Iran protests: तेहरान में सरकार समर्थक रैली में शामिल हुए ईरान के राष्ट्रपति, 90 घंटे से इंटरनेट ब्लैकआउट जारी, जानें- बड़ी बातें

Iran protests: देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों के बाद ईरान की राजधानी तेहरान में सोमवार (12 जनवरी) को सरकार के हजारों समर्थकों ने सड़कों पर आकर अपनी शक्ति का प्रदर्शन किया। इस दौरान खुद राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान तेहरान की सड़कों पर झंडे लहराते आम नागरिकों के बीच देखे गए। ईरान में इंटरनेट ब्लैकआउट अब 90 घंटे से अधिक हो गया है

अपडेटेड Jan 12, 2026 पर 11:49 PM
Story continues below Advertisement
Iran protests: ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान तेहरान की सड़कों पर नागरिकों के बीच चलते हुए देखे गए

Iran protests: देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों के बाद ईरान की राजधानी तेहरान में सोमवार (12 जनवरी) को सरकार के हजारों समर्थकों ने सड़कों पर आकर अपनी शक्ति का प्रदर्शन कियाइस दौरान खुद राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान तेहरान की सड़कों पर झंडे लहराते आम नागरिकों के बीच चलते हुए देखे गएइंटरनेट पर वायरल तस्वीरों के अनुसार, पेजेशकियान ईरानियों से सरकार विरोधी विरोध प्रदर्शनों के जवाब में बड़े शहरों में इकट्ठा होने का आग्रह किया थाउनके साथ विदेश मंत्री अब्बास अराघची भी थे

उन्होंने कहा कि देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों के बीच स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में हैइन रैलियों में भाग लेने वालों को राष्ट्रीय झंडे लहराते और सरकार समर्थक नारे लगाते देखा गया। ईरान में देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों में सैकड़ों लोग मारे जा चुके हैंईरानी सरकार ने प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई तेज कर दी हैदेश भर में इंटरनेट ब्लैकआउट अब 90 घंटे से ज्यादा हो गया है

मानवाधिकार एजेंसियों ने बताया कि ईरानी सुरक्षा बलों ने कम से कम 648 प्रदर्शनकारियों को मार डाला हैइस बीच, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरानी सरकार ने अमेरिका को बातचीत का प्रस्ताव दिया हैजबकि वह बढ़ती हिंसा से निपटने के लिए बहुत मजबूत सैन्य विकल्पों पर विचार कर रहे हैं

एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि उनका प्रशासन तेहरान के साथ एक बैठक आयोजित करने के लिए बातचीत कर रहा है। हालांकि उन्होंने चेतावनी दी है कि बढ़ती मौतों के कारण सैन्य कार्रवाई की जरूरत पड़ सकती हैउन्होंने जोर देकर कहा कि ईरान ने फोन किया। वे बातचीत करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई और सत्ताधारी सरकार अपने ही नागरिकों के खिलाफ रेड लाइन पार कर रहे हैं


जानें- अब तक की बड़ी बातें

  • न्यूज एजेंसी AFP ने नॉर्वे स्थित ईरान ह्यूमन राइट्स (IHR) के हवाले से बताया कि सरकार विरोधी प्रदर्शनों के खिलाफ ईरानी सुरक्षा बलों की कार्रवाई में कम से कम 648 प्रदर्शनकारी मारे गए हैंसमूह ने चेतावनी दी है कि मरने वालों की असली संख्या इससे कहीं ज्यादा हो सकती है
  • ईरानी अधिकारियों ने अब 90 घंटे से ज्यादा समय से लगभग पूरी तरह से इंटरनेट बंद कर रखा हैइससे हताहतों की संख्या और विरोध प्रदर्शन के पैमाने का स्वतंत्र रूप से सत्यापन करना मुश्किल हो गया है
  • फोन लाइनें भी काट दी गई हैंउन्होंने कहा कि सरकार इसका इस्तेमाल विरोधी नेताओं को निशाना बनाने के लिए कर रही हैईरानी न्यूज एजेंसी ने उन मशहूर हस्तियों और नेताओं के नाम जारी करना शुरू कर दिया है। उन्होंने विद्रोह का समर्थन किया थाएजेंसी ने उन पर दंगे भड़काने और सुरक्षा कर्मियों की मौत की निंदाकरने का आरोप लगाया है
  • विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने दावा किया है कि स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण मेंगई हैतेहरान में विदेशी राजनयिकों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि घातक हिंसा को मोसाद आतंकवादियों और अमेरिका समर्थित समूहों से जोड़ने के स्पष्ट सबूत हैं।
  • ईरान में तनावपूर्ण हालात के बीच बीते 15 दिनों से लोग सड़कों पर बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी को लेकर खामेनेई सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैंइन सबके बीच ईरानी राजदूत ने फेक न्यूज फैलाने की आलोचना की है
  • भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फथाली ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर विरोध प्रदर्शन के दौरान छह भारतीयों और 10 अफगानिस्तानियों की गिरफ्तारी की खबरों को सिरे से खारिज किया है

ये भी पढ़ें- Yamuna River Cruise: अब दिल्ली यमुना पर लग्जरी क्रूज का ले सकेंगे गोवा वाला आनंद! NCR वालों को जल्द मिलेगा तोहफा, जानें- सबकुछ

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।