ट्रंप का जलवा! अमेरिकी राष्ट्रपति के चेहरे वाला $1 का नया सिक्का तैयार, ट्रेजरी विभाग के एक फैसले से मचा बवाल
New 1 Dollar Coin Donald Trump: अब ट्रंप का चेहरा सिक्के पर भी आने वाला है। अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने ऐलान किया है कि अमेरिका की 250वीं वर्षगांठ के मौके पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के चेहरे वाला 1 डॉलर का चमचमाता सिक्का तैयार किया जा रहा है। फिलाडेल्फिया की सरकारी टकसाल में इसका प्रोडक्शन भी शुरू हो चुका है
अमेरिकी इतिहास में ऐसा सिर्फ दूसरी बार हो रहा है जब किसी जीवित व्यक्ति या राष्ट्रपति की तस्वीर को करेंसी पर छापा जा रहा है
US Mint $1 Coin Featuring Donald Trump: अमेरिका से एक ऐसी खबर आई है जिसने पूरी दुनिया को हक्का-बक्का कर दिया है। अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने ऐलान किया है कि अमेरिका की 250वीं वर्षगांठ के मौके पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के चेहरे वाला 1 डॉलर का चमचमाता सिक्का तैयार किया जा रहा है। फिलाडेल्फिया की सरकारी टकसाल में इसका प्रोडक्शन भी शुरू हो चुका है।
यह खबर जितनी बड़ी है, इसके पीछे का ड्रामा उससे भी कहीं ज्यादा दिलचस्प है। अमेरिकी इतिहास में ऐसा सिर्फ दूसरी बार हो रहा है जब किसी जीवित व्यक्ति या राष्ट्रपति की तस्वीर को करेंसी पर छापा जा रहा है। ट्रंप के विरोधी जहां इसे गैरकानूनी बता रहे हैं, वहीं सरकार ने 150 साल पुराने एक कानून का ऐसा तोड़ निकाला है कि आलोचक भी हैरान हैं। आइए समझते हैं इस सिक्के से जुड़ा पूरा विवाद।
सिक्के का डिजाइन: पहले तय था 'फाइट, फाइट, फाइट' वाला लुक!
इस विशेष सिक्के के डिजाइन को लेकर पर्दे के पीछे काफी बदलाव किए गए हैं, जो अब जाकर सार्वजनिक हुए हैं:
सामने का हिस्सा: सिक्के के अगले हिस्से पर डोनाल्ड ट्रंप का चेहरा है। साथ में अमेरिकी लोकतंत्र के मूल मंत्र- 'Liberty' (स्वतंत्रता), 'In God We Trust' (हमें भगवान पर भरोसा है) और आजादी के 250 साल का जश्न मनाता '1776-2026' उकेरा गया है।
पीछे का हिस्सा: सिक्के के पिछले हिस्से पर अमेरिकी राष्ट्रपति की आधिकारिक मुहर वाला 'बाल्ड ईगल' शान से बैठा दिखाई देगा।
सीक्रेट ड्राफ्ट से हुआ बड़ा खुलासा
अक्टूबर में जो शुरुआती सीक्रेट ड्राफ्ट बनाया गया था, वह बेहद आक्रामक था। उसमें सिक्के के पीछे ट्रंप की वो ऐतिहासिक तस्वीर लगाने की तैयारी थी, जब 2024 में उन पर जानलेवा हमला हुआ था और वे घायल हालत में मुट्ठी हवा में लहराते हुए 'Fight, Fight, Fight' चिल्ला रहे थे। हालांकि, बाद में विवाद से बचने के लिए इसे बदल दिया गया।
इस अनोखे सम्मान पर खुद ट्रंप ने फॉक्स बिजनेस को दिए इंटरव्यू में मुस्कुराते हुए कहा, 'उन्होंने मुझे एक सिक्का दिया है। जहां तक मैं जानता हूं, यह बहुत ही असाधारण और दुर्लभ बात है। मैं इससे बेहद सम्मानित महसूस कर रहा हूं।'
क्यों कहा जा रहा है कि यह सिक्का 'गैरकानूनी' है?
जैसे ही सिक्के की ढलाई शुरू हुई, अमेरिकी संसद से लेकर टीवी चैनलों पर वकीलों ने मोर्चा खोल दिया। आलोचकों के पास ट्रंप को घेरने के लिए दो मजबूत कानूनी हथियार हैं:
1866 का ऐतिहासिक कानून: अमेरिका का 1866 का एक बेहद सख्त कानून कहता है कि किसी भी जीवित व्यक्ति की तस्वीर को अमेरिकी करेंसी पर नहीं लगाया जा सकता, ताकि कोई राष्ट्रपति खुद को 'राजा' न समझने लगे।
2020 का संसद का प्रस्ताव: अमेरिकी कांग्रेस ने साल 2020 में देश की 250वीं वर्षगांठ के लिए विशेष सिक्का बनाने की मंजूरी तो दी थी, लेकिन उसमें साफ-साफ शर्त जोड़ी थी कि यह डिजाइन किसी भी जीवित व्यक्ति का नहीं होना चाहिए।
'नोट' और 'सिक्के' के फर्क से पलटा गेम
जब विवाद बढ़ा, तो ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने फॉक्स न्यूज पर आकर ऐसा तर्क दिया जिसने विरोधियों को करारा जवाब दिया। उन्होंने कानून की एक ऐसी बारीक लाइन ढूंढ निकाली जिससे पूरा गेम ही पलट गया:
नोट बनाम सिक्का: सरकार का कहना है कि 1866 का कानून केवल 'कागजी नोटों' पर लागू होता है, जिसे 'ब्यूरो ऑफ एनग्रेविंग एंड प्रिंटिंग' छापता है। लेकिन यह सिक्का है, जिसे 'यूएस मिंट' ढाल रहा है, इसलिए इस पर यह पाबंदी लागू ही नहीं होती।
इतिहास से निकाला सबूत: बेसेंट ने आलोचकों को याद दिलाया कि ठीक 100 साल पहले जब अमेरिका अपनी 150वीं वर्षगांठ मना रहा था, तब तत्कालीन राष्ट्रपति केल्विन कूलिज के जीवित रहते हुए उनकी तस्वीर का सिक्का जारी किया गया था। सरकार का सीधा स्टैंड है जब तब ऐसा हो सकता था, तो अब क्यों नहीं?