Israel-US Iran War: इजरायल ने ईरान के प्रमुख प्राकृतिक गैस क्षेत्र पर और हमले नहीं करने का वादा किया है। यह निर्णय ऐसे समय में लिया गया है जब ईरान ने खाड़ी क्षेत्र में तेल और प्राकृतिक गैस प्रतिष्ठानों पर हमले तेज कर दिए हैं। इस बीच, इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने गुरुवार (19 मार्च) को उन रिपोर्टों का खंडन किया जिनमें कहा गया था कि इजरायल ने अमेरिका को ईरान के साथ संघर्ष में घसीटा है। नेतन्याहू ने इन दावों को फर्जी खबरें करार दिया।
उन्होंने कहा, "यह मनगढ़ंत बात कि हमने US को इस मामले में घसीटा है। यह न सिर्फ मनगढ़ंत है, बल्कि हास्यास्पद भी है। क्या सचमुच किसी को ऐसा लगता है कि कोई राष्ट्रपति (डोनाल्ड) ट्रंप को बता सकता है कि उन्हें क्या करना है? अरे, जरा सोचिए तो...।" उन्होंने आगे कहा कि ट्रंप हमेशा वही फैसले लेते हैं जो उन्हें अमेरिका के लिए सही लगते हैं।
उन्होंने इस युद्ध में इजरायल और अमेरिका के बीच घनिष्ठ तालमेल की भी सराहना की। उन्होंने कहा, "हम बिजली की गति से अपने लक्ष्य हासिल कर रहे हैं।" प्रधानमंत्री बेंजामिन ने आगे कहा कि अमेरिका और इजरायल के 20 दिनों तक चले हवाई हमलों के बाद अब ईरान के पास यूरेनियम या बैलिस्टिक मिसाइलें बनाने की क्षमता नहीं बची है। नेतन्याहू ने यह भी कहा कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के अनुरोध पर इजराइल ईरान के विशाल प्राकृतिक गैस फील्ड पर किसी भी और हमले को रोक देगा।
गुरुवार रात एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा, "हम जीत रहे हैं। और ईरान पूरी तरह से तबाह हो रहा है।" उन्होंने कहा कि ईरान के मिसाइल और ड्रोन के जखीरे को भारी नुकसान पहुंचाया जा रहा है। उसे पूरी तरह से नष्ट कर दिया जाएगा। इस बढ़ते संघर्ष का वैश्विक ऊर्जा बाजारों और अर्थव्यवस्था में व्यापक असर देखने को मिल रहा है। इन हमलों के बाद ईंधन के दामों में तेजी से वृद्धि हुई और ईरान के पड़ोसी अरब देशों के युद्ध में सीधे उतरने का खतरा बढ़ गया है।
होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान के लगातार अवरोधों के कारण पहले से दबाव झेल रही वैश्विक ईंधन आपूर्ति ईरान के इन हमलों से और अधिक दबाव में आ रही है। होर्मुज जलडमरूमध्य एक अहम जलमार्ग है। दुनिया में जो कुल तेल परिवहन होता है, उसका पांचवां हिस्सा इसी मार्ग से गुजरता है।
ईरान के साउथ पार्स गैस क्षेत्र पर इजरायल के हमले के जवाब में ईरान ने भी कार्रवाई की जिसके बाद प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने गुरुवार देर रात कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के अनुरोध पर इजरायल अपतटीय गैस क्षेत्र पर फिलहाल कोई हमला नहीं करेगा।
ईरान में कई सीनियर नेताओं की मौत
अमेरिका और इजरायल द्वारा 28 फरवरी को युद्ध शुरू किए जाने के बाद ईरान के कई शीर्ष नेता हवाई हमलों में मारे गए हैं। कहा जा रहा है कि ईरान की सैन्य क्षमताएं कमजोर हुई हैं। नेतन्याहू ने कहा कि अब ईरान के पास बैलिस्टिक मिसाइल बनाने की क्षमता नहीं रही है।
ईरान का नेतृत्व अब मुजतबा खामेनेई कर रहे हैं जो इस युद्ध में मारे गए देश के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के बेटे हैं। ईरान अब भी खाड़ी के अरब पड़ोसी देशों को निशाना बनाकर मिसाइल और ड्रोन हमले कर रहा है।
इस क्षेत्र में संयुक्त अरब अमीरात के तट के पास एक जहाज में आग लगा दी गई। कतर के पास एक अन्य जहाज क्षतिग्रस्त हो गया। एक ईरानी ड्रोन से लाल सागर में स्थित सऊदी अरब की एक रिफाइनरी को निशाना बनाया गया।
इजरायल और अमेरिका द्वारा 28 फरवरी को ईरान पर हमलों के साथ युद्ध शुरू होने के बाद से अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कच्चे तेल की कीमत 119 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई है। तेल के अंतरराष्ट्रीय मानक 'ब्रेंट क्रूड' की कीमत युद्ध शुरू होने के बाद से 60 प्रतिशत से अधिक बढ़ी हैं।