पाकिस्तान के रक्षा मंत्री और नवाज शरीफ के करीबी सहयोगी ख्वाजा आसिफ ने पहली बार सार्वजनिक रूप से कबूल किया है कि देश में "हाइब्रिड मॉडल" की सरकार चल रही है, जिसमें सेना की मजबूत भूमिका है। यह बयान ऐसे समय आया है, जब लोकतंत्र और सत्ता के असली केंद्र को लेकर पाकिस्तान में बहस फिर से गरमा गई है। यह एक हफ्ते में दूसरी बार है, जब प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के मंत्री आसिफ ने हाइब्रिड व्यवस्था की मौजूदगी को स्वीकार किया है। विश्लेषक लंबे समय से इस व्यवस्था की आलोचना करते रहे हैं और इसे वास्तविक पवर शेयरिंग मॉडल के बजाय "सहायक हितों की पूर्ति के लिए स्थापित एक निश्चित सरकार" बताते रहे हैं।
