Netanyahu Likud Election Theft Claims: इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की पार्टी लिकुड (Likud) ने देश के संसदीय चुनावों में बड़े पैमाने पर धांधली का आरोप लगाया है। लिकुड पार्टी ने अरब इजरायली पार्टियों पर 'चुनाव चुराने' का संगीन आरोप लगाते हुए पुलिस और खुफिया एजेंसी शिन बेट से जांच और अपराधियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
यह विवाद तब सामने आया है जब शुरुआती नतीजों में यह साफ हो गया है कि न तो नेतन्याहू का दक्षिणपंथी गठबंधन और न ही विपक्षी गठबंधन अकेले सरकार बनाने के लिए आवश्यक 61 सीटों का बहुमत आंकड़ा हासिल कर पा रहा है। ऐसे में अरब पार्टियां सरकार बनाने में 'किंगमेकर' की भूमिका में नजर आ रही हैं।
लिकुड पार्टी के गंभीर आरोप: 'हिंसा, फर्जीवाड़ा और वोट चोरी'
लिकुड पार्टी ने बुधवार को जारी एक आधिकारिक बयान में कहा कि चुनाव को 'आतंकवाद और यहूदी राज्य के विनाश का समर्थन करने वाली अरब पार्टियों द्वारा चुरा लिया गया है।' पार्टी का दावा है कि चुनाव प्रक्रिया के दौरान:
पुलिस कार्रवाई और वोट खरीदने का मामला
इन आरोपों के बीच इजरायल पुलिस ने 'Raam' पार्टी के लिए वोट खरीदने के संदेह में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने छापेमारी के दौरान पैसे से भरे लिफाफे और करीब 24,000 शेकेल (लगभग $7,900 / ₹6.6 लाख) नकद जब्त किए हैं।
सेंट्रल इलेक्शन कमेटी के कार्यवाहक महानिदेशक डीन लिवने ने इस घटना को 'असामान्य' बताते हुए पुष्टि की कि पुलिस ने पोलिंग स्टेशन पहुंचने से पहले मतदाताओं को रिश्वत देने की कोशिश कर रहे संदिग्धों को पकड़ा है। वैसे उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह एक अलग मामला है और इसकी जांच जारी है।
नेतन्याहू और अरब नेताओं के बीच जुबानी जंग तेज
मतदान के दौरान ही प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने आरोप लगाया था कि अरब पार्टियां चुनाव चुराने की कोशिश कर रही हैं।
पूर्व सेना प्रमुख गादी आइजनकोट (Gadi Eisenkot) के नेतृत्व वाले मुख्य विपक्षी दल ने नेतन्याहू पर निशाना साधते हुए कहा कि वे 'चुनाव परिणामों को चुनौती देने और खारिज करने की जमीन तैयार कर रहे हैं।'
'Raam' पार्टी के नेता मंसूर अब्बास ने नेतन्याहू के दावों को खारिज करते हुए कहा कि पीएम दक्षिणपंथी मतदाताओं को एकजुट करने के लिए 'झूठ बोल रहे हैं और उनके खिलाफ उकसावे की राजनीति कर रहे हैं।'
चुनाव में अरब पार्टियां बनीं 'किंगमेकर'
85 प्रतिशत से अधिक वोटों की गिनती पूरी होने के बाद इजरायल की 120 सीटों वाली संसद में स्थिति इस प्रकार दिख रही है:
आपको बता दें कि इजरायल में सरकार बनाने के लिए 61 सीटों के स्पष्ट बहुमत की जरूरत होती है। चूंकि दोनों मुख्य धड़े बहुमत से दूर हैं, इसलिए 19 सीटें जीतने का अनुमान लगा रही अरब पार्टियां नया प्रधानमंत्री तय करने में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। गौरतलब है कि 7 अक्टूबर 2023 के हमास हमले के बाद यह इजरायल का पहला आम चुनाव है।