होर्मुज को लेकर आ गई गुड न्यूज...ईरान रास्ता खोलने को हुआ तैयार! इतने दिनों सामान्य होगा जहाजों का ट्रैफिक

ईरान का कहना है कि अहम समुद्री रास्ता ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़’ से व्यापारिक जहाजों की आवाजाही अगले 30 दिनों में फिर से पहले जैसी सामान्य हो सकती है। 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के बाद ईरान ने ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़’ के रास्ते को लगभग बंद कर दिया था। दुनिया की करीब 20 प्रतिशत ऊर्जा सप्लाई इसी समुद्री रास्ते से गुजरती है। इस तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में भारी बढ़ोतरी हुई और कई देशों में ऊर्जा संकट गहरा गया

अपडेटेड May 24, 2026 पर 5:32 PM
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US Iran Hormuz: ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच जारी जंग के कारण बीते दो महीने से होमुर्ज जलमार्ग बंद है,

ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच जारी जंग के कारण बीते दो महीने से होमुर्ज जलमार्ग बंद है, इस कारण दुनिया तेल और गैस की कमी का सामना कर रही है। वहीं अब ईरान ने एक बड़ा ऐलान किया है। उसने कहा है कि अगले 30 दिनों में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों की तादाद फिर से पहले जैसी हो सकती है। बता दें कि, अमेरिका और ईरान पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव और युद्ध को खत्म करने के लिए समझौते के करीब पहुंच गए हैं।

ईरान का कहना है कि अहम समुद्री रास्ता ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़’ से व्यापारिक जहाजों की आवाजाही अगले 30 दिनों में फिर से पहले जैसी सामान्य हो सकती है। 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के बाद ईरान ने ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ के रास्ते को लगभग बंद कर दिया था। दुनिया की करीब 20 प्रतिशत ऊर्जा सप्लाई इसी समुद्री रास्ते से गुजरती है। इस तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में भारी बढ़ोतरी हुई और कई देशों में ऊर्जा संकट गहरा गया। हालात तब और बिगड़ गए, जब अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों के आसपास नौसैनिक नाकेबंदी कर दी।

हालांकि, डोनाल्ड ट्रंप के बयान के बाद यह उम्मीद बढ़ गई है कि यह युद्ध जल्द खत्म हो सकता है। कई ईरानी और अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि दोनों देश एक “समझौता” (MOU) तैयार करने पर काम कर रहे हैं। इस समझौते का मकसद पिछले कई महीनों से चल रहे संघर्ष को खत्म करना, ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़’ को फिर से खोलना और अमेरिका द्वारा लगाई गई नाकेबंदी को हटाना बताया जा रहा है।


होर्मुज से जहाजों की आवाजाही पर बड़ा अपडेट

एक्सियोस की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका और ईरान के बीच तैयार हो रहे समझौते में 60 दिनों तक युद्धविराम बढ़ाने की बात शामिल है। इस दौरान ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़’ को फिर से खोला जाएगा, ताकि ईरान बिना रोक-टोक अपना तेल बेच सके। साथ ही ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर भी बातचीत जारी रहेगी। ईरान की अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी ‘तसनीम’ ने बताया कि संभावित समझौते में यह शर्त रखी गई है कि ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़’ से गुजरने वाले जहाजों की संख्या 30 दिनों के भीतर युद्ध से पहले जैसी सामान्य हो जाएगी।

ईरान ने मांग की है कि अमेरिका 30 दिनों के अंदर अपनी नौसैनिक नाकेबंदी पूरी तरह हटा ले। इसके अलावा, समझौते के पहले चरण में ईरान के कुछ जब्त किए गए फंड भी जारी किए जाएं। हालांकि, रिपोर्ट में कहा गया है कि अभी भी एक-दो मुद्दों पर दोनों देशों के बीच मतभेद बने हुए हैं, जिनमें परमाणु कार्यक्रम का मामला भी शामिल है।

समझौते को लेकर सामने आई ‘अच्छी खबर’

रविवार को अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने संकेत दिए कि ईरान के साथ चल रही बातचीत में कुछ प्रगति हुई है। उन्होंने कहा कि आने वाले कुछ घंटों में इस मामले में कोई बड़ी घोषणा हो सकती है। नई दिल्ली में विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान रूबियो ने कहा, “मुझे पूरी उम्मीद है कि अगले कुछ घंटों में दुनिया को कोई अच्छी खबर मिल सकती है।”

उन्होंने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर अमेरिका के रुख को भी दोहराया। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, एक वरिष्ठ ईरानी अधिकारी ने बताया कि अगर ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद इस समझौता ज्ञापन (MOU) को मंजूरी दे देती है, तो इसे अंतिम मंजूरी के लिए देश के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई के पास भेजा जाएगा। एक्सियोस की रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि इस मसौदा समझौते में ईरान की ओर से यह वादा शामिल है कि वह कभी परमाणु हथियार बनाने की कोशिश नहीं करेगा।

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