Balen Shah India Visit Updates: नेपाल के नवनिर्वाचित प्रधानमंत्री बालेन शाह के भारत दौरे को लेकर कई तरह की बातें चल रही हैं। वैसे तमाम अटकलों पर अब खुद नेपाल सरकार ने विराम लगा दिया है। सरकार के आधिकारिक प्रवक्ता सस्मित पोखरेल ने साफ किया है कि प्रधानमंत्री अपने कार्यकाल के शुरुआती 100 दिनों तक देश से बाहर किसी भी विदेशी दौरे पर नहीं जाएंगे।
नेपाल कैबिनेट की बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि प्रधानमंत्री का पूरा ध्यान इस समय सरकार के '100 दिवसीय एजेंडे' को जमीन पर उतारने पर है, जिसकी वजह से वे बेहद व्यस्त हैं।
'सिर्फ भारत ही नहीं, किसी भी देश नहीं जा रहे बालेन शाह'
काठमांडू के सिंह दरबार में हुई कैबिनेट बैठक के बाद नेपाल सरकार के मंत्री और प्रवक्ता सस्मित पोखरेल ने प्रधानमंत्री के विदेशी दौरों को लेकर स्थिति पूरी तरह साफ की। देश के शिक्षामंत्री और प्रवक्ता पोखरेल ने कहा, 'प्रधानमंत्री इस समय सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि दुनिया के किसी भी देश के दौरे पर नहीं जा रहे हैं। वे सरकार के 100 दिनों के विशेष कार्य योजना को लागू करने में पूरी तरह व्यस्त हैं।'
नेपाल सरकार का कहना है कि पूरी कैबिनेट और खुद प्रधानमंत्री का ध्यान इस समय देश के भीतर तय किए गए शुरुआती लक्ष्यों को पूरा करने पर केंद्रित है।
भारी बहुमत से सत्ता में आए हैं बालेन शाह
नेपाल की राजनीति में बालेन शाह का प्रधानमंत्री बनना एक बेहद ऐतिहासिक घटनाक्रम रहा है। नेपाल में इसी साल 5 मार्च को प्रतिनिधि सभा के चुनाव हुए थे। इन चुनावों में बालेन शाह की पार्टी 'राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी' (RSP) ने लगभग दो-तिहाई का प्रचंड बहुमत हासिल किया।
चुनाव जीतने के बाद बालेन शाह ने इसी साल 27 मार्च को नेपाल के प्रधानमंत्री के रूप में कार्यभार संभाला था। इस लिहाज से उनके कार्यकाल के 100 दिन जुलाई के शुरुआती हफ्ते में पूरे होंगे।
रवि लामिछाने के भारत दौरे से क्यों जोड़ा जा रहा था नाम?
नेपाल के प्रधानमंत्री के भारत न आने को लेकर चर्चा इसलिए भी तेज थी क्योंकि उनकी ही पार्टी (RSP) के अध्यक्ष रवि लामिछाने जल्द ही भारत के दौरे पर आने वाले हैं।
जब पत्रकारों ने पूछा कि प्रधानमंत्री बालेन की जगह पार्टी अध्यक्ष रवि लामिछाने भारत क्यों जा रहे हैं, तो सरकार ने स्पष्ट किया कि इन दोनों बातों का आपस में कोई संबंध नहीं है।
प्रवक्ता पोखरेल ने कहा, 'हमारे पार्टी अध्यक्ष रवि लामिछाने अपनी निजी और राजनीतिक क्षमता में भारत का दौरा कर रहे हैं। उनके इस दौरे का प्रधानमंत्री के प्रोटोकॉल या सरकारी दौरे से कोई लेना-देना नहीं है'।
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, भारत सरकार के निमंत्रण पर रवि लामिछाने 1 जून को भारत के दौरे पर रवाना हो सकते हैं, हालांकि इसकी आधिकारिक तारीखों का ऐलान होना अभी बाकी है। नेपाल सरकार ने साफ कर दिया है कि पड़ोसी देशों के साथ रिश्ते मजबूत रहेंगे, लेकिन पीएम बालेन पहले अपने देश के भीतर 100 दिन का रिपोर्ट कार्ड मजबूत करना चाहते हैं।