Operation Hawkeye Strike: अमेरिकी सेना ने सीरिया में एक बड़ा हवाई हमला करते हुए अल-कायदा से जुड़े वरिष्ठ आतंकी नेता बिलाल हसन अल-जासिम को मार गिराया है। यह कार्रवाई पिछले महीने 13 दिसंबर को हुए उस घातक हमले का जवाब है, जिसमें दो अमेरिकी सैनिक और एक नागरिक ट्रांसलेटर की जान चली गई थी। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, मारा गया आतंकी उस ISIS नेटवर्क से जुड़ा था जिसने अमेरिकी सुरक्षाबलों पर घात लगाकर हमला किया था। राष्ट्रपति ट्रंप के आदेश पर शुरू किए गए इस 'ऑपरेशन हॉकआई स्ट्राइक' के तहत अब तक आतंकवादियों के 100 से अधिक ठिकानों को नष्ट किया जा चुका है।
अमेरिकी नेतृत्व वाली गठबंधन सेना ने सीरियाई बलों और जॉर्डन के साथ मिलकर यह बड़ा अभियान चलाया है। इस ऑपरेशन में अब तक 200 से अधिक सटीक हथियारों का उपयोग करके ISIS के बुनियादी ढांचे और हथियारों के ठिकानों को तबाह किया गया है। पिछले एक साल में अमेरिकी सेना ने सीरिया में 300 से अधिक ISIS गुर्गों को पकड़ा है और 20 से ज्यादा को मार गिराया है। एडमिरल ब्रैड कूपर ने स्पष्ट संदेश दिया है कि अमेरिकी नागरिकों या सैनिकों पर हमला करने वालों के लिए दुनिया में कहीं भी छिपने की जगह नहीं है।
क्षेत्रीय सहयोग और ट्रंप की रणनीति
सीरिया में सत्ता परिवर्तन के बाद आतंकवाद के खिलाफ अमेरिका का रुख और कड़ा हुआ है। राष्ट्रपति ट्रंप ने बताया कि अमेरिकी सैनिक अब सीरियाई बलों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम कर रहे हैं। ट्रंप के अनुसार, सीरिया के वर्तमान राष्ट्रपति अहमद अल-शराअ इस आतंकी हमले से बेहद नाराज थे और उन्होंने आतंकियों के खिलाफ सहयोग का भरोसा दिया है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य असद शासन के पतन के बाद दोबारा संगठित होने की कोशिश कर रहे 'ISIS के गुर्गों' को पूरी तरह खत्म करना है।
अमेरिकियों की हत्या का बदला लेने के लिए चलाया ऑपरेशन
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर अमेरिकी सेना ने 'ऑपरेशन हॉकआई स्ट्राइक' शुरू किया था। इस अभियान में अमेरिका को जॉर्डन और सीरियाई बलों का भी सक्रिय सहयोग मिल रहा है। इस सैन्य कार्रवाई के दौरान अब तक आतंकियों के 100 से अधिक ठिकानों और हथियारों के जखीरे को नष्ट किया जा चुका है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने स्पष्ट कर दिया है कि अमेरिकी नागरिकों पर हमला करने वाले आतंकवादियों के लिए अब कोई भी जगह सुरक्षित नहीं है और उनका सफाया जारी रहेगा।