Israel-Iran War: इजरायल और ईरान के बीच की लड़ाई गहराती जा रही है। इजरायल ने इसे ‘ऑपरेशन राइजिंग लायन’ नाम दिया है। इस ऑपरेशन के तहत एक तरफ इजरायल ने लगातार दूसरे दिन ईरान पर हवाई हमला किया तो ईरान ने भी 'ट्रू प्रॉमिस थ्री' के तहत इजरायल की राजधानी तेल अवीव में मिसाइलें दागी हैं। वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) इस मामले में ईरान को फिर चेतावनी भरे अंदाज में सलाह दी है। उन्होंने कहा कि ईरान को सौदा करने के लिए बार-बार मौका दिया गया और अब भी सब खत्म होने से पहले ईरान को अमेरिका के साथ परमाणु समझौता कर लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि इजरायल का हमला ईरान की सोच से कहीं अधिक घातक होगा।
बाकी देशों का क्या है रिस्पांस?
समर्थन की बात करें तो इजरायल का समर्थन अमेरिका दिखा ही चुका है, अब ईरान के समर्थन में चीन आ चुका है। अमेरिकी मीडिया के मुताबिक अमेरिकी सेना ईरानी मिसाइलों को मार गिराने में इजरायल की मदद कर रही है। फॉक्स न्यूज के मुताबिक इजरायल में लाखों अमेरिकी नागरिक और कई अमेरिकी संपत्तियां है। दोनों देशों के बीच छिड़ी जंग को लेकर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की इमरजेंसी बैठक में ब्रिटेन के विदेश मंत्री डेविड लैमी ने ईरान के विदेश मंत्री से बात कर शांति बनाए रखने की अपील की है। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से अलग-अलग फोन पर बात कर डिप्लोमेसी के जरिए तनाव कम करने की अपील की।
Israel-Iran War: अभी क्या है स्थिति?
इजरायल के लड़ाकू विमानों ने शुक्रवार देर रात तक ईरान के परमाणु ठिकानों को दोबारा निशाना बनाया। इन हमलों में अब तक 78 की मौत और 350 से अधिक के घायल होने की खबर सामने आ रही है। वहीं दूसरी तरफ ईरान ने भी इजरायल पर करीब 200 मिसाईलें दागी हैं जिसमें से कुछ तो इजरायल की राजधानी तेल अवीव में भी गिरीं। इस हमले में एक महिला की मौत और 63 लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आ रही है। ईरान ने तो इजरायल के रक्षा मंत्रालय को भी निशाना बनाने का दावा किया है। ईरानी ईरानी एयरफोर्स ने इजरायल के दो F-35 लड़ाकू विमान और कई छोटे ड्रोन्स को मार गिराने का दावा किया है। इजरायल ने भी दावा किया है कि उसने ईरान के 200 से अधिक ठिकानों पर हमले किए हैं। ईरान की तरफ से हमले की आशंका के चलते पहले ही इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को सुरक्षित ठिकाने पर भेज दिया गया था। इजरायली मीडिया के मुताबिक नेतन्याहू का जहाज दो लड़ाकू विमानों की सुरक्षा में ग्रीस की राजधानी एथेंस में उतरा।
ईरान ने अगली सूचना तक सभी एयरपोर्ट्स बंद कर दिए हैं और एयरस्पेस भी बंद है जिसके चलते कई एयरलाइन कंपनियों ने मिडिल ईस्ट आने-जाने वाली अपनी फ्लाइट्स या तो सस्पेंड कर दी या कैंसिल कर दी। खास बात ये है कि इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन ने अंग्रेजी और फारसी में ईरान के लोगों को संबोधित करते हुए अपने नेताओं के खिलाफ खड़े होने की अपील की। उन्होंने कहा कि उनकी लड़ाई ईरान की सरकार से है। हालांकि इजरायल पर मिसाइलों के हमले के बाद ईरान की राजधानी तेहरान की सड़कों पर लोग सड़कों पर उतरे जिसमें कई लोगों के हाथों में सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह खामेनेई की तस्वीर थी। वहीं दूसरी तरफ ईरान ने यज्द में इजराइल का साथ देने और तस्वीरें लेने के आरोप में 5 लोगों को गिरफ्तार किया है।
अमेरिका को लेकर क्या है ईरान का स्टैंड?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को इजरायल के हमले में सब कुछ खत्म होने से पहले जल्द से जल्द परमाणु समझौता करने को कहा है। हालांकि ईरान ने इसे लेकर पॉजिटिव संकेत नहीं दिया और कहा कि बातचीत का कोई मतलब नहीं है। दोनों देशों यानी अमेरिका और ईरान के बीच रविवार को परमाणु समझौते को लेकर छठे दौर की बातचीत होनी थी लेकिन अब यह नहीं होगी। वहीं दूसरी तरफ संयुक्त राष्ट्र में चीन के डिप्लोमैट फू कांग ने ईरान पर इजरायल के हमले की निंदा की और कहा कि ईरान की संप्रभुता, सुरक्षा और क्षेत्रीय अखंडता के उल्लंघन की चीन निंदा करता है और लड़ाई को आगे बढ़ाने का विरोध करता है।