'मिनाब 168' की खून और दर्द से भरी यादें लेकर अमेरिका से बात करने इस्लामाबाद पहुंची ईरानी टीम!
Minab 168 Flight: अमेरिका-ईरान के बीच होने वाली अहम बातचीत से पहले एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। इस्लामाबाद पहुंचे ईरानी प्रतिनिधिमंडल के साथ खून से सने स्कूल बैग, छोटे-छोटे जूते और बच्चों की तस्वीरें भी फ्लाइट में आईं।
‘मिनाब168’ की दर्दभरी यादों के साथ इस्लामाबाद पहुंचा ईरानी प्रतिनिधिमंडल
Minab 168 Flight: अमेरिका-ईरान के बीच होने वाली अहम बातचीत से पहले एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। इस्लामाबाद पहुंचे ईरानी प्रतिनिधिमंडल के साथ खून से सने स्कूल बैग, छोटे-छोटे जूते और बच्चों की तस्वीरें भी फ्लाइट में आईं। यह सिर्फ सामान नहीं था, बल्कि युद्ध में हुई मानवीय क्षति का एक भावुक और संदेश देने वाला प्रतीक था। इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ कर रहे हैं।
क्या है ‘मिनाब 168’?
इस्लामाबाद पहुंचे ईरानी प्रतिनिधिमंडल का नाम “मिनाब 168” रखा गया है। यह नाम मिनाब मे मारे गए उन मासूम बच्चों की याद में रखा गया है, जो युद्ध के शुरुआती हमलों में जान गंवा बैठे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, युद्ध के पहले ही दिन एक स्कूल पर हमला हुआ, जिसमें 160 से ज्यादा बच्चों की मौत हो गई। इस दर्दनाक घटना ने पूरे ईरान को हिला दिया और अब वही दर्द दुनिया को दिखाने की कोशिश की जा रही है।
फ्लाइट में दिखा दर्द का मंजर
इस्लामाबाद जाने वाली फ्लाइट के अंदर, सीटों पर मिनाब स्कूल हमले में मारे गए बच्चों की तस्वीरें और सामान रखे गए थे, जिसका मकसद यह दिखाना था युद्ध राजनीतिक और सैन्य मामला नहीं है, इसका सीधा असर आम लोगों और बच्चों की जिंदगी पर पड़ता है। X पर तस्वीर शेयर करते हुए गालिबफ ने लिखा, “इस उड़ान में मेरे साथी, #Minab168।” जिसके बाद यह पोस्ट तेजी से वायरल हो गया और लोगों ने इस पोस्ट पर इमोशनल प्रतिक्रिया भी दी।
मिनाब के स्कूल पर हुए हमले को ईरान इस पूरे मामले में अपनी मुख्य बातों का हिस्सा बना रहा है, क्योंकि इस हमले में 160 से ज्यादा लोगों की मौत और 100 से अधिक हुए थे और इसमें बड़ी संख्या में बच्चे भी शामिल थे।
JUST IN: Image of the Plane Iran's Minab 168 Delegation Took to Pakistan
Dr. Ghalibaf "My companions on this flight. Minab 168" The seats had pictures of the 168 children killed in the Minab School air strike on day one of the War on Iran. https://t.co/2bsenIXsEZpic.twitter.com/IQlhYUe9fM — Ryan Rozbiani (@RyanRozbiani) April 10, 2026
गालिबाफ का चेतावनी भरा संदेश
इस्लामाबाद पहुंचने पर गालिबफ ने तेहरान के सतर्क रुख को दोहराते हुए कहा, "हमारी सद्भावना है, लेकिन हमें (अमेरिकियों पर) भरोसा नहीं है।" उन्होंने पिछली बातचीत की आलोचना करते हुए कहा, "दुर्भाग्य से, अमेरिकियों के साथ बातचीत करने का हमारा अनुभव हमेशा विफलता और समझौते के उल्लंघन से भरा रहा है।"
ईरान का पक्ष साफ करते हुए उन्होंने कहा, "आने वाली बातचीत में, अगर अमेरिकी पक्ष एक वास्तविक समझौता करने और ईरानी जनता के अधिकारों देने के लिए तैयार है, तो वे हमारी तरफ से भी समझौते की तैयारी देखेंगे।" उन्होंने चेतावनी दी कि यदि बातचीत का उपयोग "धोखाधड़ी" या बेईमानी के रूप में किया गया तो ईरान कड़ा जवाब देगा।
जेडी वेंस ने दी प्रतिक्रिया
अमेरिका की ओर से उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने बातचीत के लिए खुलेपन का संकेत दिया, लेकिन साथ ही चेतावनी भी दी। उन्होंने कहा, "अगर ईरानी अच्छे से बातचीत करने को तैयार हैं, तो हम भी निश्चित रूप से उनका स्वागत करने के लिए तैयार हैं।" उन्होंने आगे कहा, "अगर वे हमें धोखा देने की कोशिश करेंगे, तो हमारी बातचीत टीम बहुत नरम रवैया नहीं अपनाएगी।"
इस्लामाबाद में हो रही बातचीत में पाकिस्तान, तुर्की, चीन, सऊदी अरब और मिस्र की सहभागिता से संपन्न दो सप्ताह के नाजुक युद्धविराम के बाद वरिष्ठ प्रतिनिधिमंडल एक साथ आए हैं। ईरान के प्रतिनिधिमंडल में विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची शामिल हैं, जबकि अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल में स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर हैं।
यह बातचीत ऐसे समय में हो रही है जब करीब छह हफ्ते से जारी संघर्ष में भारी जान-माल का नुकसान हुआ है और पूरे क्षेत्र की स्थिरता प्रभावित हुई है। महत्वपूर्ण वैश्विक ऊर्जा मार्ग, होर्मुज स्ट्रेट और लेबनान में इजरायल के लगातार हमलों को लेकर तनाव अभी भी बना हुआ है।
राजनयिक प्रयासों के बावजूद, सीजफायर की शर्तों और अन्य बड़े समझौतों को लेकर दोनों पक्षों में अभी भी मतभेद हैं। इससे साफ है कि बातचीत अभी बहुत नाजुक स्थिति में है और दोनों पक्ष लंबे समय के समाधान की ओर बढ़ने की कोशिश कर रहे हैं।