'सिगरेट से खामेनेई का तस्वीर जलाने का ट्रेंड', ईरान में सीधे सत्ता को चुनौती दे रहीं महिलाएं

यह ट्रेंड विरोध का एक मजबूत प्रतीक बन गया है, खासकर ऐसे देश में जहां सख्त सामाजिक नियम हैं और महिलाओं के अधिकारों पर कड़ी पाबंदियां लगाई जाती हैं। यह सब ऐसे समय हो रहा है, जब 86 साल के खामेनेई के धार्मिक शासन के खिलाफ प्रदर्शन और तेज हो गए हैं। सरकारी सख्ती और दमन के बावजूद लोग सड़कों पर उतर रहे हैं

अपडेटेड Jan 10, 2026 पर 4:24 PM
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ईरान में चल रहे हिंसक आंदोलन के बीच महिलाओं ने विरोध का ऐसा तरीका अपनाया है

ईरान में चल रहे हिंसक आंदोलन के बीच महिलाओं ने विरोध का ऐसा तरीका अपनाया है, जिसकी चर्चा अब पूरी दुनिया में होने लगी है। पिछले दो हफ्तों में ईरानी महिलाओं के ऐसे वीडियो और तस्वीरें सामने आई हैं, जिनमें वे अयातुल्ला अली खामेनेई की जलती हुई तस्वीरों से सिगरेट जलाती दिख रही हैं। ये दृश्य सरकार विरोधी आंदोलन की सबसे चर्चित तस्वीरों में शामिल हो गए हैं।

यह ट्रेंड विरोध का एक मजबूत प्रतीक बन गया है, खासकर ऐसे देश में जहां सख्त सामाजिक नियम हैं और महिलाओं के अधिकारों पर कड़ी पाबंदियां लगाई जाती हैं। यह सब ऐसे समय हो रहा है, जब 86 साल के खामेनेई के धार्मिक शासन के खिलाफ प्रदर्शन और तेज हो गए हैं। सरकारी सख्ती और दमन के बावजूद लोग सड़कों पर उतर रहे हैं। ये प्रदर्शन शुरुआत में महंगाई और खराब अर्थव्यवस्था को लेकर शुरू हुए थे, लेकिन जल्दी ही यह आंदोलन शासन और भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़े विरोध में बदल गया। अब हालात यह हैं कि प्रदर्शनकारी सिर्फ सुधार की मांग नहीं कर रहे, बल्कि इस्लामिक रिपब्लिक व्यवस्था को ही पूरी तरह खारिज कर रहे हैं।

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28 दिसंबर से ईरान में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। राजधानी तेहरान समेत कई शहरों में युवा और बुज़ुर्ग सभी सड़कों पर उतर आए हैं। इन प्रदर्शनों में “खामेनेई की मौत हो” और “पहलवी वापस आएंगे” जैसे नारे सुनाई दे रहे हैं। कुछ प्रदर्शनकारी ईरान के आखिरी शाह के बेटे रजा पहलवी की वापसी की मांग कर रहे हैं। रजा पहलवी के पिता को 1979 की क्रांति के दौरान सत्ता से हटा दिया गया था। अब प्रदर्शनकारियों का एक वर्ग उन्हें फिर से देश की राजनीति में देखने की बात कर रहा है।

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विरोध का नया प्रतीक

नारों के बीच अब विरोध का एक और तरीका सामने आया है। ईरानी महिलाओं की ऐसी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं, जिनमें वे अयातुल्ला अली खामेनेई की जलती हुई तस्वीरों से सिगरेट जलाती दिखाई दे रही हैं। ये तस्वीरें लोगों का ध्यान तेजी से खींच रही हैं और विरोध का प्रतीक बन गई हैं। हालांकि ऐसा विरोध पहली बार नहीं देखा गया है। इससे पहले 2022 में भी इसी तरह के विरोध सामने आए थे। ये प्रदर्शन महसा अमीनी की मौत के बाद शुरू हुए थे। 22 साल की महसा अमीनी को ईरान की नैतिकता पुलिस ने कथित तौर पर “गलत पहनावे” के आरोप में गिरफ्तार किया था और हिरासत में उनकी मौत हो गई थी।

ईरान जैसे इस्लामिक देश में सुप्रीम लीडर की तस्वीर जलाना कानूनन गंभीर अपराध माना जाता हैवहीं, महिलाओं का सार्वजनिक रूप से धूम्रपान करना भी प्रतिबंधित है। इसी वजह से इस तरह की तस्वीरें सत्ता के खिलाफ खुली चुनौती के रूप में देखी जा रही हैं।

हिंसक हुआ प्रदर्शन 

पिछले साल ईरान में एक व्यक्ति ओमिद सरलाक ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो डाला था। इस वीडियो में वह अयातुल्ला अली खामेनेई की तस्वीर को आग लगाते हुए दिखाई दे रहा था। लेकिन वीडियो सामने आने के कुछ ही घंटों बाद उसका शव उसकी कार के अंदर मिला। इसके बाद तेहरान के मुख्य सरकारी अभियोजक ने सख्त चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि ऐसे काम करने वालों और सरकारी इमारतों को जलाने वाले प्रदर्शनकारियों को मौत की सज़ा तक हो सकती है

हालांकि, इस चेतावनी का विरोध प्रदर्शनों पर कोई खास असर नहीं पड़ा। शनिवार को भी कई जगहों पर प्रदर्शन जारी रहे। तेहरान के एक डॉक्टर ने दावा किया कि अब तक मरने वालों की संख्या करीब 200 तक पहुंच चुकी है। इस बीच सोशल मीडिया पर कुछ और तस्वीरें और वीडियो भी सामने आए हैं, जिनमें कथित तौर पर ईरानी महिलाएं अपने हेडस्कार्फ जलाती हुई दिख रही हैं। हालांकि, इन तस्वीरों और वीडियो की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

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