पाकिस्तान और आतंकवाद के साथ उनका रिश्ता एक बार उजागर हुआ है। पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज शोएब अख्तर के बड़े भाई शाहिद अख्तर के अंतिम संस्कार में एक बेहद ही हैरान कर देने वाला नजारा दिखा। बताया जा रहा है कि अंतिम संस्कार में लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) से जुड़े कुछ लोगों की मौजूदगी देखी गई, जिसके बाद यह मामला चर्चा का विषय बन गया है। शाहिद अख्तर की 24 जून को दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई थी।
शोएब अख्तर के भाई के जनाजे में आए लश्कर आतंकी
रिपोर्टों के मुताबिक, पाकिस्तान मरकज़ी मुस्लिम लीग (पीएमएमएल), जिसे लश्कर-ए-तैयबा का राजनीतिक सहयोगी माना जाता है, की ओर से जारी एक वीडियो में अंतिम संस्कार में शामिल कुछ ऐसे लोग भी दिखाई दिए, जिन्हें 26/11 मुंबई आतंकी हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद के करीबी सहयोगी बताया जाता है।
रिपोर्ट के अनुसार, अंतिम संस्कार की तस्वीरों में पाकिस्तान मरकज़ी मुस्लिम लीग (पीएमएमएल) के कई वरिष्ठ नेता भी दिखाई दिए। इनमें इस्लामाबाद के प्रमुख इनाम-उर-रहमान कंबोह, उप महासचिव अब्दुल्ला टूर, क्षेत्रीय महासचिव हाफिज उमर और खिदमत कमेटी के अध्यक्ष अमजद भट्टी शामिल थे। 'इंडिया टुडे' की रिपोर्ट के मुताबिक, अंतिम संस्कार में लश्कर-ए-तैयबा का उप प्रमुख सैफुल्ला कसूरी भी मौजूद था। रिपोर्ट में उसे 2025 के पहलगाम आतंकी हमले का मुख्य साजिशकर्ता बताया गया है। इस हमले में 26 लोगों की जान गई थी।
पाकिस्तान का 'टेरर लव' फिर उजगर
पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज शोएब अख्तर के भाई के अंतिम संस्कार में लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) की राजनीतिक शाखा मानी जाने वाली पाकिस्तान मरकज़ी मुस्लिम लीग (पीएमएमएल) के नेताओं की मौजूदगी को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। इस घटना के बाद एक बार फिर पाकिस्तान में आतंकियों को मिलने वाले कथित संरक्षण को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
शोएब अख्तर ने सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा कर अपने बड़े भाई शाहिद अख्तर के निधन की जानकारी दी थी। उन्होंने लिखा कि उनके भाई "अल्लाह के पास लौट गए हैं" और अंतिम संस्कार की नमाज का समय भी बताया। हालांकि, अंतिम संस्कार में लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े लोगों की मौजूदगी को लेकर सामने आई खबरों पर शोएब अख्तर ने अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।
भारत लंबे समय से पाकिस्तान पर आतंकवादी संगठनों को पनाह देने का आरोप लगाता रहा है, जबकि पाकिस्तान इन आरोपों को लगातार खारिज करता आया है। माना जा रहा है कि इस ताजा मामले के बाद सीमा पार आतंकवाद को लेकर दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ सकता है। हाल ही में सामने आए एक वीडियो में लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) के उप प्रमुख सैफुल्ला कसूरी कथित तौर पर यह कहते हुए सुनाई देता है कि पाकिस्तान की सेना उसे कई आधिकारिक कार्यक्रमों में बुलाती है। वीडियो में वह यह दावा भी करता है कि उसे सैन्य कर्मियों के अंतिम संस्कार की नमाज पढ़ाने के लिए भी बुलाया जाता है।