Nepal Bus Accident: नेपाल के धाडिंग जिले में गजुरी के पास सोमवार (23 फरवरी) तड़के एक यात्री बस के त्रिशूली नदी में गिर जाने से कम से कम 18 लोगों की मौत हो गई। इस दर्दनाक बस हादसे में दो दर्जन से अधिक यात्री घायल हो गए हैं। बस पोखरा से राजधानी काठमांडू जा रही थी। 40 से अधिक यात्रियों को ले जा रही बस काठमांडू से लगभग 90 किलोमीटर दूर पश्चिम में पृथ्वी हाईवे पर गजुरी के पास नदी में गिर गई। 'काठमांडू पोस्ट' के अनुसार धाडिंग जिला ट्रैफिक पुलिस कार्यालय के प्रमुख शिशिर थापा ने कहा कि न्यूज़ीलैंड के दो टूरिस्ट समेत मरने वालों की संख्या 18 तक पहुंच गई है।
सशस्त्र पुलिस बल के प्रवक्ता बिष्णु प्रसाद भट्ट के अनुसार, पोखरा से काठमांडू आ रही बस रविवार (22 फरवरी) देर रात डेढ़ बजे काठमांडू से करीब 90 किलोमीटर पश्चिम में पृथ्वी हाईवे पर त्रिशूली नदी में जा गिरी। इससे कई यात्री हताहत हो गए। भट्ट ने बताया कि दुर्घटनास्थल से 18 शव बरामद किए गए हैं। जबकि बस से 28 घायल यात्रियों को निकाला गया।
उन्होंने बताया कि घायल यात्रियों को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। बचाव कार्य में नेपाल सेना, सशस्त्र पुलिस बल और नेपाल पुलिस के कर्मियों को लगाया गया है। हादसे में मारे गए लोगों में एक पुरुष यात्री न्यूजीलैंड का था। घटना में घायल लोगों में जापान और नीदरलैंड की एक-एक महिला शामिल है।
पुलिस ने कहा कि हादसे का सटीक कारण अभी पता नहीं चल पाया है। लेकिन संभवत: अत्यधिक तेज गति से बस चलाए जाने के कारण यह हादसा हुआ। अधिकारियों ने बताया कि इस हादसे में जान गंवाने वाले 18 लोगों में से 12 पुरुष और छह महिलाएं शामिल हैं। कुल 26 घायल यात्रियों को बचाकर इलाज के लिए अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। बस में कुल 44 यात्री सवार थे।
एक अधिकारी ने बताया कि बस पृथ्वी हाईवे पर जा रही थी, तभी रात करीब 1 बजे धाडिंग जिले के बेनीघाट रोरंग ग्रामीण नगर पालिका-5 के भैसेपाटी इलाके के पास वह सड़क से फिसल गई। इसके बाद बस ढलान से करीब 300 मीटर नीचे नदी में गिर गई। बस नदी किनारे बुरी तरह डैमेज मिली।
नेपाल आर्मी, आर्म्ड पुलिस फोर्स और नेपाल पुलिस ने मिलकर रेस्क्यू ऑपरेशन चला रहे हैं। मुश्किल इलाका, अंधेरा और राहत का सामान न होने की वजह से रेस्क्यू मिशन में काफी मुश्किलें आ रही है। बचे हुए लोगों को नाव से लगभग एक किलोमीटर नीचे लाया गया। फिर उन्हें सड़क तक ले जाया गया। उसके बाद एम्बुलेंस से हॉस्पिटल ले जाया गया।
चीफ डिस्ट्रिक्ट ऑफिसर सुवेदी ने कहा कि घायलों को रात में टॉर्च की रोशनी में बचाया गया। उन्होंने माना कि मौके पर राहत का सामान कम था। अधिकारी ने बताया कि यात्रियों में विदेशी पर्यटक भी शामिल थे। मरने वालों में न्यूजीलैंड की एक महिला और एक पुरुष भी शामिल हैं। फिलहाल, मामले की जांच शुरू कर दी गई है।