ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत ने अपनी सैन्य ताकत और मॉडर्न वारफेयर का ऐसा प्रदर्शन किया, जिसने पाकिस्तान का हाल बेहाल कर दिया था। इस ऑपरेशन में भारतीय सेना ने पाकिस्तान के कई अहम एयर बेस, एयर डिफेंस सिस्टम और रणनीतिक संसाधनों को निशाना बनाकर पाक सेना ऐसा हाल किया था कि पूरी दुनिया के सामने उसकी पोल खुल गई थी। भारत के मिली करारी शिकस्त के बाद पाकिस्तान ने अपनी सैन्य रणनीति में बड़े बदलाव शुरू कर दिए हैं। अब वह अपनी कमजोरियों को दूर करने के लिए चीन और तुर्की जैसे देशों की मदद से सेना के मॉर्डनाइजेशन पर काम कर रहा है। स्टील्थ लड़ाकू विमान, लंबी दूरी की मिसाइलें, आधुनिक ड्रोन, लेज़र हथियार और नए एयर डिफेंस सिस्टम को शामिल करने की तैयारी की जा रही है।
सेना को तेजी से मजबूत कर रहा है पाकिस्तान
ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान अपनी सेना को तेजी से मजबूत करने में जुट गया है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान लड़ाकू विमानों, मिसाइलों, ड्रोन और आधुनिक हथियारों पर बड़ा निवेश कर रहा है। इसके लिए उसे चीन और तुर्की का सबसे ज्यादा सहयोग मिल रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान तुर्की से 1,000 से अधिक आधुनिक ड्रोन (यूएवी) खरीदने की तैयारी कर रहा है। साथ ही ड्रोन और टारगेट पर हमला करने वाले लोइटरिंग म्यूनिशन (आत्मघाती ड्रोन) की संख्या भी बढ़ाई जाएगी।
चीन से मिलेगा स्टील्थ फाइटर प्लेन
पाकिस्तानी सेना अपनी 5 आर्टिलरी रेजिमेंट (तोपखाना) को मिसाइल रेजिमेंट में बदलने की योजना पर काम कर रही है। इसके अलावा देश का एयर डिफेंस नेटवर्क भी लगातार मजबूत किया जा रहा है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि पाकिस्तान को 2026 के आखिर तक चीन से 40 जे-35 स्टील्थ फाइटर प्लेन मिलने की उम्मीद है। वहीं, चीनी तकनीक की मदद से हाई-एनर्जी लेज़र हथियार भी विकसित किए जा रहे हैं।
अटैक हेलीकॉप्टर को कर रहा अपग्रेड
इसके अलावा पाकिस्तानी सेना के 29 कोबरा अटैक हेलीकॉप्टरों को अपग्रेड किया जाएगा और 30 से ज्यादा जेड-10 अटैक हेलीकॉप्टर शामिल करने की भी योजना है। रिपोर्ट के मुताबिक, चीन पाकिस्तान को 200 से अधिक एसएच-15 तोपें भी उपलब्ध करा चुका है। कुल मिलाकर पाकिस्तान अपनी सैन्य ताकत बढ़ाने के लिए बड़े पैमाने पर आधुनिकीकरण की दिशा में काम कर रहा है।