Iran: अमेरिकी हमले की आशंका के बीच ईरान कर रहा 'इमरजेंसी की तैयारी', तेज की तेल की लोडिंग

Iran-US Tension: शिपिंग डेटा फर्म 'केप्लर' के आंकड़ों के अनुसार, ईरान के मुख्य तेल डिपो खार्ग द्वीप पर लोडिंग की गतिविधि में अचानक भारी तेजी आई है। 15 से 20 फरवरी के बीच करीब 2.01 करोड़ बैरल तेल टैंकरों पर लादा गया। यह पिछले साल जनवरी की इसी अवधि के मुकाबले लगभग तीन गुना अधिक है

अपडेटेड Feb 26, 2026 पर 9:18 AM
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ईरान का लक्ष्य किसी भी संभावित हमले से पहले अपने तेल भंडार को सुरक्षित ठिकानों या वैश्विक बाजार की ओर रवाना करना है

Iran-US tension: ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच फारस की खाड़ी से बड़ी खबर आ रही है। सैटेलाइट डेटा और विशेषज्ञों के अनुसार, ईरान ने पिछले कुछ दिनों में अपने टैंकरों पर कच्चा तेल लादने की रफ्तार को दोगुना से भी ज्यादा कर दिया है। इसे अमेरिका द्वारा मध्य पूर्व में बढ़ाई गई सैन्य तैनाती के जवाब में ईरान की 'इमरजेंसी तैयारी' के रूप में देखा जा रहा है। ईरान का लक्ष्य किसी भी संभावित हमले से पहले अपने तेल भंडार को सुरक्षित ठिकानों या वैश्विक बाजार की ओर रवाना करना है।

खार्ग द्वीप पर रिकॉर्ड लोडिंग

शिपिंग डेटा फर्म 'केप्लर' (Kpler) के आंकड़ों के अनुसार, ईरान के मुख्य तेल डिपो खार्ग द्वीप पर लोडिंग की गतिविधि में अचानक भारी तेजी आई है। 15 से 20 फरवरी के बीच करीब 2.01 करोड़ बैरल तेल टैंकरों पर लादा गया। यह पिछले साल जनवरी की इसी अवधि के मुकाबले लगभग तीन गुना अधिक है। वर्तमान में यह रफ्तार 30 लाख बैरल प्रतिदिन के बराबर है, जो ईरान की सामान्य निर्यात दर से कहीं ज्यादा है।विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसा ही पैटर्न 2003 में दूसरे खाड़ी युद्ध और 2024 के तनाव के दौरान देखा गया था, जब ईरान ने हमले की आहट पाते ही बंदरगाहों को खाली करना शुरू कर दिया था।


अमेरिका की बड़ी घेराबंदी

ईरान की यह छटपटाहट बेवजह नहीं है। अमेरिका ने इस समय मध्य पूर्व में अपनी सबसे बड़ी लड़ाकू सेना तैनात कर दी है। 2003 के बाद यह पहली बार है जब इतनी बड़ी संख्या में अमेरिकी सैनिक और युद्धपोत इस क्षेत्र में मौजूद हैं। रिपोर्टों के अनुसार, क्षेत्र में तैनात अमेरिकी सैनिकों की संख्या 30,000 से 40,000 के बीच है, जो किसी भी समय कार्रवाई के लिए तैयार हैं।

क्या है ईरान की रणनीति?

टैंकर-ट्रैकर्स (TankerTrackers.com) के सह-संस्थापक समीर मदानी के अनुसार, ईरान की रणनीति बेहद स्पष्ट है। जैसे ही टैंकर पूरी तरह भर जाते हैं, वे खार्ग द्वीप से दूर चले जाते है। अगर अमेरिका हमला करता है, तो ये जहाज समुद्र में फैल जाएंगे ताकि उन्हें निशाना बनाना मुश्किल हो और तेल सुरक्षित रहे। खार्ग द्वीप पर तेल का भंडारण जो जनवरी में 88% तक भर गया था, अब लोडिंग के कारण घटकर 67% रह गया है। इससे ईरान को और अधिक उत्पादन करने और उसे सुरक्षित रखने के लिए खाली जगह मिल गई है।

ईरान के लिए उसका तेल निर्यात अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। लोडिंग तेज करने के बावजूद ईरान के सामने कई चुनौतियां हैं। इन टैंकरों को हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से गुजरना होता है, जहां अमेरिकी निगरानी बहुत सख्त है। ईरानी जहाज अक्सर अपनी लोकेशन छुपाने के लिए ट्रांसपोंडर बंद कर देते हैं। 'ब्लूमबर्ग' के विश्लेषण के अनुसार, सैटेलाइट इमेज में खार्ग द्वीप के पास खड़े टैंकरों की संख्या 8 से बढ़कर 18 हो गई है। यह साफ दिखाता है कि ईरान अपनी पूरी ताकत तेल निकालने में लगा रहा है।

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