दोषी, नई रिपोर्ट से हड़कंप

Iran Protests: एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ईरान में मरने वालों की संख्या 12,000 से अधिक हो सकती है। रॉयटर्स से अधिकारी ने कहा कि मरने वालों में सुरक्षाकर्मी भी शामिल थे। पहले मरने वालों की संख्या 646 बताई गई थी। वेबसाइट ने इसे ईरान के आधुनिक इतिहास की सबसे बड़ी हत्या करार दिया है

Akhilesh Nath Tripathiअपडेटेड Jan 13, 2026 पर 5:23 PM
Iran Protests: आजादी की मांग पर नरसंहार! ईरान में 12,000 प्रदर्शनकारियों की हत्या? तेहरान ने आतंकवादियों को ठहराया दोषी, नई रिपोर्ट से हड़कंप
Iran Protests: ईरानी अधिकारियों ने बताया कि तेहरान में जारी हिंसक विरोध प्रदर्शनों के बीच 2000 लोग मारे जा चुके हैं

Iran Protests: न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने एक अधिकारी के हवाले से बताया कि ईरान में विरोध प्रदर्शन शुरू होने के बाद से अब तक कम से कम 2,000 लोग मारे जा चुके हैं। ईरान ने इतनी बड़ी संख्या में मौतों के लिए 'आतंकवादियों' को दोषी ठहराया है। इस बीच, ईरान के ही एक अन्य रिपोर्ट में दावा किया गया है कि मरने वालों की संख्या 12,000 से अधिक हो सकती हैरॉयटर्स से अधिकारी ने कहा कि मरने वालों में सुरक्षाकर्मी भी शामिल थे। पहले मरने वालों की संख्या 646 बताई गई थी।

एक विपक्षी वेबसाइट 'ईरान इंटरनेशनल' ने दावा किया कि सरकार विरोधी विरोध प्रदर्शनों पर देशव्यापी कार्रवाई के दौरान ईरानी सुरक्षा बलों ने कम से कम 12,000 लोगों को मार डाला। वेबसाइट ने इसे ईरान के आधुनिक इतिहास की सबसे बड़ी हत्या बताया। यह आंकड़ा रॉयटर्स को एक ईरानी अधिकारी द्वारा दिए गए अनुमान से बिल्कुल अलग है।

उन्होंने कहा कि ईरान में अब तक विरोध-प्रदर्शन के दौरान 2,000 लोग मारे गए है। साथ ही हिंसा के लिए "आतंकवादियों" को दोषी ठहराया। मानवाधिकार समूहों और मीडिया आउटलेट्स ने पुष्टि की गई मौतों की संख्या कई सौ बताई है। साथ ही यह भी कहा है कि ईरान के अंदर जानकारी पर कड़ी पाबंदियों के कारण स्वतंत्र पुष्टि करना मुश्किल है।

ईरान इंटरनेशनल ने बताया कि ये हत्याएं ज्यादातर इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स और बासिज बलों द्वारा की गई। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि मुख्य रूप से 8 और 9 जनवरी की रातों को ये हत्याएं की गई। आउटलेट ने आगे दावा किया कि यह ऑपरेशन अली खामेनेई के सीधे आदेश पर किया गया था। इसकी जानकारी और मंजूरी ईरान की राजनीतिक व्यवस्था के वरिष्ठ अधिकारियों को थी।

रिपोर्ट के अनुसार, सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल द्वारा जिंदा गोलियों के इस्तेमाल की अनुमति देने वाला आदेश जारी किया गया था। ईरान इंटरनेशनल ने कहा कि कम से कम 12,000 मौतों का उसका अनुमान ईरान की अपनी सुरक्षा संस्थानों के पास मौजूद आंकड़ों को दर्शाता है। इसने कहा कि जानकारी कई स्रोतों का उपयोग करके संकलित और क्रॉस-चेक की गई थी।

सब समाचार

+ और भी पढ़ें