बीते एक महीने से जारी अमेरिका-इजरायल और ईरान की जंग अब और भी खतरनाक मोड़ पर आ गया है। वहीं जारी जंग के बीच, ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने अब अमेरिकी टेक कंपनियों को निशाना बनाने की धमकी दी है। साथ ही उसने कर्मचारियों और आस-पास रहने वाले लोगों से तुरंत जगह खाली करने की चेतावनी दी है। उसने कहा है कि अगर ईरान की प्रमुख हस्तियों की हत्या जारी रहती है तो कई बड़ी अमेरिकी कंपनियों को जवाबी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।
ईरान के निशाने पर 18 टेक कंपनियां
मंगलवार को जारी बयान में आईआरजीसी ने आरोप लगाया कि कुछ कंपनियां, जैसे एप्पल, गूगल, मेटा और माइक्रोसॉफ्ट, उन 18 संस्थाओं में शामिल हैं, जो ईरान के खिलाफ गतिविधियों में मदद कर रही हैं। IRGC ने कहा कि अगर निशाना बनाकर और अधिक ईरानी नेताओं को मारा जाता है, तो कल स्थानीय समय के अनुसार रात 8 बजे से हमला शुरू होगा। जिसमें 18 कंपनियों को निशाना बनाया जाएगा। इनमें बोइंग, टेस्ला, मेटा, गूगल और एप्पल शामिल होंगे। साथ ही, उसने इन कंपनियों के कर्मचारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि वे अपनी सुरक्षा के लिए तुरंत अपने वर्कप्लेस छोड़ दें।
जंग के बीच कंपनियों को दी ये चेतावनी
बयान में आगे कहा गया कि पूरे क्षेत्र में इन कंपनियों से जुड़े दफ्तरों और संपत्तियों को निशाना बनाया जा सकता है। साथ ही चेतावनी दी गई कि ईरान की जवाबी कार्रवाई के तहत इन्हें पूरी तरह नष्ट भी किया जा सकता है। बड़ी टेक कंपनियों के अलावा इस सूची में एचपी, इंटेल, आईबीएम और सिस्को जैसी कंपनियां भी शामिल हैं। इसके साथ ही टेस्ला, एनवीडिया, ओरेकल, जेपी मॉर्गन और बोइंग का नाम भी लिया गया है। आईआरजीसी ने आरोप लगाया है कि ये सभी कंपनियां अमेरिका के साथ मिलकर जासूसी से जुड़ी गतिविधियों में शामिल हैं। उसका कहना है कि इन कंपनियों की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सूचना-तकनीक से जुड़ी क्षमताओं का इस्तेमाल लक्ष्यों को ट्रैक करने और ईरान के अंदर अमेरिका और इजरायल से जुड़े अभियानों को आगे बढ़ाने में किया जा रहा है।
IRGC ने कहा है कि अमेरिका और इजरायल द्वारा किए गए आतंकवादी ऑपरेशनों के जवाब में इन कंपनियों को लीगल टारगेट माना जाएगा। इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कोर ने अपने बयान में कहा कि अमेरिकी ICT और AI कंपनियां हत्याओं की योजना बनाने और उन्हें अंजाम देने में मुख्य भूमिका निभाती हैं।