मिडिल ईस्ट में फिर से भयंकर तबाही की आहट! होर्मुज की नाकेबंदी पर ट्रंप के साथ आए नेतन्याहू; बोले- 'सीजफायर कभी भी हो सकता है खत्म'

US-Iran War: इजरायल ने ट्रंप द्वारा ईरान पर लगाई गई नौसैनिक नाकेबंदी का पूरा समर्थन किया है। नेतन्याहू ने कहा कि ईरान ने पाकिस्तान की मेजबानी में हुई शांति वार्ता के नियमों का उल्लंघन किया है, जिसके कारण यह सख्त कदम उठाना पड़ा

अपडेटेड Apr 13, 2026 पर 6:08 PM
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यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका कुछ ही घंटों में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की समुद्री नाकेबंदी शुरू करने वाला है

Benjamin Netanyahu: मिडिल ईस्ट में शांति की उम्मीदों को एक बड़ा झटका लगा है। इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने साफ कर दिया है कि ईरान के साथ मौजूदा सीजफायर बहुत नाजुक स्थिति में है और यह किसी भी पल खत्म हो सकता है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका कुछ ही घंटों में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की समुद्री नाकेबंदी शुरू करने वाला है।

'ईरान ने तोड़े सीजफायर के नियम'

इजरायली कैबिनेट की बैठक के बाद जारी एक वीडियो बयान में नेतन्याहू ने अमेरिका के सख्त फैसलों का खुलकर समर्थन किया। नेतन्याहू ने चेतावनी दी कि ईरान के साथ हुआ युद्धविराम 'जल्द ही समाप्त हो सकता है।' उन्होंने संकेत दिया कि कूटनीतिक कोशिशों के बावजूद जमीन पर स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है।


इजरायल ने ट्रंप द्वारा ईरान पर लगाई गई नौसैनिक नाकेबंदी का पूरा समर्थन किया है। नेतन्याहू ने कहा कि ईरान ने पाकिस्तान की मेजबानी में हुई शांति वार्ता के नियमों का उल्लंघन किया है, जिसके कारण यह सख्त कदम उठाना पड़ा। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस पूरे मामले में इजरायल और अमेरिका पूरी तरह से एक-दूसरे के संपर्क में हैं और मिलकर रणनीति बना रहे हैं।

होर्मुज की नाकेबंदी का काउंटडाउन शुरू

अमेरिका द्वारा होर्मुज जलसंधि में ईरानी जहाजों को रोकने का समय नजदीक आ गया है। इस नाकेबंदी का उद्देश्य ईरान की अर्थव्यवस्था और उसके सैन्य रसद पर लगाम लगाना है। नेतन्याहू के बयान से साफ है कि यदि तनाव बढ़ता है, तो इजरायल सैन्य रूप से अमेरिका के साथ खड़ा दिखाई दे सकता है।

भारत के लिए ईरान ने बढ़ाया 'दोस्ती वाला' हाथ

एक तरफ जहां अमेरिका और इजरायल कड़े रुख अपना रहे हैं, वहीं ईरान ने भारत के साथ अपने संबंधों को बचाने की कोशिश तेज कर दी है। भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फथली ने कहा कि ईरान सरकार भारत के साथ लगातार संपर्क में है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि ईरान चाहता है कि होर्मुज जलसंधि से भारतीय जहाजों का आवागमन बिना किसी रुकावट के होता रहे और इसके लिए तेहरान नई दिल्ली की हर संभव मदद करने के लिए तैयार है।

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