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‘जाना था जापान पहुंच गये चीन’, पाकिस्तान एयरलाइन ने यात्री को कराची के टिकट पर पहुंचाया सउदी

पाकिस्तान में एक यात्री को लाहौर से कराची जाना था, लेकिन वो साउदी पहुंच गया। जेद्दा एयरपोर्ट पर लैंड करने के बाद उसे वापस पाकिस्तान तो भेजा गया, लेकिन कराची नहीं लाहौर। इससे अजीबो गरीब बात ये कि उसका सामान एयरलाइन वालों ने कराची पहुंचा दिया।

MoneyControl Newsअपडेटेड Jul 14, 2025 पर 8:55 PM
‘जाना था जापान पहुंच गये चीन’, पाकिस्तान एयरलाइन ने यात्री को कराची के टिकट पर पहुंचाया सउदी

इस खबर को पढ़कर आप की भी हंसी छूट सकती है। ‘जाना था जापान पहुंच गये चीन’ बॉलीवुड का बहुत पुराना गाना है। लेकिन इसका उदाहरण अक्सर तब दिया जाता है, जब कोई कुछ काम करने जा रहा हो या कहीं जा रहा हो, और कहीं और ही पहुंच जाए। ऐसा ही एक वाक्या हुआ है हमारे पड़ोसी देश पाकिस्तान में एक यात्री के साथ, जिसे लाहौर से कराची जाना था, लेकिन वो साउदी पहुंच गया। जेद्दा एयरपोर्ट पर लैंड करने के बाद उसे वापस पाकिस्तान तो भेजा गया, लेकिन कराची नहीं लाहौर। इससे भी अजीबो गरीब बात ये कि उसका सामान एयरलाइन वालों ने कराची पहुंचा दिया।

ये घटना 7 जुलाई की है। कराची के एक इलेक्ट्रिकल इंजीनियर मलिक शाहजैन ने लाहौर से कराची जाने के लिए घरेलू एयरलाइन कंपनी एयरसियाल का टिकट खरीदा। वह समय से एयरपोर्ट पहुंचे और उन्होंने अपना पहले से बुक बोर्डिंग पास दिखाया, जिसके बाद उन्हें लाउंज और प्रस्थान द्वार पर ले जाया गया। यहीं पर गड़बड़ हो गई। शाहजैन के मुताबिक टर्मिल पर उस वक्त एयरसियाल के दो विमान थे। एक घरेलू उड़ान के लिए और दूसरा इंटरनेशनल उड़ान वाला। कर्मचारियों ने बिना ठीक से जांचे उन्हें साउदी जाने वाले विमान में बिठा दिया। इसका एहसास उन्हें तब हुआ जब दो घंटे के बाद भी विमान लैंड नहीं हुआ। उन्होंने एयरहोस्टेस से इस बारे में पूछताछ की तो शाहजैन सहित सबके होश उड़ गये।

कराची में रहने वाले शाहजैन ऑफिस के काम से लाहौर आए थे, जहां उन्हें अपने बेटे के बीमार होने की खबर मिली और उन्होंने वापसी के लिए एयरसियाल से टिकट बुक कराया। जेद्दा लैंड करने के बाद इमिग्रेशन अधिकारियों ने उनसे घंटों पूछताछ के बाद वापस लाहौर भेज दिया। यहां पहुंचने के बाद एयरलाइन ने उन्हे बताया कि कराची जाने के लिए उन्हें अपने पास से टिकट खरीदना होगा। इतना ही नहीं उनका सामान भी कराची पहुंचा दिया गया है। हालांकि एयरलाइन स्टाफ ने अपनी गलती मान ली। मगर शाहजैन को अभी भी उनकी तरफ से औपचारिक माफी और जवाब का इंतजार है।

शाहजैन के लिए दो घंटे की यात्रा 15 घंटों का सितम बन गई। उन्होंने अपने बेटे के पास जल्दी पहुंचने के लिए फ्लाइट का टिकट बुक कराया था, लेकिन ये यात्रा कुछ ज्यादा ही लंबी हो गई।

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