अमेरिका और ईरान के बीच शुक्रवार को स्विट्जरलैंड में एक ऐतिहासिक समझौते (MoU) पर दस्तखत होने वाले हैं। दोनों देशों ने भले ही इस डील की शर्तों को बेहद गुप्त रखा था, लेकिन अमेरिकी न्यूज चैनल सीएनएन (CNN) के हाथ इस समझौते का '14-पॉइंट वाला सीक्रेट ड्राफ्ट' लग गया है। चौंकाने वाली बात ये है कि इस MoU में दुनिया के सबसे अहम तेल रास्ते स्ट्रेट ऑफ होर्मूज के भविष्य को लेकर कुछ भी तय नहीं हुआ है।
हालांकि, व्हाइट हाउस और ईरानी मीडिया दोनों ही इस लीक हुए ड्राफ्ट को पूरी तरह सटीक नहीं मान रहे हैं, लेकिन G7 समिट में मौजूद राजनयिकों ने इसकी मुख्य बातों की पुष्टि की है। इस ड्राफ्ट के मुताबिक, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बागेर गालिबफ पहले ही इस पर डिजिटल साइन कर चुके हैं।
आइए बेहद आसान भाषा में समझते हैं कि दुनिया के इन दो कट्टर दुश्मनों के बीच हुए इस गुप्त समझौते के उन 14 पॉइंट्स में क्या लिखा है:
अधिकारियों का क्या कहना है?
अमेरिकी अधिकारियों ने CNN को बताया कि यह सिर्फ एक "राजनीतिक दस्तावेज" है। असली और महत्वपूर्ण वादे, खासकर ईरान के परमाणु कार्यक्रम के भविष्य को लेकर पर्दे के पीछे की गुप्त बातचीत (Back-Channel) में हुए हैं, जिनका जिक्र इस ड्राफ्ट में नहीं है। अब पूरी दुनिया की नजरें शुक्रवार को स्विट्जरलैंड में होने वाले आधिकारिक हस्ताक्षरों पर टिकी हैं।