'हमारे आसिम मुनीर ने दिया था गजवा-ए-हिंद का नारा', ऑपरेशन सिंदूर पर जैश कमांडर का कबूलनामा

यह बयान इलियास कश्मीरी ने 5 फरवरी को पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के रावलकोट में एक सभा को संबोधित करते हुए दिया। इस बैठक में संगठन के कई सदस्य और नए भर्ती हुए लोग भी मौजूद थे। सभा के दौरान कश्मीरी ने ऑपरेशन सिंदूर के समय को याद करते हुए कहा कि संगठन के “कमांडर” ने उस संघर्ष को औपचारिक रूप से धार्मिक रूप दे दिया था

अपडेटेड Feb 07, 2026 पर 9:41 PM
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झूठ और नापाक साजिशों की फैक्ट्री चलाने वाले पाकिस्तान का असली चेहरा एक बार फिर बेनकाब हो गया है।

झूठ और नापाक साजिशों की फैक्ट्री चलाने वाले पाकिस्तान का असली चेहरा एक बार फिर बेनकाब हो गया है। आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के टॉप कमांडर और भारत के वांटेड आतंकी मसूद इलयास कश्मीरी ने एक बार फिर पाकिस्तान की आतंकवाद पर खुली छूट की पोल खोल दी। जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी ने दावा किया है कि पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर ने भारत के ऑपरेशन सिंदूर के जवाब को “गजवा-ए-हिंद” बताया था।

आतंकी ने खोली पाकिस्तान की पोल

यह बयान इलियास कश्मीरी ने 5 फरवरी को पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के रावलकोट में एक सभा को संबोधित करते हुए दिया। इस बैठक में संगठन के कई सदस्य और नए भर्ती हुए लोग भी मौजूद थे। सभा के दौरान कश्मीरी ने ऑपरेशन सिंदूर के समय को याद करते हुए कहा कि संगठन के “कमांडर” ने उस संघर्ष को औपचारिक रूप से धार्मिक रूप दे दिया था। फिलहाल इस बयान को लेकर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।


दिया था जिहाद का नारा 

सभा को संबोधित करते हुए उसने कहा, “जब लड़ाई शुरू हुई, हथियार निकल आए, विमान टकराने लगे और टैंक आमने-सामने आ गए, तब कमांडर ने घोषणा की कि यह गजवत-उल-हिंद है और यह एक धार्मिक युद्ध है।” उसने आगे कहा कि उनका संगठन खुद को जिहाद से जोड़ता है। उसके मुताबिक, “हमारी पहचान और हमारा मकसद जिहाद है। जब सरकार साथ थी तब भी जिहाद था, और जब सरकार साथ नहीं थी तब भी जिहाद है। हम जिहाद करेंगे और कश्मीर को आजाद करवाएंगे।”

रावलकोट में दिया गया यह भाषण पाकिस्तान में मौजूद आतंकी नेताओं के उन सार्वजनिक बयानों की ताजा कड़ी माना जा रहा है, जिनमें कथित तौर पर पाकिस्तान के कुछ नेताओं और आतंकवादी संगठनों के बीच रिश्तों की बात सामने आती रही है। पिछले कुछ महीनों में आतंकी संगठनों से जुड़े लोगों ने पाकिस्तान में खुले मंचों पर बार-बार ऐसे भाषण दिए हैं, जिनमें जिहाद की तारीफ की गई और भारत के साथ टकराव को धार्मिक नजरिए से पेश किया गया। ये भाषण अक्सर बड़ी भीड़ और समर्थकों की मौजूदगी में दिए गए।

भारत लंबे समय से कहता रहा है कि इस तरह की खुली बयानबाजी और रैलियों या अंतिम संस्कार में हथियारबंद लोगों की मौजूदगी यह दिखाती है कि सीमा पार संयुक्त राष्ट्र द्वारा नामित आतंकवादियों को किस तरह का संरक्षण और समर्थन मिल रहा है। भारत का मानना है कि ऐसे कार्यक्रम और बयान आतंकवाद के लिए बने उस माहौल को उजागर करते हैं, जिसमें इन संगठनों को खुलकर काम करने का मौका मिलता है।

भारत ने किया था ऑपरेशन सिंदूर 

पिछले साल अप्रैल में पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की जान चली गई थी। इस घटना के बाद भारत ने आतंकवाद के खिलाफ कड़ा कदम उठाया। हमले के जवाब में भारत ने मई 2025 में ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया। इस अभियान के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में मौजूद आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया। जिसका मकसद उन लॉन्च पैड, ट्रेनिंग कैंप और कमांड ढांचे को खत्म करना था, जिनका इस्तेमाल भारत के खिलाफ हमलों की योजना बनाने के लिए किया जाता था। सरकार के मुताबिक, यह कदम देश की सुरक्षा को मजबूत करने और भविष्य में ऐसे हमलों को रोकने के लिए उठाया गया था।

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