Ayatollah Khamenei Funeral: जहां हुआ था हमला वहीं ले जाया गया खामेनेई का ताबूत, अंतिम संस्कार में आएंगे 2 करोड़ लोग! भारत से कौन-कौन पहुंचेगा?

ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की अंतिम विदाई की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। ईरानी सरकारी मीडिया IRIB के मुताबिक एक औचक कार्यक्रम के तहत शहीद नेता अयातुल्ला खामेनेई के पार्थिव शरीर वाले ताबूत को उसी स्थान पर ले जाया गया जहां हमले के दौरान वे शहीद हुए थे।

अपडेटेड Jul 03, 2026 पर 11:44 AM
जहां हुआ था हमला वहीं ले जाया गया खामेनेई का ताबूत

Ayatollah Khamenei Funeral Schedule: ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की अंतिम विदाई की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। ईरानी सरकारी मीडिया इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान ब्रॉडकास्टिंग (IRIB) के मुताबिक एक अघोषित और औचक कार्यक्रम के तहत शहीद नेता अयातुल्ला खामेनेई के पार्थिव शरीर वाले ताबूत को उसी स्थान पर ले जाया गया जहां 28 फरवरी को अमेरिका-इजरायल के हवाई हमलों के दौरान वे शहीद हुए थे। इस बीच संयुक्त राष्ट्र (UN) के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची के साथ फोन पर बात कर ग्रैंड अयातुल्ला सैयद अली खामेनेई की शहादत पर अपनी संवेदनाएं व्यक्त की हैं।

ईरानी अधिकारियों के मुताबिक यह देश के इतिहास में सबसे बड़ी जनसभाओं में से एक होने जा रही है। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) का अनुमान है कि इस अंतिम संस्कार में शामिल होने वाले लोगों की संख्या 2 करोड़ तक पहुंच सकती है।

क्या है अंतिम संस्कार का पूरा शेड्यूल?


खामेनेई का राजकीय अंतिम संस्कार शनिवार 4 जुलाई से तेहरान में शुरू होकर मंगलवार 9 जुलाई को उनके गृहनगर मशहद में दफनाने के साथ संपन्न होगा। इस पूरे 6 दिन का शेड्यूल कुछ ऐसा है-

शनिवार (4 जुलाई): तेहरान के इमाम खमेनी ग्रैंड प्रेयर ग्राउंड्स में सुबह 6 बजे से रात 8 बजे तक आम जनता के अंतिम दर्शन के लिए खामेनेई का पार्थिव शरीर रखा जाएगा।

रविवार (5 जुलाई): सुबह के समय अंतिम संस्कार की विशेष नमाज अदा की जाएगी। इसके बाद जनाजे का जुलूस निकाला जाएगा।

सोमवार (6 जुलाई): तेहरान की सड़कों से होते हुए एक बड़ा जनाजा जुलूस गुजरेगा।

मंगलवार (7 जुलाई): पवित्र शहर कौम में अंतिम संस्कार के कार्यक्रम आयोजित होंगे।

बुधवार (8 जुलाई): जनाजे के जुलूस और कार्यक्रमों का सिलसिला पड़ोसी देश इराक के पवित्र शहरों नजफ और कर्बला तक पहुंचेगा।

गुरुवार (9 जुलाई): खामेनेई के पार्थिव शरीर को वापस ईरान लाया जाएगा और मशहद में सुपुर्द-ए-खाक किए जाने के साथ ही इस 6 दिवसीय राजकीय शोक और विदाई समारोह का समापन होगा।

भारत से कौन-कौन पहुंचेगा ईरान?

अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए भारत से कई आधिकारिक प्रतिनिधि, राजनेता और आध्यात्मिक गुरु ईरान जा रहे हैं। भारत सरकार की ओर से आधिकारिक तौर पर बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) सैयद अता हसनैन और विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा प्रतिनिधित्व करेंगे। विदेश मंत्रालय के मुताबिक दोनों नेता 3 जुलाई को ईरान के लिए रवाना हो रहे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, पूर्व विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद और कांग्रेस के मीडिया और पब्लिसिटी विंग के प्रमुख पवन खेड़ा को भी यक्रमों में शामिल होने का न्यौता भेजा है।

ईरान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी इनवाइट किया है। न्यूज एजेंसियों के मुताबिक आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक गुरुदेव श्री श्री रविशंकर इस राजकीय अंतिम संस्कार में हिस्सा लेने के लिए तेहरान पहुंच चुके हैं।

लेबनान के अमल मूवमेंट के एक प्रतिनिधिमंडल सहित कई देशों के वीआईपी तेहरान पहुंचने लगे हैं। अमल मूवमेंट ने अंतिम संस्कार से पहले ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालबाफ से मुलाकात की है।

सुरक्षा कारणों से शामिल नहीं होंगे नए सुप्रीम लीडर मोजतबा

ईरान के वर्तमान सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई अपने पिता के अंतिम संस्कार में शामिल नहीं होंगे। भारत में उनके प्रतिनिधि अयातुल्ला हाकिम इलाही ने बताया कि इजरायली धमकियों और सर्विलांस (निगरानी) के खतरों को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियों ने मोजतबा को सार्वजनिक रूप से कार्यक्रम में शामिल न होने की सलाह दी है, जिसके चलते यह फैसला लिया गया है।

तेहरान में महाजुटान के लिए प्रशासन की भारी तैयारी

आईआरजीसी की तेहरान कमान के कमांडर और अंतिम संस्कार आयोजन समिति के प्रमुख ब्रिगेडियर जनरल हसन हसनजादेह ने बताया कि तेहरान में सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन को लेकर विशेष रणनीतियां तैयार की गई हैं। तेहरान की कोई भी एक सड़क इतनी भारी भीड़ को सुरक्षित तरीके से संभालने में सक्षम नहीं है। इसलिए अधिकारियों ने एक सिंगल रूट की जगह पूरी राजधानी में एक विस्तृत कॉरिडोर बनाने का फैसला किया है। समारोह क्षेत्र में वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित रहेगी।

जहां खामेनेई का पार्थिव शरीर अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा वहां परिवार के लिए अलग से बैठने की जगह बनाई गई है। मुख्य मंच को ऊंचाई पर बनाया गया है ताकि भीड़ को स्पष्ट रूप से दर्शन हो सकें। कार्यक्रम में अंतर्राष्ट्रीय स्तर के कुरान पाठकों, धार्मिक कवियों और सांस्कृतिक समूहों की प्रस्तुतियां होंगी। तेहरान की मेट्रो और बस सेवाएं पूरी क्षमता के साथ चलाई जाएंगी। शहर के चारों तरफ ट्रैफिक कंट्रोल जोन और पांच समर्पित सर्विस सेंटर बनाए गए हैं। ये सेंटर लोगों को पीने का पानी, भोजन, चिकित्सा सहायता, स्वच्छता सुविधाएं और प्रार्थना स्थल उपलब्ध कराएंगे।

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